IPO के बाद NSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 4.4 लाख करोड़ रुपये होगा. मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए IPO लंबे समय से रखे गए निवेश से वैल्यू हासिल करने का एक बड़ा मौका है. इस IPO का प्राइस बैंड 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर है.
Vedanta Aluminium Share: आज ट्रेडिंग शुरू होते ही वेदांता एल्युमीनियम मेटल के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला. बढ़ती बॉन्ड यील्ड, तेल की बढ़ती कीमतें और मजबूत डॉलर मेटल स्टॉक्स के लिए खास तौर पर मुश्किल माहौल बना सकते हैं.
अगस्त में संसद ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पास किया था, जिससे एक ऐसा फ़्रेमवर्क बना है जो सरकार को बैंकों और पेमेंट प्रोवाइडर्स को MDR लगाने के लिए अधिकृत करने की अनुमति देता है. यह कदम भारत की डिजिटल पेमेंट पॉलिसी में एक बदलाव होगा.
Opening Bell: कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच, 11 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गैप-डाउन के साथ खुले. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत $108 प्रति बैरल से ऊपर चली गई.
उम्मीद है कि इस बैठक में रक्षा, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा.
Stocks to watch on September 11: गुरुवार के कारोबार में चुनिंदा फाइनेंशियल शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के दम पर घरेलू इक्विटी बाजार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली. इससे मुख्य इंडेक्स की लगातार तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला थम गया.
H-1B Visa: इस प्रस्तावित बदलाव का भारतीय टेक्नोलॉजी पेशेवरों पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि H-1B वीजा धारकों में उनकी बड़ी हिस्सेदारी है और वे अमेरिका के टेक्नोलॉजी और सर्विस सेक्टर में काम करते हैं. 60 दिन की यह रियायती अवधि (ग्रेस पीरियड) 2017 से लागू है.
NSE IPO Price Band: NSE IPO के लिए प्राइस बैंड फाइनल हो गया है. एंकर निवेशकों को शेयर 16 सितंबर को अलॉट किए जाएंगे। लॉट साइज 8 शेयरों का है और अलग-अलग तरह के निवेशकों के लिए अलॉटमेंट भी अलग-अलग होगा. लिस्टिंग गुरुवार, 24 सितंबर को BSE और NSE पर होने की संभावना है.
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है और इस दौरान पूरी दुनिया में तेल की इकोनॉमी में उथल-पुथल नजर आई है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है और इस दौरान पूरी दुनिया में तेल की इकोनॉमी में उथल-पुथल नजर आई है.
शी जिनपिंग शनिवार को 18वें ब्रिक्स लीडर्स समिट के लिए नई दिल्ली पहुंचने वाले हैं, जिसकी मेजबानी भारत 12 और 13 सितंबर को करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक अगर होती है, तो यह ऐतिहासिक होगी.