यह जानकारी भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा NSE को-लोकेशन और डार्क-फाइबर मामलों में रेगुलेटर की अपीलों को खारिज करने के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है. NSE ने जून में SEBI के पास IPO के लिए DRHP फाइल किया था.
यह स्टॉक ज्यादातर एक ही दायरे में घूम रहा है, जिससे निवेशकों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. आखिर क्यों तेल-से-केमिकल का मजबूत साइकल भारत की सबसे ज्यादा अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनी को ऊपर नहीं उठा पाया?
भारतीय एयरलाइंस ने जुलाई-सितंबर 2026 में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 8.5% कम उड़ानें शेड्यूल कीं. जुलाई में गिरावट सबसे ज्यादा रही. इसका प्रमुख कारण ऑपरेशनल रुकावटें, जियो-पॉलिटिकल तनाव, एयरस्पेस प्रतिबंध, महंगा ATF और कमजोर मांग रहा.
Opening Bell: US फेडरल रिजर्व के अधिकारी के नरम रुख वाले बयानों के बाद ब्याज दरें बढ़ने की आशंका कम हुई, जिससे ग्लोबल इक्विटीज में तेजी आई और निफ्टी और सेंसेक्स भी ऊपर चढ़े.
रुटो ने कहा कि उन्होंने मुंबई बेस्ड कंपनी की एक यूनिट से अपना सामान समेटकर जाने के लिए कहा है, क्योंकि वह सोडा ऐश को स्थानीय स्तर पर प्रोसेस करके ग्लास और केमिकल बनाने के बजाय उसका एक्सपोर्ट करती है.
Jio IPO Updates: उम्मीद है कि Jio IPO, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रस्तावित 31,000 करोड़ रुपये के IPO से भी बड़ा होगा. कंपनी ने जून में IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे. Jio प्लेटफॉर्म्स 270 मिलियन तक नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रहा है.
इस प्रोग्राम की शुरुआती अवधि दो साल की है, जिसमें एक-एक साल के लिए तीन बार और बढ़ाने का विकल्प है. कंपनी का हेडक्वार्टर हैदराबाद में है और अमेरिका में इसकी मजबूत मौजूदगी है. यह पब्लिक सेक्टर, ट्रांसपोर्टेशन, हेल्थकेयर, फाइनेंस, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे कई सेक्टर के क्लाइंट्स को सर्विस देती है.
Stock to Watch Today: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार चौथे दिन गिरावट देखी गई. इस माहौल में कॉरपोरेट जगत की अहम गतिविधियों के चलते HDFC बैंक, M&M, ग्लैंड फार्मा, क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण और कई अन्य शेयरों पर नजर बनी रहने की उम्मीद है.
सेंसेक्स शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक एकमात्र ऐसा शेयर था जिसमें गिरावट आई. यह 0.22% गिरकर 423.70 रुपये पर आ गया. RBI ने बुधवार को बताया कि 31 अगस्त तक भारत ने फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (बैंक) या FCNR(B) डिपॉजिट के जरिए रिकॉर्ड 127.23 अरब डॉलर जुटाए.
यह मंजूरी तब मिली है जब टाटा संस ने एयर इंडिया में इक्विटी निवेश रोक दिया था. एयर इंडिया का घाटा FY26 में दोगुने से अधिक बढ़कर 22,238 करोड़ रुपये हो गया था. टाटा संस के बोर्ड की बैठक 17 सितंबर को होनी है.