सोने में लौटी चमक! 7 हफ्ते के हाई पर पहुंचे दाम, खरीदें या करें इंतजार?
सोने की कीमतें 7 हफ्ते के हाई लेवल पर पहुंच गई हैं. कमजोर डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट, फेड की ब्याज दरों को लेकर नरम उम्मीदें और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने सोने को सपोर्ट दिया है. ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिकी रोजगार आंकड़े, फेड की नीति और डॉलर की चाल सोने की दिशा तय करेंगे.
Highlights
- 7 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंचा सोना, घरेलू बाजार में भी तेजी दर्ज की गई.
- कमजोर डॉलर, घटती बॉन्ड यील्ड और फेड की नरम नीति की उम्मीद से सोने को मिला सहारा.
- अब निवेशकों की नजर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों, फेड की नीति और डॉलर की चाल पर रहेगी.
Gold Price Today: ग्लोबल बाजार में सोने की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है. कॉमेक्स (Comex) पर स्पॉट गोल्ड 0.65 फीसदी की बढ़त के साथ 4333.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो 18 जून के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है. इंटरनेशनल मार्केट में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला. MCX पर स्पॉट गोल्ड इंट्राडे कारोबार के दौरान 147647 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया. वहीं, अक्टूबर वायदा कॉन्ट्रैक्ट 0.91 फीसदी की बढ़त के साथ 149843 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा.
Augmont Bullion की रिपोर्ट के मुताबिक, गोल्ड ने 4200 डॉलर (करीब ₹1,46,000) के स्तर के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट दिया है. रिपोर्ट का अनुमान है कि आगे सोना 4500 डॉलर (करीब ₹1,55,000) तक जा सकता है.
सोने में तेजी क्यों आई?
रिपोर्ट के मुताबिक सोने की मौजूदा तेजी के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण हैं.
1. डॉलर में कमजोरी
अमेरिकी डॉलर कमजोर होने से दूसरे देशों के निवेशकों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है. इससे वैश्विक मांग बढ़ती है और कीमतों को सहारा मिलता है.
2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट
जब अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड घटती है तो बिना ब्याज देने वाली संपत्ति जैसे सोने में निवेश आकर्षक हो जाता है. इससे भी सोने की कीमतों को समर्थन मिला है.
3. फेड की ब्याज दरों को लेकर नरम उम्मीदें
तेल की कीमतों में नरमी आने से महंगाई को लेकर चिंता कम हुई है. इसके बाद बाजार को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में जल्द सख्ती नहीं करेगा. यह माहौल सोने के लिए सकारात्मक माना जाता है.
4. भू-राजनीतिक घटनाक्रम
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं. हालांकि स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं.
घरेलू बाजार में सोना क्यों महंगा हुआ?
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 9 पैसे कमजोर होकर 95.17 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना आयात करता है. ऐसे में रुपये की कमजोरी से घरेलू बाजार में सोने की कीमतें और बढ़ जाती हैं.
अब किन बातों पर रहेगी निवेशकों की नजर?
आने वाले दिनों में सोने की चाल कुछ अहम घटनाओं पर निर्भर करेगी.
- अमेरिका के Nonfarm Payrolls (NFP) आंकड़े
- फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर संकेत
- अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड की दिशा
- मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक घटनाक्रम
अगर अमेरिकी रोजगार के आंकड़े कमजोर रहते हैं और डॉलर में नरमी बनी रहती है, तो सोने की कीमतों में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है. वहीं मजबूत रोजगार आंकड़े या डॉलर में मजबूती आने पर मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है.
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