इस साल 31% तक टूटा Infosys का शेयर, ब्रोकरेज को बंपर उछाल की उम्मीद; Buy- Sell या Hold… क्या करें निवेशक?

Infosys Share Price: Infosys के शेयर में सोमवार को करीब 2.8 फीसदी की गिरावट आई और यह 1,122 रुपये पर पहुंच गया. साल 2026 में अब तक शेयर करीब 31 फीसदी टूट चुका है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस घटाकर 1 से 2 फीसदी कर दिया है. UBS ने शेयर पर Buy रेटिंग के साथ 1,415 रुपये का टारगेट दिया है, जबकि HSBC ने Hold रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,110 रुपये का टारगेट रखा है.

शेयर करीब 2.8 फीसदी टूटकर 1122 रुपये पर आ गया. Image Credit: Money9live/Canva

Highlights

  • Infosys का शेयर साल 2026 में अब तक करीब 31 फीसदी टूट चुका है.
  • UBS ने Buy रेटिंग के साथ ₹1,415 का टारगेट प्राइस दिया है.
  • HSBC ने Hold रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹1,110 का टारगेट दिया है.

Infosys के शेयरों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली. सुबह के कारोबार में शेयर करीब 2.8 फीसदी टूटकर 1122 रुपये पर आ गया. इसके साथ ही 2026 में अब तक शेयर की गिरावट बढ़कर करीब 31 फीसदी हो गई है. इसके मुकाबले Nifty 50 में इस साल करीब 14.3 फीसदी की गिरावट आई है. सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद कंपनी के कमजोर ग्रोथ आउटलुक और मार्जिन पर दबाव की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है. हालांकि, ब्रोकरेज फर्म UBS को शेयर में मौजूदा स्तर से अच्छी तेजी की उम्मीद है, जबकि HSBC ने सतर्क रुख अपनाया है.

Infosys के शेयर में क्यों आई गिरावट?

Infosys के शेयरों में गिरावट के पीछे कंपनी के तिमाही नतीजों के साथ वित्त वर्ष 2026-27 के लिए घटाया गया रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस अहम वजह है. कंपनी ने कॉन्स्टेंट करेंसी में रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान पहले के 1.5 से 3 फीसदी से घटाकर 1 से 2 फीसदी कर दिया है. यह अनुमान कंपनी के लिए आगे धीमी ग्रोथ की आशंका दिखाता है.

इसके अलावा ऑपरेटिंग मार्जिन में भी दबाव देखने को मिला. सितंबर तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 10 बेसिस पॉइंट घटकर 21 फीसदी रह गया. ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहा. इन कारणों से निवेशकों की सेंटिमेंट पर असर पड़ा है.

UBS को 23 फीसदी तेजी की उम्मीद

ब्रोकरेज फर्म UBS ने Infosys पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है. ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 1415 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. शुक्रवार के 1153.80 रुपये के बंद भाव के मुकाबले यह करीब 23 फीसदी की संभावित तेजी का संकेत देता है.

हालांकि, UBS ने कंपनी के सितंबर तिमाही के प्रदर्शन में कुछ कमजोरियां भी बताई हैं. कंपनी की कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 1.2 फीसदी रही, जबकि UBS का अनुमान 1.5 फीसदी और बाजार का अनुमान 1.8 फीसदी था. कंपनी की प्रति शेयर आय यानी EPS 19.3 रुपये रही, जो अनुमान से कम थी.

HSBC ने बरकरार रखी Hold रेटिंग

HSBC ने Infosys पर Hold रेटिंग बरकरार रखी है. ब्रोकरेज ने 1,110 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो शुक्रवार के बंद भाव से करीब 4 फीसदी गिरावट का संकेत देता है.

HSBC के मुताबिक, कंपनी का वित्त वर्ष 2026-27 रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस उसके कई कंपटीटर के मुकाबले निचले स्तर पर है. ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में वेतन बढ़ोतरी के कारण मार्जिन पर दबाव की आशंका भी जताई है.

हालांकि, HSBC ने कंपनी के 2 अरब डॉलर के बड़े सौदे को पॉजिटिव माना है. ब्रोकरेज का अनुमान है कि यह सौदा वित्त वर्ष 2028 में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ में करीब एक फीसदी का योगदान दे सकता है.

Infosys के Q2 नतीजों में क्या रहा खास?

Infosys ने सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 6.2 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 7,823 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया. कंपनी का रेवेन्यू 10.7 फीसदी बढ़कर 49,244 करोड़ रुपये रहा. वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 10.4 फीसदी बढ़कर 10,330 करोड़ रुपये पहुंच गया.

इसके बावजूद ऑपरेटिंग मार्जिन में तिमाही आधार पर 10 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई और यह 21 फीसदी रह गया. कंपनी ने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस घटाया, जबकि ऑपरेटिंग मार्जिन का अनुमान 20 से 22 फीसदी पर बरकरार रखा.

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बड़े सौदों और AI कारोबार से मिल रहा सपोर्ट

कंपनी के लिए पॉजिटिव बात यह है कि सितंबर तिमाही में Infosys ने 5.2 अरब डॉलर के बड़े सौदे हासिल किए. पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 3.6 अरब डॉलर था. इन सौदों में 62 फीसदी हिस्सा नए कारोबार से आया.

इसके अलावा कंपनी के AI सर्विसेज रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 29 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. कुल रेवेन्यू में AI सर्विसेज का योगदान जून तिमाही के 8.2 फीसदी से बढ़कर 10.5 फीसदी हो गया.

हालांकि, मजबूत डील बुकिंग और AI कारोबार में बढ़ोतरी के बावजूद कमजोर ग्रोथ गाइडेंस और मार्जिन को लेकर चिंताएं शेयर पर दबाव बनाए हुए हैं. ऐसे में निवेशकों की नजर आने वाली तिमाहियों में कंपनी की ग्रोथ, नए सौदों के रेवेन्यू में योगदान और मुनाफे पर रहने वाली है.

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.