Gold-Silver Price Today: एनालिस्ट का कहना है कि अमेरिका में लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदों के कारण बुलियन की कीमतों में बढ़त सीमित रह सकती है. पिछले सेशन में चांदी 2,40,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, जिसमें 8,040 रुपये की गिरावट आई थी.
आग पुरनिया इलाके में उषा मेहता मार्ग पर स्थित तीन मंजिला इमारत में लगी. आग लगने से आसमान में धुएं का गुबार छा गया और इलाके के लोगों व इमारत के अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
यह प्रोजेक्ट कंपनी की सब्सिडियरी, Laxyo Evapeta Zambia Ltd के जरिए पूरा किया जा रहा है. यह कंपनी का पहला विदेशी 'रेज-बोरिंग' कॉन्ट्रैक्ट है और अभी यह कंपनी के कुल ऑर्डर बुक का 12.6 फीसदी है. कंपनी ने आईपीओ के लिए पेपर फाइल कर दिए हैं.
Closing Bell: सोमवार 22 जून को घरेलू शेयर बाजार में हल्की बढ़त देखी गई. US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति की खबरों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह बढ़ा. सेंसेक्स और निफ्टी50 में बढ़त में रिलायंस, HDFC बैंक, इंफोसिस और ICICI बैंक जैसे शेयरों का अहम योगदान रहा.
यह प्लेटफॉर्म 'भाषिणी' (Bhashini) के साथ जुड़कर 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और आवाज के जरिए शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है. PFRDA भारत सरकार द्वारा स्थापित एक नियामक संस्था है, जो देश में पेंशन क्षेत्र को नियंत्रित और विकसित करती है.
वित्त मंत्री ने लाभार्थियों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन में बदलाव के बावजूद नई सरकार मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखेगी. दासगुप्ता ने अपने बजट भाषण में कहा, 'हम सभी मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाओं को जारी रखेंगे.'
Delhivery Share Price: MOSL ने कहा कि FY26 की चौथी तिमाही में Delhivery के एक्सप्रेस सेगमेंट में वॉल्यूम में साल-दर-साल 73 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इसमें Ecom Express के अधिग्रहण का असर भी शामिल है.
अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स ने FY26 में सब्सक्राइबर्स, रेवेन्यू और मुनाफे के मामले में जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है. भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम और डिजिटल सर्विस कंपनी अपनी लंबे समय से प्रतीक्षित पब्लिक लिस्टिंग की ओर बढ़ रही है.
ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में, ट्रंप ने राजनीतिक विरोधियों की आलोचना को खारिज कर दिया और कहा कि युद्ध ने ईरान की सैन्य ताकत को बहुत कम कर दिया है. ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब ईरान की सैन्य क्षमताओं पर टकराव के असर और वॉशिंगटन व तेहरान के बीच बातचीत के भविष्य को लेकर बहस चल रही है.
यह कदम म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की उन चिंताओं के बाद उठाया गया है जो उन्होंने इस साल की शुरुआत में जारी नियमों को लेकर जताई थी. उनका कहना था कि मौजूदा पाबंदियों से फंड का सही तरीके से मैनेजमेंट करने में रुकावट आ सकती है.