कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गर्ग का एक वीडियो क्लिप शेयर किया. अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 फीसदी की दर से बढ़ी. ईरान में युद्ध और उससे पैदा हुई वैश्विक अनिश्चितता के कारण घरेलू आर्थिक रफ्तार पर असर पड़ने की आशंकाओं के बावजूद अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई.
12 अगस्त को चंद्रशेखरन की चौंकाने वाली इस्तीफे की घोषणा से लीडरशिप को लेकर जो अनिश्चितता पैदा हुई थी, वह अब और गहरी हो गई है. लेकिन उनके उत्तराधिकारी की तलाश एक अहम शेयरहोल्डर से जुड़ी रेगुलेटरी अड़चन की वजह से रुकी हुई है.
जुलाई 2025 में व्यापारिक तनाव के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को डेड करार दिया था, लेकिन फिलहाल भारतीय इकोनॉमी अपने ग्रोथ के झंडे लहरा रही है. आइए एक-एक करके उन मैक्रो इंडिकेटर्स पर नजर डालते हैं, जो आर्थिक मजबूती के संकेत दे रहे हैं.
Why share Market Fall Today: बाजार खुलने के बाद, सेंसेक्स 750 अंक से अधिक गिरकर 76,200 के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 50 में 200 अंकों से अधिक की गिरावट आई और यह 23,800 के स्तर से नीचे चला गया. शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX सुबह 3% से अधिक बढ़कर 11.86 पर पहुंच गया.
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही. सुबह के समय सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1% की गिरावट आई, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, तेल की बढ़ती कीमतों और अन्य वजहों ने सेंटीमेंट को बिगाड़ दिया.
ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने ABC न्यूज की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि वह ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद ट्रंप ने सीधे तौर पर ईरानी आबादी से सरकार को चुनौती देने का आह्वान किया.
Stock to Watch Today: बैंकिंग, ऑटो और फार्मा शेयरों में गिरावट का असर बाजार पर दिखा. निफ्टी 24,100 के लेवल से नीचे फिसलकर 24,055.8 पर बंद हुआ, जो 24.6 पॉइंट या 0.1% की गिरावट है. इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल 9 ऐसे स्टॉक्स हैं जिन पर बुधवार को ट्रेडिंग के दौरान नजर रहेगी.
ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन IPO के लिए प्राइस बैंड 408.00-429.00 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था. तीसरे दिन ESDS Software Solution IPO का सब्सक्रिप्शन स्टेटस 135.88 गुना रहा. मार्केट से इस इश्यू को कुल मिलाकर अच्छी प्रतिक्रिया मिली.
बढ़ती या ज्यादा GDP सीधे तौर पर यह बताती है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है और देश के अंदर आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं. लेकिन आने वाले रिस्क की तरफ भी अर्थशास्त्रियों ने इशारा किया है. अब सबसे अहम सवाल यह है कि भारत के लिए इस ग्रोथ का असल में क्या मतलब है और इसके बाद देश के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक के सामने क्या चुनौतियां होंगी.
HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI कुल स्थितियों का एक पैमाना है जो नए ऑर्डर, प्रोडक्शन, रोजगार, सप्लायर की डिलीवरी के समय और खरीदे गए स्टॉक के आंकड़ों से निकाला जाता है. नए ऑर्डर में बढ़ोतरी जारी रही, हालांकि यह पिछले पांच वर्षों में सबसे धीमी गति से हुई.