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इस राज्य ने किसानों को दी बड़ी राहत, मिलती रहेगी 24 घंटे मुफ्त बिजली; स्मार्ट मीटर पर भी मिला जवाब

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य में कृषि क्षेत्र को 24 घंटे मुफ्त बिजली मिलती रहेगी. उन्होंने मुफ्त बिजली योजना बंद करने और कृषि पंप सेटों पर स्मार्ट मीटर लगाने की अटकलों को खारिज किया. मुख्यमंत्री ने एमएसपी पर फसल खरीद को लेकर केंद्र सरकार को चेतावनी भी दी और किसानों के हितों की रक्षा का भरोसा जताया.

किसान Image Credit: FREEPIK

Telangana Free Electricity: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र के लिए 24 घंटे मुफ्त बिजली सप्लाई की व्यवस्था को जारी रखेगी. उन्होंने विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि कांग्रेस सरकार किसानों को दी जा रही मुफ्त बिजली योजना को बंद करने या कृषि पंप सेटों पर स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने वादों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

मुफ्त बिजली पर राजनीति करने वालों को मुख्यमंत्री की चुनौती

हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बीआरएस नेतृत्व को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस सरकार किसानों को मुफ्त बिजली देने के अपने वादे से पीछे हटती है, तो पार्टी अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी. साथ ही उन्होंने बीआरएस से भी मांग की कि यदि सरकार अपने वादे पर कायम रहती है, तो विपक्ष भी सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करे कि वह इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत कांग्रेस की सोच का परिणाम है और यह तेलंगाना की कृषि व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है.

स्मार्ट मीटर को लेकर भी सरकार ने दी सफाई

मुख्यमंत्री ने कृषि पंप सेटों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाने की अटकलों को भी पूरी तरह निराधार बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बीआरएस सरकार ने वर्ष 2017 में केंद्र सरकार के साथ हुए एक समझौते के तहत स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की थी. रेवंत रेड्डी ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त बोझ डालने के पक्ष में नहीं है और कृषि क्षेत्र को बिना किसी बाधा के बिजली उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है.

एमएसपी और फसल खरीद पर केंद्र सरकार को चेतावनी

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि 15 जून तक धान की खरीद नहीं की गई और अन्य फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर नहीं की गई, तो किसानों की उपज भाजपा और बीआरएस नेताओं के आवासों के बाहर डाल दी जाएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जिस फसल के लिए एमएसपी घोषित करती है, उसकी खरीद सुनिश्चित करना भी उसकी जिम्मेदारी है. किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए और इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.

कृषि क्षेत्र के लिए बनेगा नया रैतु डिस्कॉम

रेवंत रेड्डी ने कृषि और सिंचाई क्षेत्र में बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष “रैतु डिस्कॉम” स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा. मुख्यमंत्री के अनुसार, यह व्यवस्था कृषि क्षेत्र के लिए बिजली खरीद और वितरण को अधिक प्रभावी बनाएगी. साथ ही अतिरिक्त रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग कर सरकार पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करने में मदद मिलेगी. इससे बिजली वितरण कंपनियों की स्थिति भी मजबूत होगी.

बढ़ी बिजली की मांग, सरकार ने बताया विकास का संकेत

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, तेलंगाना में बिजली की खपत 15,000 मेगावाट से बढ़कर 18,000 मेगावाट तक पहुंच गई है. सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी राज्य में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और कृषि क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को दिखाता है. सरकार ने दोहराया कि किसानों के हितों की रक्षा, ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देना और बिना किसी बाधा के बिजली सप्लाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.

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