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IOB Q2 Results: दूसरी तिमाही में 56% बढ़ा मुनाफा, ₹1912 करोड़ पर पहुंचा; शेयर में 4.5% की तेजी

Indian Overseas Bank (IOB) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 1,912 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के 1,226 करोड़ रुपये से 56 फीसदी ज्यादा है. सितंबर तिमाही में बैंक की ब्याज इनकम 17 फीसदी बढ़कर 9,201 करोड़ रुपये रही. बैंक का ग्रॉस NPA इनकम भी घटकर 1.19 फीसदी पर आ गया. तिमाही नतीजों के बीच सोमवार को BSE पर IOB का शेयर 4.56 फीसदी बढ़कर 30.01 रुपये पर कारोबार कर रहा था.

IOB का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 56% बढ़कर ₹1,912 करोड़ हुआ. Image Credit: money9live

Highlights

  • IOB का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 56% बढ़कर ₹1912 करोड़ हुआ.
  • बैंक की ब्याज रेशियो 17% बढ़कर ₹9,201 करोड़ पर पहुंची.
  • ग्रॉस NPA रेशियो 1.83% से घटकर 1.19% हुआ, जबकि शेयर 4.56% बढ़कर ₹30.01 पर कारोबार कर रहा था.

इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है. बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 56 फीसदी बढ़कर 1912 करोड़ रुपये हो गया. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 1226 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था. बैंक की ब्याज से होने वाली आय में बढ़ोतरी और एसेट क्वालिटी में सुधार इस प्रदर्शन के अहम पहलू रहे. दूसरी ओर, नतीजों के बीच सोमवार को बैंक के शेयर में भी तेजी देखने को मिली.

IOB की ब्याज इनकम में 17% की बढ़ोतरी

इंडियन ओवरसीज बैंक की ब्याज से होने वाली इनकम में सितंबर तिमाही के दौरान अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई. वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंक की इंटरेस्ट इनकम सालाना आधार पर 17 फीसदी बढ़कर 9201 करोड़ रुपये रही. पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 7849 करोड़ रुपये थी.

ब्याज इनकम में बढ़ोतरी के साथ बैंक के नेट प्रॉफिट में भी मजबूत ग्रोथ देखने को मिली. सितंबर तिमाही में बैंक का मुनाफा 1912 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले यह 1226 करोड़ रुपये था. इस तरह बैंक के मुनाफे में सालाना आधार पर 56 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

IOB की एसेट क्वालिटी में सुधार

बैंक के नतीजों में एसेट क्वालिटी से जुड़ा आंकड़ा भी अहम रहा. सितंबर तिमाही में IOB का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स यानी ग्रॉस NPA, ग्रॉस एडवांस के मुकाबले घटकर 1.19 फीसदी पर आ गया. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 1.83 फीसदी था. ग्रॉस NPA रेशियो में गिरावट का मतलब है कि बैंक के कुल एडवांस के मुकाबले फंसे हुए कर्ज का रेशियो कम हुआ है. यह बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार का संकेत देता है.

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IOB के शेयर में 4.5% से ज्यादा की तेजी

दूसरी तिमाही के नतीजों के बीच इंडियन ओवरसीज बैंक के शेयर में तेजी दर्ज की गई. सोमवार को BSE पर बैंक का शेयर पिछले बंद भाव के मुकाबले 4.56 फीसदी बढ़कर 30.01 रुपये पर कारोबार कर रहा था.

बैंक के मुनाफे में 56 फीसदी की बढ़ोतरी, ब्याज इनकम में इजाफा और ग्रॉस NPA रेशियो में सुधार सितंबर तिमाही के प्रमुख आंकड़े रहे. हालांकि, शेयर की आगे की चाल बैंक के वित्तीय प्रदर्शन और बाजार के रुख समेत कई कारकों पर निर्भर करेगी.

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.