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Rohit Kumar Ojha

रोहित कुमार ओझा मनी9 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. दुनिया भर की आर्थिक हलचल पर नजर रहती है. शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच तेजी से बदलते आंकड़ों की बारिकियों को आसान भाषा में डिकोड करने में दिलचस्पी. टीवी और डिजिटल मीडिया में 6 साल का अनुभव. इससे पहले वे टाइम्स नाउ नवभारत, आजतक, इंडिया टीवी, टीवी9 भारतवर्ष और अमर उजाला में अलग-अलग भूमिका में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

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Rohit Kumar Ojha

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए लिस्टेड कंपनियां, बिना किसी लंबी पब्लिक इश्यू प्रक्रिया से गुजरे, संस्थागत निवेशकों से पूंजी जुटा सकती हैं. फ्लोर प्राइस SEBI के नियमों के तहत तय किए गए प्राइसिंग फॉर्मूले के हिसाब से तय किया गया है.

भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अब मुश्किलों में घिरता नजर आ रहा है. इस समझौते पर पिछले साल मई में हस्ताक्षर किए गए थे और जिसके इस साल लागू होने की उम्मीद थी. ब्रिटेन के ट्रेड सेक्रेटरी पीटर काइल मंगलवार को कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल के साथ बातचीत के लिए भारत आ रहे हैं.

Gold Price Today: 'सोने ने सप्ताह की शुरुआत कमजोर रुख के साथ की, क्योंकि वीकेंड में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं और डॉलर मजबूत हो गया.' चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट देखने को मिली.

Nifty Outlook June 2: निवेशकों ने 'तेजी आने पर बेचने' का तरीका अपनाया, क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया के संघर्ष का कोई नतीजा न निकलने जैसी चिंताएं अभी भी बनी हुई थीं. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की नजर में भी बाजार कमजोर हो चुका है, जिसकी वजह से इस साल बेंचमार्क इंडेक्स दबाव में रहे हैं.

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए DA की गणना 12 महीने के औसत AICPI-IW डेटा के आधार पर की जाती है. सरकार साल में दो बार डीए में इजाफा करती है. डीए कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर का अहम हिस्सा है.

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार ने 1 जून सोमवार का सत्र भारी गिरावट के साथ समाप्त किया, क्योंकि FMCG, फ़ाइनेंशियल और ऑटो शेयरों में तेज बिकवाली के चलते बेंचमार्क इंडेक्स दिन के उच्चतम स्तरों से नीचे आ गए. कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों (FPIs) द्वारा लगातार बिकवाली ने भी बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला.

यह बढ़त घरेलू मांग में निरंतरता और पैसेंजर व कमर्शियल वाहन, दोनों ही सेगमेंट में उनके दमदार प्रदर्शन के कारण देखने को मिली है. कृषि क्षेत्र में महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस ने घरेलू बाजार में 47,845 ट्रैक्टर बेचकर 23 फीसदी की सालाना (YoY) बढ़त दर्ज की.

महंगाई की वजह से लोगों की खरीदने की ताकत कम होगी, तो फिर डिमांड में गिरावट आएगी और मांग में गिरावट का असर, सीधे कंपनियों की बैलेंस शीट को प्रभावित करेगा और इसका असर नौकरी में कमी से लेकर तमाम तरह की चीजों पर नजर आ सकता है.

IPL Final 2026 RCB vs GT: लाल रंग का सैलाब आज स्टेडियम को अपनी आगोश में भर लेगा. हालांकि, टाइटन्स का यह होम ग्राउंड है, तो जाहिर है शोर उनके लिए भी होगा. सपोर्ट विराट के लिए होगा, तो चियर्स गिल के लिए भी फैंस करेंगे.

रिफाइनरी और तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान, जिससे प्रोडक्ट की सप्लाई में कमी आई है, को ठीक होने में ज्यादा समय लगने की संभावना है, जिसके चलते बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहेगा. RIL ने भारत की एनर्जी ट्रांजिशन स्ट्रैटेजी में नैचुरल गैस के बढ़ते महत्व पर जोर दिया.