मेटा और गूगल ने 2020 में जियो में कुल मिलाकर लगभग 77,310 करोड़ रुपये का निवेश किया था. IPO प्राइस बैंड के अपर लेवल पर, उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू लगभग 1.77 लाख करोड़ रुपये हो सकती है. इस फंड जुटाने की प्रक्रिया में ग्लोबल बिजनेस और फाइनेंस जगत की कुछ सबसे बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया था.
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि अब यह फैसला ट्रंप को लेना है. हालांकि 30 सितंबर को राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर एक सार्थक और सकारात्मक बातचीत हुई थी. भारत जैसे देशों पर, जो रूस से तेल और गैस के बड़े खरीदार हैं, 100% तक शुल्क (टैरिफ) लगाया जा सकता है.
Opening Bell: ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों पर दबाव के कारण निफ्टी50 और सेंसेक्स में गिरावट आई. गुरुवार को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में व्यापक तेजी देखने को मिली थी.
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि रिलायंस और भारतीय बाजार को लेकर हाल ही में की गई टिप्पणियों के मद्देनजर, हम तथ्यों को सबके सामने रखना चाहते हैं. मस्क ने भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में एकाधिकार वाली प्रथाओं का आरोप लगाया था.
Tata Group Controversy: दिवंगत रतन टाटा के करीबी रहे मिस्त्री का कार्यकाल पिछले साल 28 अक्टूबर को खत्म हो गया था. इसलिए बाद में ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल उठाने का उनके पास कोई कानूनी आधार नहीं है. मिस्त्री ने दावा किया कि बाई हीराबाई बोर्ड में ऐसे ट्रस्टी हैं जो नियुक्ति के लिए अयोग्य हैं.
गोल्ड फंड-ऑफ-फंड्स (Gold Fund of Funds या Gold FoFs) एक ऐसा म्यूचुअल फंड है, जिसके जरिए आप सोने में निवेश कर सकते हैं, लेकिन आपको असली सोना खरीदकर रखने की जरूरत नहीं होती. जियो-पॉलिटिकल तनावों के कारण वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं और रुपये पर दबाव पड़ रहा है.
Top Stock to Watch Today: रिलायंस इंडस्ट्रीज, विप्रो, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, टाटा कम्युनिकेशंस, यस बैंक और पंजाब नेशनल बैंक समेत कई शेयर कारोबार के दौरान फोकस में रह सकते हैं. निवेशकों के नजरें तिमाही के नतीजों पर भी रहेगी.
Jio IPO: यह इश्यू 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,900 करोड़ रुपये के IPO को पीछे छोड़ देगा और भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन जाएगा. रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए, यह IPO वैल्यूएशन का पता लगाने का भी एक जरिया है.
इक्विटी कैश मार्केट में CAS के समय और इसके काम करने के तरीके (ऑपरेशनल फ्रेमवर्क) में बदलाव किया है. सेकेंडरी मार्केट पर बनी SEBI की एक अहम कमिटी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. एक्सपायरी सेटलमेंट के लिए, इंडेक्स डेरिवेटिव्स में अंडरलाइंग इंडेक्स वैल्यू का इस्तेमाल होगा.
यह डील बैंक की चरमरा रही वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए एक अहम मोड़ साबित होगी. सरकार एक लंबे प्रयास के बाद इस काम में सफल हो पाई है. सरकार ने मई 2021 में IDBI बैंक में रणनीतिक विनिवेश (स्ट्रैटेजिक डिसइन्वेस्टमेंट) को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी.