IT सर्विसेज, स्टील, हॉस्पिटैलिटी और कंज्यूमर गुड्स में फैले 185 अरब डॉलर के टाटा ग्रुप एम्पायर के सेंटर में बैठी एंटिटी ने वर्षों तक स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग का विरोध किया है, लेकिन अब सख्त रेगुलेटरी ने साफ तर दिया है कि कंपनी को पब्लिक होना ही पड़ेगा.
आम ग्राहकों के लिए सबसे अच्छी दरें भी 7 फीसदी से कम ही हैं, जबकि प्राइवेट बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक और NBFCs कुछ खास समय-सीमा के लिए अधिक ब्याज दर ऑफर कर रहे हैं. सीनियर सिटिजन्स के मामले में यह अंतर थोड़ा कम हो जाता है, क्योंकि उन्हें PSU बैंकों से अधिक ब्याज मिलता है.
अब सवाल है कि रतन टाटा के जाने के बाद टाटा ग्रुप में क्या बदला? जवाब शायद किसी फैक्ट्री, कार या स्टील प्लांट में नहीं, बल्कि मुंबई की एक कंपनी के बोर्डरूम में छिपा है, जिसका नाम टाटा संस है. इस कंपनी के पास टाटा ग्रुप की सबसे बड़ी कंपनियों की कमान है.
Tata Sons IPO: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी की स्टॉक-मार्केट में अनिवार्य लिस्टिंग से बचने की कोशिश खत्म हो गई है. इसके बाद अब माना जा रहा है कि टाटा संस दलाल स्ट्रीट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी. टाटा संस की कुल वैल्यू 15-16 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है.
एक्सचेंज की छुट्टियां बैंकों और सरकारी दफ्तरों की छुट्टियों से अलग होती हैं, क्योंकि NSE और BSE के अपने ट्रेडिंग कैलेंडर होते हैं. . मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अपने मॉर्निंग ट्रेडिंग सेशन के दौरान बंद रहेगा और शाम 5 बजे कामकाज फिर से शुरू करेगा.
ईरान के अधिकारियों ने 13 सितंबर को बताया कि ईरान और ओमान, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए आने-जाने के रास्तों की डिटेल्स पर सहमत हो गए हैं. यह घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि इस समझौते का मतलब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) का तुरंत फिर से खुलना नहीं है.
IPO के बाद NSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 4.4 लाख करोड़ रुपये होगा. मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए IPO लंबे समय से रखे गए निवेश से वैल्यू हासिल करने का एक बड़ा मौका है. इस IPO का प्राइस बैंड 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर है.
Vedanta Aluminium Share: आज ट्रेडिंग शुरू होते ही वेदांता एल्युमीनियम मेटल के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला. बढ़ती बॉन्ड यील्ड, तेल की बढ़ती कीमतें और मजबूत डॉलर मेटल स्टॉक्स के लिए खास तौर पर मुश्किल माहौल बना सकते हैं.
अगस्त में संसद ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पास किया था, जिससे एक ऐसा फ़्रेमवर्क बना है जो सरकार को बैंकों और पेमेंट प्रोवाइडर्स को MDR लगाने के लिए अधिकृत करने की अनुमति देता है. यह कदम भारत की डिजिटल पेमेंट पॉलिसी में एक बदलाव होगा.
Opening Bell: कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच, 11 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गैप-डाउन के साथ खुले. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत $108 प्रति बैरल से ऊपर चली गई.