Delhi CJP Protest: शनिवार को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली सभी ट्रेन सेवाएं रद्द रहेंगी.
इस जबरदस्त बढ़त से BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे यह बढ़कर लगभग 464 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है. यह रिकवरी एक दिन पहले हुई भारी बिकवाली के बाद हुई.
अमेरिकी श्रम विभाग ने कहा है कि वह इन कंपनियों से जुड़े नए परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन को स्वीकार नहीं करेगा और न ही पेंडिंग सर्टिफिकेशन पर आगे बढ़ेगा. ग्रीन कार्ड प्रोग्राम के सस्पेंशन का सबसे बड़ा असर शायद तुरंत न दिखे.
Opening Bell: इंडिया VIX 4.45% गिरा. यह बढ़त गुरुवार को हुई भारी बिकवाली के बाद आई है, जब निफ्टी 2026 के नए निचले स्तर पर आ गया था. शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 23 पैसे बढ़कर 96.65 पर पहुंचा.
इस प्रस्तावित कदम से अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) में मोटे तौर पर 20 से 70 फीसदी तक की कमी आने की उम्मीद है, जो अलग-अलग दवाओं के मौजूदा ट्रेड स्ट्रक्चर और मार्क-अप पर निर्भर करेगा. इस महीने के आखिर में लागू होने वाले इस फैसले से 110 एंटी-कैंसर दवाओं की कीमतें कम हो जाएंगी.
Stock to Watch Today: 9 अक्टूबर को कई कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है. कंपनियों से जुड़े अहम कारोबारी अपडेट, नए ऑर्डर, तिमाही नतीजों और विस्तार योजनाओं के कारण निवेशकों की नजर इन शेयरों पर रहेगी.
ट्रंप प्रशासन के फैसले के बाद भारतीय आईटी कंपनियों- इंफोसिस और विप्रो के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs) में लगभग 3 फीसदी की गिरावट आई. हर साल मंजूर होने वाली सभी H-1B आवेदन में 70 फीसदी से अधिक भारतीय प्रोफेशनल्स की होती हैं.
इन कंपनियों में में कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो, HCL और कैपजेमिनी शामिल हैं. इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने विदेशी कर्मचारियों के लिए परमानेंट रेजिडेंसी (स्थायी निवास) पाने के मकसद से इस सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया.
खबर है कि NPCI, UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लागू करने के फैसले को फिलहाल के लिए टाल सकता है, क्योंकि कई संगठनों और मर्चेंट ने इसके लिए अनुरोध किया है. पीआई पेमेंट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है.
NPCI अगले दो दिनों में इस पर कोई फैसला ले सकता है, क्योंकि वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत चल रही है. पिछले महीने, UPI स्टीयरिंग कमेटी ने 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए UPI MDR को 0.4 फीसदी या 40 bps तय किया था.