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इस हफ्ते शेयर मार्केट में क्या होगा? US Fed से लेकर Q1 FY27 रिजल्ट तक, ये 5 ट्रिगर तय करेंगे बाजार की चाल

इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार की दिशा US Fed की FOMC बैठक, Q1 FY27 Results, अमेरिका-ईरान तनाव, Brent Crude और WTI Crude की कीमतों तथा FII-DII की गतिविधियों से तय हो सकती है. निवेशकों की नजर L&T, Hindustan Unilever (HUL), Adani Enterprises, IRFC, ITC समेत कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी रहेगी.

शेयर बाजार Image Credit: money9live.com

Indian Stock Market: पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. इसके चलते Sensex साप्ताहिक आधार पर 2.57 फीसदी गिरकर 76,059.77 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 1.67 फीसदी फिसलकर 23,767.45 पर आ गया. इसके अलावा Midcap और Smallcap इंडेक्स में भी क्रमश: 1.29 फीसदी और 2.18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह भी बाजार की दिशा कई घरेलू और वैश्विक घटनाक्रम तय करेंगे. US Fed की बैठक, Q1 FY27 रिजल्ट, अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और FII-DII की गतिविधियां निवेशकों की नजर में रहेंगी.

US Fed की बैठक पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर

इस सप्ताह US Federal Reserve की FOMC बैठक 28-29 जुलाई को होने वाली है. बाजार को उम्मीद है कि Fed इस बार ब्याज दरों को 3.50-3.75 फीसदी के दायरे में स्थिर रख सकता है. हालांकि, एनर्जी कीमतों में तेजी और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण निवेशकों की नजर Fed Chair Kevin Warsh के बयान पर भी रहेगी. अगर Fed की ओर से सख्त रुख अपनाया जाता है या भविष्य में ब्याज दर बढ़ाने के संकेत मिलते हैं, तो इसका असर वैश्विक शेयर बाजारों के साथ भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है.

Q1 FY27 रिजल्ट से तय होगी सेक्टरों की चाल

इस सप्ताह अप्रैल-जून तिमाही (Q1 FY27) के रिजल्ट का सिलसिला और तेज होगा. कई दिग्गज कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी, जिनमें L&T, Hindustan Unilever (HUL), Bharat Electronics (BEL), Adani Enterprises, IRFC और ITC जैसी कंपनियां शामिल हैं. विश्लेषकों का मानना है कि केवल नतीजे ही नहीं, बल्कि कंपनियों की भविष्य की रणनीति और Management Commentary भी निवेशकों के लिए बेहद अहम रहेगी. बेहतर नतीजे देने वाली कंपनियों के शेयरों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है.

अमेरिका-ईरान तनाव पर बनी रहेगी नजर

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिलहाल पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, US President Donald Trump ने फिलहाल ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की योजना को रोक दिया है. हालांकि, क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है. यदि ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी तरह का हमला होता है या होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग प्रभावित होती है, तो वैश्विक बाजारों में फिर से अस्थिरता बढ़ सकती है. इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार और रुपये पर भी पड़ सकता है.

कच्चे तेल की कीमतें रहेंगी सबसे बड़ा संकेत

पिछले सप्ताह Brent Crude एक समय 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था, जबकि WTI Crude भी 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया. हालांकि, सप्ताह के अंत में चीन की ओर से अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की कोशिशों की खबर के बाद तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई. इसके बावजूद निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों पर बनी रहेगी. अगर तेल की कीमतें फिर से बढ़ती हैं, तो भारत के लिए महंगाई, चालू खाते के घाटे और आयात बिल को लेकर चिंता बढ़ सकती है. इससे शेयर बाजार पर दबाव देखने को मिल सकता है.

FII और DII की खरीद-बिक्री भी करेगी असर

विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी इस सप्ताह बाजार की दिशा तय करेंगी. 24 जुलाई को DII ने 5,453.55 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि FII ने 3,892.77 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आती है और वैश्विक जोखिम कम होते हैं, तो FII एक बार फिर भारतीय बाजार में खरीदारी बढ़ा सकते हैं. वहीं, अमेरिकी 10-Year Bond Yield में बढ़ोतरी विदेशी निवेश के फ्लो पर दबाव बना सकती है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.