Gland Pharma shares: सुबह के कारोबार में ग्लैंड फार्मा के शेयर लगभग 2,965 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. पिछले सेशन में स्टॉक में 2.5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई थी. ब्रोकरेज का मानना है कि ग्लैंड फार्मा के लिए मुख्य चुनौतियां अब काफी हद तक पीछे छूट चुकी हैं.
ब्रुकलिन में तैनात अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस गैराफिस ने सोमवार को यह फैसला सुनाया. मामले को खत्म करने पर सहमति देने से पहले, उन्होंने सरकारी वकीलों से विस्तार से पूछा कि वे इसे क्यों खत्म करना चाहते हैं. गौतम अडानी ने मंगलवार को अमेरिकी कोर्ट के फैसले का स्वागत किया.
भारत में डीमैट खातों की संख्या में पिछले छह वर्षों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. इसकी वजह खाता खोलने की आसान प्रक्रिया, स्मार्टफोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और बाजार से मिलने वाला अच्छा रिटर्न है. बड़ी संख्या में निवेशक मुख्य रूप से IPO में हिस्सा लेने के लिए डीमैट अकाउंट खुलवाते हैं.
Opening Bell: दुनिया भर से मिले-जुले संकेतों के बीच, 11 अगस्त को भारतीय सूचकांक मामूली गिरावट के साथ खुले. जैसे-जैसे तिमाही नतीजों की घोषणाएं खत्म हो रही हैं, निवेशकों का ध्यान कमाई में सुधार के टिकाऊपन और उभरते हुए सेक्टर-खास ट्रेंड्स पर जाने की उम्मीद है.
निवेशकों ने ग्लोबल इंटरेस्ट-रेट आउटलुक को लेकर कम होती चिंताओं और कच्चे तेल की कीमतों व जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं से बने नए दबाव के बीच संतुलन बनाया. जानकारों का कहना है कि बाजार का तेजी वाला ट्रेंड (बुलिश स्ट्रक्चर) बरकरार है.
8th Pay Commission: आयोग की सिफारिशों का असर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के एक बड़े हिस्से पर पड़ेगा. आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है.
ये बदलाव 29 सितंबर को ट्रेडिंग खत्म होने के बाद 30 सितंबर, 2026 से लागू होंगे. NSE इंडाइसेस के अनुसार, BSE का औसत फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन विप्रो के मुकाबले कम से कम 1.5 गुना है. NSE इंडाइसेस ने कई दूसरे इंडेक्स में भी बदलाव की घोषणा की है.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कमर्शियल बैंकों द्वारा बकाया लोन की वसूली के लिए नियमों का एक विस्तृत सेट जारी किया है. इसमें बैंकों और आउटसोर्स किए गए रिकवरी एजेंटों से अपेक्षित व्यवहार में काफी बदलाव किए गए हैं.
जस्टिस अमित महाजन ने 3 अगस्त के FSSAI आदेश को चुनौती देने वाली डाबर की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, FSSAI और अन्य संबंधित पक्षों को भी नोटिस जारी किया.
Reliance Power Share Today: यह बढ़ोतरी कंपनी की कुछ सब्सिडियरी कंपनियों के सामने चल रही कानूनी और वित्तीय चुनौतियों के बावजूद, कंपनी के स्थिर ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस की वजह से संभव हो पाई. वित्तीय नतीजे का असर रिलायंस पावर के शेयरों पर नजर आ रहा है.