इंटरनेशनल मार्केट में, स्पॉट गोल्ड 24.54 डॉलर या 0.59 फीसदी गिरकर 4,140.59 डॉलर प्रति औंस हो गया और चांदी लगभग 2 फीसदी गिरकर 60.89 डॉलर प्रति औंस हो गई. एनालिस्ट्स ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज मजबूती के कारण घरेलू बुलियन (सोना-चांदी) की कीमतों पर भी दबाव पड़ा.
Nifty Outlook July 8: हाल के दिनों में विदेशी निवेशकों ने शुद्ध खरीदारी की है, लेकिन कमजोर ग्लोबल माहौल का असर भी बाजार की सेंटीमेंट पर पड़ा. निफ्टी50 ने पॉजिटिव शुरुआत की और इंट्राडे में 24,530 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा. हालांकि, प्रॉफिट बुकिंग के कारण इंडेक्स नीचे आ गया.
Closing Bell: मंगलवार, 7 जुलाई को शेयर बाजार के बेंचमार्क - सेंसेक्स और निफ्टी 50 - की लगातार चार दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया. इसकी वजह थी प्रॉफिट बुकिंग, साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच नए तनाव से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं, जिससे बाजार का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ.
जेफरीज ने कहा कि NSE, जिसने अपने 30,000 करोड़ रुपये के IPO के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किए हैं, का प्रोडक्ट मिक्स BSE के मुकाबले अधिक डायवर्सिफाइड है. NSE ने ग्लोबल लेवल की कंपनियों के बराबर एक टेक प्रोडक्ट सुइट बनाया है और वह अपने कमोडिटीज बिजनेस का विस्तार कर रही है.
IT Stocks Today: निवेशक डिमांड ट्रेंड्स पर मैनेजमेंट की कमेंट्री का इंतजार कर रहे हैं. गुरुवार को आने वाले टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के पहली तिमाही के नतीजों से पहले, निफ्टी IT इंडेक्स में 3 फीसदी तक की बढ़त देखी गई.
दोनों नेताओं ने रक्षा और टेक्नोलॉजी समेत कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए. दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और रक्षा जैसे क्षेत्रों में आठ से अधिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो ने पहले ही इस बात पर जोर दिया था कि मोदी का दौरा, प्राबोवो की भारत यात्रा से बनी गति को और आगे बढ़ाएगा.
रेगुलेटर को कंपनी के ड्राफ्ट पेपर 1 अप्रैल को मिले थे और उसने 6 जुलाई को अपनी टिप्पणियां (Observations) दीं. सेबी की भाषा में टिप्पणियां जारी करने का मतलब है IPO लाने की मंजूरी मिलना. 30 सितंबर 2025 तक, Rentomojo के 22 शहरों में 2.28 लाख एक्टिव सब्सक्राइबर थे.
Nifty Outlook July 7: कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई, करंट अकाउंट बैलेंस, OMC की मुनाफा-क्षमता और कुल मिलाकर मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता को मदद मिलेगी. 200-दिन के EMA और पिछले स्विंग हाई का एक निर्णायक ब्रेकआउट हो सकता है. यह एक पॉजिटिव संकेत है.
अगले तीन से चार महीनों में भारत के टेलीकॉम सेक्टर में टैरिफ में 12-15 फीसदी की और बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि मार्केट कंसोलिडेशन के बाद प्राइसिंग का माहौल अधिक अनुकूल हो गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वोडाफोन आइडिया भी अपनी 5G सर्विस का दायरा बढ़ा रही है.
Closing Bell: सोमवार 6 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे प्रमुख इंडेक्स में लगातार चौथे दिन बढ़त देखी गई. मॉनसून की वापसी और इस महीने FIIs के खरीदार बनने से निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह बढ़ा.