WPI Inflation September: सब्जियों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की वजह से, देश की रिटेल महंगाई अगस्त के 4.83% से बढ़कर सितंबर 2026 में 5.54 फीसदी हो गई. सितंबर के WPI महंगाई के आंकड़े उस संशोधित सीरीज के तहत जारी किए गए.
आरोप है कि बैंक और उसके कुछ अधिकारियों ने उनके ग्रुप की कंपनियों से जुड़े धोखाधड़ी वाले लेन-देन में मदद की. बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में 3 फीसदी की गिरावट आई. यह निफ्टी 100 पर सबसे अधिक गिरने वाला शेयर बन गया.
देश में चीनी की कमी है और बाजार में अतिरिक्त 3,00,000 टन चीनी लाने के बावजूद कमी दूर नहीं हो पाई है. रकार ने 1 मिलियन टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की इजाजत दी है, डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा तय की है.
Opening Bell: तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच महंगाई के अनुमान पर ट्रेडर्स के विचार करने से निफ्टी50 और सेंसेक्स ने एक सीमित दायरे में कारोबार की शुरुआत की.
LIC Three New Insurance Plans: जहां न्यू जीवन धारा -II एक सेविंग्स और डेफर्ड एन्युइटी प्लान है, वहीं हेल्थ शील्ड और न्यू कैंसर कवर इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस प्लान हैं, जिन्हें प्योर रिस्क प्लान के तौर पर क्लासिफाई किया गया है. ये तीनों इंश्योरेंस प्रोडक्ट 19 अक्टूबर, 2026 से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे.
पहले के नियमों के तहत, अगर इश्यू साइज में 20% से ज्यादा का बदलाव होता था, तो कंपनियों को नए ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट्स फाइल करने पड़ते थे. यह समय-सीमा तब बढ़ाई गई है जब बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है.
Stocks to Watch Today: मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली थी. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1.5% से अधिक की तेजी आई. अब कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजों और नए कारोबारी अपडेट पर बाजार की नजर रहेगी.
Jio IPO Updates: एंकर निवेशकों की फाइनल लिस्ट आने वाले दिनों में तय होने की उम्मीद है, हालांकि यह प्रक्रिया अभी चल रही है और कोई फाइनल फैसला नहीं लिया गया है. जियो IPO के जरिए लगभग 30,200 करोड़ रुपये जुटा सकता है. इससे यह 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के 27,900 करोड़ रुपये के इश्यू से आगे निकल जाएगा.
UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की प्रक्रिया को दिवाली के ठीक बाद तक टाल दिया गया है. इसे लागू करने की नई तारीख की जानकारी अलग से दी जाएगी.
TVS परिवार की कारोबारी कहानी में एक अहम पहलू यह है कि परिवार के अलग-अलग सदस्य अलग-अलग कंपनियों और कारोबारों का नेतृत्व करते हैं. विवाद का मुख्य सवाल ये है कि कारोबार चलाने की जिम्मेदारी बांट देना क्या परिवार की संपत्ति का अंतिम बंटवारा भी माना जा सकता है?