HCLTech ने भारतीय Sarvam AI में हासिल की 10.46% हिस्सेदारी, नए निवेश से यूनिकॉर्न बना स्टार्टअप
यह बड़ी डील Sarvam AI के 'सीरीज B' फंडिंग राउंड के पहले चरण को पूरा करती है. 300 मिलियन डॉलर के लक्ष्य में से 234 मिलियन डॉलर जुटाने के साथ, इस नई पूंजी से Sarvam AI 'यूनिकॉर्न' बन गई है. यह साझेदारी भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक अहम मोड़ है.
देश की दिग्गज आईटी सर्विसेज कंपनी HCLTech ने भारतीय AI स्टार्टअप Sarvam AI में 1,427 करोड़ रुपये ($150 मिलियन) का स्ट्रैटेजिक निवेश करने और 10.46% हिस्सेदारी हासिल करने की घोषणा की है. यह बड़ी डील Sarvam AI के ‘सीरीज B’ फंडिंग राउंड के पहले चरण को पूरा करती है. 300 मिलियन डॉलर के लक्ष्य में से 234 मिलियन डॉलर जुटाने के साथ, इस नई पूंजी से Sarvam AI ‘यूनिकॉर्न’ बन गई है और इसकी पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 1.5 अरब डॉलर हो गई है.
सॉवरेन AI का तालमेल
यह साझेदारी भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक अहम मोड़ है. Sarvam AI भारत में ही तैयार किए गए (शुरुआत से प्रशिक्षित) फाउंडेशन मॉडल बनाने में माहिर है. ये मॉडल खास तौर पर देश की अलग-अलग भाषाओं, जटिल डेटासेट और बड़े पैमाने पर काम करने की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं.
लीड स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर के तौर पर जुड़कर, HCLTech का मकसद अपनी ग्लोबल एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन की विशेषज्ञता को Sarvam की स्वदेशी तकनीक के साथ जोड़ना है.
कॉम्पिटिटिव AI इकोसिस्टम
HCLTech के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर, सी. विजयकुमार ने कहा, ‘सर्वम (Sarvam) में हमारा निवेश भारत के भरोसेमंद और ग्लोबल स्तर पर कॉम्पिटिटिव AI इकोसिस्टम को बनाने की दिशा में एक अहम कदम है. हम कंपनियों और सरकारों के लिए एक अलग तरह का फुल-स्टैक AI प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, जिससे सुरक्षित, स्केलेबल और जिम्मेदार AI सॉल्यूशन देने की हमारी क्षमता मजबूत हो रही है.’
अगले बड़े बदलाव के लिए फंडिंग
प्रत्युष कुमार और विवेक राघवन द्वारा शुरू की गई कंपनी ‘सर्वम’ (Sarvam) अपनी कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और नेक्स्ट जेनरेशन के फ्रंटियर मॉडल के लिए रिसर्च को आगे बढ़ाने में फंड का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है. यह स्टार्टअप खास तौर पर एजेंटिक, कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे इस्तेमाल के मामलों पर फोकस कर रहा है.
प्रत्युष कुमार ने कहा, ‘हमारा मानना है कि भारत के बड़े पैमाने पर काम करने वाले AI को बनाने के लिए रिसर्च-बेस्ड इनोवेशन एक बहुत बड़ा मौका है. इसका मतलब है ऐसे मॉडल जो हमारी आवाज को समझें, हमारे डॉक्यूमेंट्स को पढ़ें और ऐसी इंटेलिजेंस सर्विसेज दें जिसका खर्च हर कंपनी और सरकार उठा सके.’ उन्होंने कंपनियों को अपना खुद का सॉवरेन AI रखने और उसे चलाने में सक्षम बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया.
बाजार में तेजी से पकड़
Sarvam AI ने तेजी से लैब से निकलकर बड़े पैमाने पर लोगों के बीच अपनी टेक्नोलॉजी को पहुंचाया है. कंपनी के फ़ाउंडेशनल मॉडल- जैसे कि विशाल 105B रीज़निंग मॉडल और एज-ऑप्टिमाइज़्ड 30B मॉडल- अभी रोजाना 1 करोड़ से अधिक API कॉल प्रोसेस कर रहे हैं. पिछले तीन महीनों में ही इनका इस्तेमाल तीन गुना बढ़ गया है.
इंस्टीट्यूशनल ट्रस्ट और बेहतरीन इंजीनियरिंग टैलेंट
को-फाउंडर विवेक राघवन ने कहा, ‘HCLTech के साथ साझेदारी इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे एक भारतीय कंपनी AI के क्षेत्र में मजबूत आधार बनाने में मदद कर रही है.’ इंस्टीट्यूशनल ट्रस्ट और बेहतरीन इंजीनियरिंग टैलेंट के दम पर, Sarvam AI अब छोटे व्यवसायों, बड़ी कंपनियों और राज्य सरकारों- सभी के बीच फाउंडेशनल AI टेक्नोलॉजी को पहुंचाने के लिए पूरी तरह तैयार है.
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