Closing Bell: शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 483 अंक चढ़ा; निफ्टी 22,750 के पार, इन 4 फैक्टर्स ने दिया सहारा
लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद शेयर बाजार में रिकवरी आई. सेंसेक्स 483 अंक चढ़कर 73,606 पर और निफ्टी 22,753 पर बंद हुआ. जानें टॉप गेनर्स, लूजर्स और तेजी की 4 बड़ी वजहें.
Highlights
- BSE सेंसेक्स 482.92 अंक की बढ़त के साथ 73,606.75 पर बंद हुआ.
- NSE निफ्टी 153.20 अंक चढ़कर 22,753.20 पर पहुंच गया.
- टॉप गेनर्स में Dr. Reddy's Laboratories सबसे आगे रहा.
लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली. निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में बंद हुए. BSE सेंसेक्स 482.92 अंक यानी 0.66 फीसदी की बढ़त के साथ 73,606.75 पर बंद हुआ. वहीं, NSE निफ्टी 153.20 अंक यानी 0.68% चढ़कर 22,753.20 पर पहुंच गया.
कारोबार की शुरुआत में बाजार पर दबाव था. सेंसेक्स 609.26 अंक यानी 0.83 फीसदी गिरकर 72,514.57 तक आ गया था. निफ्टी भी 212.65 अंक यानी 0.94 फीसदी टूटकर 22,387.35 पर पहुंच गया था. हालांकि, बाद में निचले स्तरों पर खरीदारी बढ़ने से बाजार ने शानदार वापसी की.
आज के टॉप गेनर्स
निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में Dr. Reddy’s Laboratories सबसे आगे रहा. शेयर 6.62 फीसदी की तेजी के साथ 1,310.90 रुपये पर बंद हुआ. JSW Steel में 6.28 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई और यह 1,260 रुपये पर पहुंच गया. इसके अलावा BSE का शेयर 3.97 फीसदी चढ़कर 3,359 रुपये पर बंद हुआ. Adani Ports में 2.92 फीसदी की तेजी रही और शेयर 1,752.50 रुपये पर पहुंच गया. वहीं, Eternal का शेयर 2.57 फीसदी बढ़कर 325.55 फीसदी पर बंद हुआ.

आज के टॉप लूजर्स
दूसरी ओर, निफ्टी 50 के टॉप लूजर्स में Shriram Finance सबसे ज्यादा गिरा. शेयर 4.62% टूटकर 825 रुपये पर बंद हुआ. Tata Consumer Products में 2.84 फीसदी की गिरावट रही और यह 936.50 फीसदी पर बंद हुआ. Bajaj Finance का शेयर 1.10 फीसदी गिरकर 918.70 फीसदी पर आ गया. HDFC Life में 0.91 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और शेयर 519 फीसदी पर बंद हुआ. वहीं, HDFC Bank का शेयर 0.69 फीसदी गिरकर 688.05 फीसदी पर पहुंच गया.

बाजार में तेजी लौटने की 4 बड़ी वजहें
1. लगातार गिरावट के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी
पिछले चार कारोबारी सत्रों से बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही थी. ऐसे में सोमवार को निवेशकों ने निचले स्तरों पर टूटे हुए शेयरों में खरीदारी की. पिछले हफ्ते पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई और कंपनियों की कमाई को लेकर चिंता बढ़ाई थी. इस दौरान निफ्टी में 2.4% और सेंसेक्स में 2.2% की गिरावट आई थी.
2. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से भी बाजार को सहारा मिला. ब्रेंट क्रूड वायदा करीब 114.5 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. शुक्रवार को भारतीय बाजार बंद होने के बाद इसकी कीमत करीब छह महीने के उच्च स्तर 117 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. हालांकि, यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब पर जारी हमलों के कारण तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है.
3. विदेशी निवेशकों की खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में 887.65 करोड़ रुपये की खरीदारी की. हालांकि, अक्टूबर में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों से 48,056 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं. पिछले सप्ताह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली में काफी कमी आई और वे दो कारोबारी सत्रों में शुद्ध खरीदार रहे.
4. ग्लोबल बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत
एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख रहा. हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था. वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा कारोबार में भी तेजी देखने को मिली. इससे वॉल स्ट्रीट में कारोबार की शुरुआत मजबूत रहने की उम्मीद बनी.
बाजार में क्या संकेत मिले?
सोमवार की तेजी से बाजार को लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद राहत मिली है. निचले स्तरों पर खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया. हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई से जुड़े जोखिम अभी बने हुए हैं. ऐसे में आगे बाजार की दिशा पर घरेलू खरीदारी के साथ-साथ वैश्विक संकेतों का भी असर रहेगा.
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