Gold Stocks Today: यह तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के बाद आई है जिसमें कहा गया था कि अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी खत्म करने के लिए एक फ्रेमवर्क समझौते पर सहमति बनी है. इस घोषणा के बाद ग्लोबल बुलियन की कीमतों में उछाल आया.
वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल को पहली बार 4 जून, 2026 को इसके प्रोडक्शन-स्पेसिफिकेशन वाले रूप में पेश किया गया था. टॉप-स्पेक WagonR ZXi+ 1.2-लीटर पेट्रोल मैनुअल वैरिएंट पर आधारित, इस फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल को इथेनॉल-पेट्रोल के कई तरह के मिश्रणों (ब्लेंड्स) को सपोर्ट करने के लिए बनाया गया है.
Gold-Silver Price Today: ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिका-ईरान तनाव में कूटनीतिक समाधान की उम्मीद से कीमती मेटल्स में लोगों की दिलचस्पी फिर से बढ़ गई. बाजारों ने ट्रंप के उस बयान का स्वागत किया जिसमें कहा गया था कि समझौता पूरा होने के करीब है, हालांकि अभी भी कई अनिश्चितताएं बनी हुई हैं.
ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कंपनी के मुख्य मालिक टाटा ग्रुप ने एयरलाइन को अपने भारी नुकसान को कम करने पर ध्यान देने के लिए कहा है. पिछले साल एयर इंडिया का विमान क्रैश हुआ था, और तब से लेकर अब तक एयरलाइन को लगभग 3 अरब डॉलर का सालाना नुकसान हुआ है.
IFCI Share Today: आज हुई जबरदस्त बढ़त से IFCI के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 3,800 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ, जिससे यह बढ़कर लगभग 22,786 करोड़ रुपये हो गया. NSE की प्रस्तावित लिस्टिंग भारत के कैपिटल मार्केट में सबसे बड़ी शेयर बिक्री में से एक हो सकती है.
कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित महंगाई दर अप्रैल के 3.48 फीसदी से बढ़कर 3.93 फीसदी हो गई. यह भारतीय रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के मध्यम-अवधि के लक्ष्य के करीब पहुंच रही है. ताजा आंकड़े रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की चिंता को और बढ़ा सकते हैं
Closing Bell: शुक्रवार, 12 जून को दलाल स्ट्रीट पर एकतरफा तेजी रही. निवेशकों ने अगले हफ्ते तक US-ईरान डील की संभावना और ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट का स्वागत किया. IT शेयरों को छोड़कर - जो AI की वजह से आ रहे बदलावों से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं - बाकी सभी सेक्टरों ने शेयर बाजार की इस तेजी में हिस्सा लिया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर इसी वीकेंड यूरोप में हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. उन्होंने इस व्यापक समझौते को 'बेहतरीन समझौता' बताया. सबसे मुश्किल और अनसुलझा मुद्दा विदेशों में फ्रीज किए गए ईरान के अरबों डॉलर के फंड का है.
एलारा का कहना है कि कंपनी के पास ऑर्डर की मजबूत पाइपलाइन है और ब्रोकरेज को उम्मीद है कि BEML अगले तीन सालों में 15-25 फीसदी का रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करेगी. BEML ने FY27 के लिए 5,500 करोड़ रुपये की एक्जीक्यूट करने लायक ऑर्डरबुक की योजना बनाई है.
11 जून की अधिसूचना के अनुसार नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने जनहित का हवाला देते हुए और केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद, दवाओं की कीमतें बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधानों का इस्तेमाल किया.