टाटा संस की 108वीं सालाना आम बैठक 18 अगस्त को स्थगित कर दी गई. चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और बोर्ड के कुछ डायरेक्टर बैठक में खुद शामिल हुए, जबकि नोएल टाटा और मेहली मिस्त्री ऑनलाइन शामिल हुए. अधिकारियों ने बताया कि चेयरमैन बोर्ड से सलाह लेने के बाद AGM के लिए नई तारीख तय करेंगे.
मुंबई में 22वें मोतीलाल ओसवाल एनुअल ग्लोबल इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, अग्रवाल ने कहा कि इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि निफ्टी 2035 से पहले कभी भी 50,000 के स्तर को छू ले. अग्रवाल का अनुमान एक ही बात पर टिका है. निफ्टी की कमाई हर साल लगभग 12% की दर से बढ़ेगी.
मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, कमाई में बढ़ोतरी की अगुवाई फाइनेंशियल, मेटल, ऑयल एंड गैस (OMCs को छोड़कर), ऑटोमोबाइल, केमिकल, टेक्सटाइल और रियल एस्टेट सेक्टर ने की. मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों ने भी उम्मीद से बेहतर कमाई की.
जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि एक्सचेंज ने संभावित निवेशकों के साथ मीटिंग में अपने शेयरों की कीमत 2,000 रुपये से 2,100 रुपये प्रति शेयर बताई है. एक्सचेंज ने जून में एक ऑफरिंग के लिए अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस जमा किया था, जिसमें पूरी तरह से सेकेंडरी शेयर बिक्री शामिल होगी.
नया बिल अब डिजिटल रिकॉर्ड्स को अधिक अहमियत देकर बैंक रिकॉर्ड्स से जुड़े नियमों को अपडेट करने की कोशिश करता है. 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट' सबसे पहले 1891 में पास हुआ था, जब बैंकिंग रिकॉर्ड्स मुख्य रूप से फिजिकल रूप में रखे जाते थे.
चंद्रशेखरन ने टाटा संस बोर्ड को सूचित किया था कि वे दोबारा नियुक्ति के लिए प्रयास नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें दोबारा नियुक्ति के लिए सर्वसम्मत समर्थन नहीं मिल रहा था. इस बीच टाटा संस की AGM 18 अगस्त (मंगलवार) को होनी है.
Stock to Watch Today: कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितता और प्रमुख हैवीवेट शेयरों में कमजोरी को देखते हुए निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया. आज के कारोबार में अलग-अलग खबरों के चलते एयरटेल, पेटीएम, स्पाइसजेट, ओएनजीसी और जी जैसे शेयरों पर नजर रहेगी.
हिस्सेदारी बेचने का यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब पिछले हफ्ते कई पॉजिटिव वजहों से इस स्टॉक ने 54 महीनों का उच्चतम स्तर छुआ है और मार्च से जारी इसकी रिकवरी और मजबूत हुई है. इस तेजी से स्टॉक में 70 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई है.
घंटों तक सर्वर का ठप रहना, ऐप्स का ठीक से काम न करना और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत ज़्यादा दबाव होने की वजह से एक आसान सी प्रक्रिया मुश्किल बन गई है. एक हफ्ते का यह विस्तार 16 अगस्त तक बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए किया गया था.
मौजूदा चेयरमैन एन.चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को कंपनी के अंदर चल रही उथल-पुथल के बारे में जानकारी दी थी. यह जानकारी चंद्रशेखरन के चेयरमैन के पद छोड़ने के ऐलान से पहले दी गई थी.