यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब सिस्टम में लिक्विडिटी (नकदी) की भरमार है. RBI लिक्विडिटी (नकदी) को कम करने के लिए अक्सर VRRR नीलामी का इस्तेमाल करता रहा है. FCNR (B) में भारी निवेश की वजह से 28 अगस्त तक विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड 740.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया.
विमान कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया. विमान में सवार यात्रियों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि स्थिति कितनी गंभीर हो गई थी. भारतीय एयरलाइंस में तकनीकी कारणों से फ्लाइट का रास्ता बदलना अब लगभग हर हफ्ते होने वाली घटना बन गई है.
Pranav Constructions IPO Subscription Status: प्रणव कंस्ट्रक्शन्स के आईपीओ का प्राइस बैंड 118-124 रुपये प्रति शेयर है. बुधवार, 9 सितंबर तक यह पब्लिक ऑफर खुला रहेगा. मुंबई की प्रणव कंस्ट्रक्शन्स एक रियल एस्टेट कंपनी है.
Nifty IT: यह गिरावट पूरे मार्केट की तुलना में काफी ज्यादा थी. निफ्टी 50 0.19% गिरकर 23,852.90 पर था और सेंसेक्स 125 अंक गिरकर 76,390.27 पर आ गया था. Nifty 50 में सबसे अधिक गिरावट वाली कंपनियों में पांच बड़ी IT कंपनियां शामिल रहीं.
Opening Bell: भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ की. सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखी गई, क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को परेशान किया और तेल की कीमतें बढ़ा दीं.
Pranav Constructions IPO GMP: रिटेल निवेशक प्रणव कंस्ट्रक्शन्स IPO के लिए कम से कम 1 लॉट के लिए अप्लाई कर सकते हैं. मुंबई के वेस्टर्न सबर्ब्स में प्रणव कंस्ट्रक्शन्स की मौजूदगी है. रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए ऑफर का कम से कम 45% हिस्सा रिजर्व किया गया है.
जेफरीज (Jefferies) की कवरेज वाली नौ कंपनियों का कुल CRDMO रेवेन्यू जून तिमाही में सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़ा, जो मार्च तिमाही में 9 फीसदी था. कुल बिक्री (गैर-CRDMO बिजनेस सहित) में 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि कुल EBITDA में 36% का उछाल आया. इसमें CDMO के ज्यादा योगदान और मार्जिन बढ़ने से मदद मिली.
NSE IPO GMP: कंपनी ने अभी तक IPO की कीमत या तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन ट्रेडर्स को उम्मीद है कि यह इश्यू सितंबर के आखिर तक बाजार में आ जाएगा. 2026 में अब तक अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयर ज्यादातर स्थिर रहे हैं.
Stock to Watch Today: कई कंपनियों ने अहम बिजनेस अपडेट, नए ऑर्डर मिलने, फंड जुटाने की योजनाओं और निवेश से जुड़ी घोषणाएं कीं. रेल विकास निगम (RVNL), ल्यूपिन, टाटा मोटर्स, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और JSW स्टील जैसे स्टॉक्स पर नजर बनी रह सकती है.
बदले हुए नियमों का मकसद कैश और डेरिवेटिव्स सेगमेंट के बीच बेहतर तालमेल बनाना और मार्केट ऑपरेशन्स में आसानी से बदलाव की प्रक्रिया को सुगम बनाना भी है. स्टॉक मार्केट का नया नियम सिर्फ फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडर्स तक सीमित नहीं है.