Why Share Market Fall: बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX 7% से ज्यादा बढ़कर 15 के पार चला गया. सेंसेक्स 400 अंक से अधिक की बढ़त के साथ खुला था, लेकिन जल्द ही इसमें गिरावट आई और शुरुआती बढ़त खत्म हो गई.
Suzlon Energy Share Target: 8 अक्टूबर को यह स्टॉक अपने 52-वीक के निचले स्तर 36.30 रुपये पर आ गया था. स्टॉक के टेक्निकल संकेत बताते हैं कि इसे शॉर्ट टर्म में बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ रहा है. स्टॉक पर बिकवाली का दबाव है, लेकिन ब्रोकरेज फर्म को तेजी की उम्मीद है.
यह सुधार तब आया है जब रुपया कैलेंडर वर्ष 2026 में 7 फीसदी से अधिक और वित्त वर्ष 2027 में अब तक लगभग 3.5 फीसदी कमजोर हो चुका है. केंद्रीय बैंक ने 'फॉरेन एक्सचेंज रिस्क रिजर्व' (FERR) भी शुरू किया है.
Opening Bell: ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों का आकलन करने के बाद निफ्टी50 और सेंसेक्स में बढ़त हुई. ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.45 प्रतिशत गिरकर 103.1 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. तेल की कीमतों में कमी के बीच पिछले सेशन की जबरदस्त तेजी का सिलसिला जारी रहा.
रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ रूसी डीजल खरीदने का यह कदम विरोधाभासी लग सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुए समझौते के तहत, रूस तुरंत 3,00,000 टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा.
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने रविवार को कहा कि अमेरिका ने तेहरान की कुछ मांगें तो मान ली हैं, लेकिन बाकी मांगों पर कोई साफ जवाब नहीं दिया है. तेहरान ने UN जनरल असेंबली के दौरान सात शर्तों वाला प्रस्ताव पेश किया था.
Stock to Watch Today: कंपनियों के तिमाही नतीजे, फंड जुटाने की योजनाएं, कारोबार से जुड़े अपडेट और रिजर्व बैंक के नियमों में बदलाव से इन शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है. अब निवेशकों की नजर दूसरी तिमाही के नतीजों और कंपनियों से जुड़ी खबरों पर रहेगी.
Delhi CJP Protest: शनिवार को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली सभी ट्रेन सेवाएं रद्द रहेंगी.
इस जबरदस्त बढ़त से BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे यह बढ़कर लगभग 464 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है. यह रिकवरी एक दिन पहले हुई भारी बिकवाली के बाद हुई.
अमेरिकी श्रम विभाग ने कहा है कि वह इन कंपनियों से जुड़े नए परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन को स्वीकार नहीं करेगा और न ही पेंडिंग सर्टिफिकेशन पर आगे बढ़ेगा. ग्रीन कार्ड प्रोग्राम के सस्पेंशन का सबसे बड़ा असर शायद तुरंत न दिखे.