क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो ने फ्री डिलीवरी के लिए जरूरी कम से कम ऑर्डर वैल्यू को 149 रुपये से बढ़ाकर 199 रुपये कर दिया है, जिससे छोटे ऑर्डर देने वाले ग्राहकों के लिए यह महंगा हो गया है. Zepto के लिए इस कदम से छोटे ऑर्डर पर कॉन्ट्रिब्यूशन इकोनॉमिक्स (मुनाफे का गणित) बेहतर हो सकता है.
Opening Bell: जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण ग्लोबल इक्विटी में गिरावट के बीच बुधवार 19 अगस्त को शेयर बाजार में गिरावट आई. दोनों ही इंडेक्स लाल निशान में खुले. इस स्थिति ने ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में जोखिम से बचने का माहौल बना दिया है.
बुधवार को ट्रेडिंग के दौरान शिपरॉकेट के शेयर BSE और NSE दोनों पर एक स्पेशल प्री-ओपन सेशन में लिस्ट होंगे. आज सुबह 10:00 बजे (IST) से शिपरॉकेट के शेयरों में ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी. 1,617.5 करोड़ रुपये के IPO को बिडिंग बंद होने तक 99.38 गुना सब्सक्राइब किया गया था.
इस फंड का लक्ष्य 2,000 करोड़ रुपये का कॉर्पस जुटाना है, जिसमें 1,000 करोड़ रुपये का बेस कॉर्पस और 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त 'ग्रीनशू ऑप्शन' शामिल है. इसे योग्य निवेशकों को प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए पेश किया जाएगा.
Stock to Watch Today: बुधवार के कारोबार में कॉरपोरेट डेवलपमेंट और पहली तिमाही के नतीजों के बाद ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL), रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, लोहिया कॉर्प और कई दूसरी कंपनियों के शेयरों पर नजर रहेगी.
इस बदलाव से पता चलता है कि ईरान का जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से होने वाले ट्रैफिक पर अब शायद उतना कंट्रोल नहीं रहा, जितना संघर्ष की शुरुआत में था. खाड़ी क्षेत्र में तेल उत्पादक भी इस क्षेत्र से कच्चे तेल को ले जाने का तरीका बदल रहे हैं.
टाटा संस की 108वीं सालाना आम बैठक 18 अगस्त को स्थगित कर दी गई. चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और बोर्ड के कुछ डायरेक्टर बैठक में खुद शामिल हुए, जबकि नोएल टाटा और मेहली मिस्त्री ऑनलाइन शामिल हुए. अधिकारियों ने बताया कि चेयरमैन बोर्ड से सलाह लेने के बाद AGM के लिए नई तारीख तय करेंगे.
मुंबई में 22वें मोतीलाल ओसवाल एनुअल ग्लोबल इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, अग्रवाल ने कहा कि इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि निफ्टी 2035 से पहले कभी भी 50,000 के स्तर को छू ले. अग्रवाल का अनुमान एक ही बात पर टिका है. निफ्टी की कमाई हर साल लगभग 12% की दर से बढ़ेगी.
मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, कमाई में बढ़ोतरी की अगुवाई फाइनेंशियल, मेटल, ऑयल एंड गैस (OMCs को छोड़कर), ऑटोमोबाइल, केमिकल, टेक्सटाइल और रियल एस्टेट सेक्टर ने की. मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों ने भी उम्मीद से बेहतर कमाई की.
जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि एक्सचेंज ने संभावित निवेशकों के साथ मीटिंग में अपने शेयरों की कीमत 2,000 रुपये से 2,100 रुपये प्रति शेयर बताई है. एक्सचेंज ने जून में एक ऑफरिंग के लिए अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस जमा किया था, जिसमें पूरी तरह से सेकेंडरी शेयर बिक्री शामिल होगी.