अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स ने FY26 में सब्सक्राइबर्स, रेवेन्यू और मुनाफे के मामले में जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है. भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम और डिजिटल सर्विस कंपनी अपनी लंबे समय से प्रतीक्षित पब्लिक लिस्टिंग की ओर बढ़ रही है.
ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में, ट्रंप ने राजनीतिक विरोधियों की आलोचना को खारिज कर दिया और कहा कि युद्ध ने ईरान की सैन्य ताकत को बहुत कम कर दिया है. ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब ईरान की सैन्य क्षमताओं पर टकराव के असर और वॉशिंगटन व तेहरान के बीच बातचीत के भविष्य को लेकर बहस चल रही है.
यह कदम म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की उन चिंताओं के बाद उठाया गया है जो उन्होंने इस साल की शुरुआत में जारी नियमों को लेकर जताई थी. उनका कहना था कि मौजूदा पाबंदियों से फंड का सही तरीके से मैनेजमेंट करने में रुकावट आ सकती है.
Jio Platforms IPO: शुक्रवार को मुकेश अंबानी ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि लिस्टिंग से निवेशकों के लिए बहुत अधिक वैल्यू बनेगी. यह IPO ऐसे समय में आ रहा है जब जियो का ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस लगातार बेहतर हो रहा है.
Closing Bell: 19 जून को बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया. कमजोर ग्लोबल संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की फिर से शुरू हुई बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों के सेंटीमेंट पर नकारात्मक असर डाला.
रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलावा जियो फाइनेंस के शेयर में भी गिरावट दर्ज की गई. 49वीं AGM में बोलते हुए, मुकेश अंबानी ने घोषणा की थी कि कंपनी के बोर्ड ने Jio के DRHP को मंजूरी दे दी है और इसे आज ही रेगुलेटर SEBI के पास फाइल किया जाएगा.
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी शुक्रवार को एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में समूह के कारोबार की उपलब्धियों को बताया और भविष्य के रोडमैप के बारे में बताया. मुकेश अंबानी ने कहा कि आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी जियो IPO प्रोसेस को संभाल रहे हैं और वे वैल्यू बनाने के मौकों की अगली पीढ़ी का नेतृत्व करेंगे.
BSE Share: भारतीय बाजार एक मेगा लिस्टिंग की तैयारी कर रहा है. निवेशक इस बात पर विचार कर रहे हैं कि देश के सबसे बड़े एक्सचेंज के पब्लिक होने का असर BSE लिमिटेड पर क्या होगा, जो अभी देश का एकमात्र लिस्टेड एक्सचेंज है.
Accenture Share: इस बिकवाली का असर अमेरिका में ट्रेड हो रही भारतीय IT कंपनियों पर भी पड़ा. Infosys के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs) में 8 फीसदी से ज्यादा और Wipro के शेयरों में 4 फीसदी से अधिक की गिरावट आई.
Gold-Silver Price Today: यह गिरावट इसलिए आई क्योंकि घरेलू शेयर बाजार मजबूत बने रहे और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ. अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते की दिशा में हुई प्रगति से भू-राजनीतिक जोखिम और महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं.