अप्रैल में माइनिंग सचिव ने कहा था कि सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन वैल्यू सिस्टम को सुरक्षित करने से जुड़ी प्रोसेसिंग पॉलिसी के लिए दो जरूरी खनिजों को शॉर्टलिस्ट किया है. लिथियम और निकेल भारत की EV सप्लाई चेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, खासकर बैटरी निर्माण में इनकी अहम भूमिका होती है.
यह बढ़ोतरी कंपनी के बोर्ड द्वारा सिक्योरिटीज जारी करके 500 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद हुई. इस फैसले को 3 जून को हुई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में मंजूरी दे दी गई. आज शेयर ने अपना 52 वीक का हाई लेवल छुआ.
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में, इस छूट का रास्ता साफ करने के लिए इनकम टैक्स एक्ट में संशोधन करने वाले एक अध्यादेश को जारी करने की मंजूरी दे दी गई. सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स की दर कम करने के लिए अध्यादेश का ही रास्ता अपनाया था.
मार्केट रेगुलेटर ने राजेश मेहता को अगले आदेश तक राजेश एक्सपोर्ट्स की सिक्योरिटीज खरीदने, बेचने या उनमें डील करने से रोक दिया है. बेंगलुरु की गोल्ड रिफाइनर और ज्वेलरी बनाने वाली कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स, NSE और BSE दोनों पर लिस्टेड है.
Gold Price Today: बुधवार को घरेलू बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई. इसकी वजह US और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है, जिससे लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बने रहने की आशंका बढ़ गई है. फ्यूचर्स ट्रेड में सोने की कीमतें 562 रुपये गिरकर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं.
Nifty Outlook 3 June: निफ्टी50 इंडेक्स भी दिन के निचले स्तर 23,151 से काफी ऊपर बंद हुआ. 50 शेयरों वाला यह इंडेक्स 23,406 पर बंद हुआ, जिसमें 78 अंकों या 0.33% की गिरावट आई. गुरुवार को निफ्टी की चाल कैसी रह सकती है, एक्सपर्ट्स से समझ लीजिए.
पहले चरण में लाभार्थियों को आज से सीधे उनके बैंक खातों में 3,000 रुपये मिलना शुरू हो जाएगा. अनुमान है कि इस योजना से लगभग दो करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा. शुरुआत में यह राशि 28 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में जमा की जाएगी. अन्नपूर्णा भंडार योजना, 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान किया गया एक प्रमुख चुनावी वादा है.
Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार, 3 जून को एक दिन के बाद अपनी गिरावट का सिलसिला फिर से शुरू कर दिया. हालांकि, यह दिन के सबसे निचले स्तर से काफी ऊपर बंद हुआ, जिससे निवेशकों द्वारा निचले स्तर पर कुछ खरीदारी के संकेत मिले.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते महंगे होते एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) कीमतों के बीच केंद्र सरकार एविएशन सेक्टर को बड़ी राहत दी है. यह सहायता शेड्यूल्ड भारतीय एयरलाइंस के लिए ATF की कीमतों को स्थिर रखने के लिए दी गई है.
मांग कम होने के कारण एयरलाइंस को मार्च और अप्रैल में अपनी उड़ानें कम करनी पड़ीं. देश आयातित कच्चे तेल और ईंधन पर बहुत अधिक निर्भर है. मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण कीमतें बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर सरकारी रिफाइनरियों पर पड़ रहा है.