Opening Bell: दोनों बेंचमार्क इंडेक्स ने ट्रेडिंग सत्र की शुरुआत फ्लैट रही. जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में 4 फीसदी की तेजी आई और IT में उछाल देखने को मिला.
आयात पर इस निर्भरता के कारण भारतीय कंपनियों के लिए सप्लाई में रुकावट आने का खतरा बना रहता है. यह स्थिति तब है जब देश इलेक्ट्रिक वाहनों, उपग्रहों, रोबोट और एनर्जी-स्टोरेज सिस्टम का उत्पादन बढ़ा रहा है. भू-राजनीतिक तनावों की वजह से जरूरी सामान मंगाने में लगने वाला समय हफ्तों से बढ़कर महीनों तक पहुंच गया है.
Multibagger Defence Stock: इस हफ्ते की शुरुआत में कंपनी ने बताया कि उसका नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 55.6 फीसदी बढ़कर 48.4 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू 72.2 फीसदी बढ़कर 388 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. कंपनी को अगले दो वर्षों में 120 अरब रुपये (12,000 करोड़ रुपये) के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है.
PM Kisan 24th Instalment Date: 23 किस्तों के माध्यम से देशभर में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है, जबकि गुजरात में लाभार्थियों को 24,137 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई है. देश के करोड़ों किसानों को 24वीं किस्त का इंतजार है.
Gold-Silver Price: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे कमजोर होकर 95.28 पर बंद हुआ. डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रुपये पर दबाव पड़ा. बुधवार को विदेशी बाजारों में स्पॉट गोल्ड 4,040 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा.
RIL Market Cap: जियो प्लेटफॉर्म्स की स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग ने रिलायंस ग्रुप को टाटा ग्रुप से आगे निकलने में मदद की, जिससे यह मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से भारत का सबसे वैल्यूएबल कारोबारी समूह बन गया. जियो की लिस्टिंग से पहले, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट के कारण खुद रिलायंस ग्रुप का मार्केट कैप भी दबाव में था.
RIL Jio Listing: जियो ने बुधवार 28 अक्टूबर को अपनी सफलता का एक और नया अध्याय लिखा है. जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर बाजार में एंट्री की है. 2005 में पारिवारिक बंटवारे के बाद मुकेश अंबानी को रिलायंस का टेलीकॉम कारोबार छोड़ना पड़ा था. फिर 2016 में रिलायंस जियो की शुरुआत ने भारतीय टेलीकॉम बाजार की तस्वीर बदल दी.
सेबी ने बाजार के कुछ प्रतिभागियों और फंड कस्टोडियन से बातचीत की है. ऐसा लगता है कि सेबी नियमों को तर्कसंगत बनाना चाहता है. सुझावों में से एक यह है कि किसी कंपनी में इक्विटी होल्डिंग की एक निचली सीमा (थ्रेशोल्ड) तय कर दी जाए.
Jio Share Listing: 1,358 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर, रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैप लगभग 12.50 लाख करोड़ रुपये हो गया. जियो प्लेटफॉर्म्स के पब्लिक ऑफर को कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब किया गया. इसमें लगभग 1.4 करोड़ आवेदन आए और 4.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां लगाई गईं.
Opening Bell: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच, तेल की कीमतों में मामूली उछाल के बावजूद एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई. जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी क्रमशः 1.19 फीसदी और 6.1 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.