US Market Today: CPI किसी इकोनॉमी में महंगाई का एक मुख्य इंडिकेटर है. लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, महंगाई उम्मीदों के मुताबिक है. US मार्केट खुलने के बाद 11 में से छह सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर और पांच हरे निशान पर ट्रेड कर रहे थे.
सॉफ्टबैंक के सपोर्ट वाली इस कंपनी को तिमाही में 4.87 अरब रुपये ($53.75 मिलियन) का नुकसान हुआ, क्योंकि इसके नए मॉडल्स को बनाने में कम खर्च आया, जिससे बिक्री में आई गिरावट की कुछ हद तक भरपाई हो गई. तीसरी तिमाही में नुकसान कम होने के बाद, कंपनी अब प्रॉफिटेबल होने की ओर बढ़ रही है.
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 30 अक्टूबर, 2025 को डीमर्जर स्कीम को मंजूरी दी. यह डीमर्जर इसकी ग्लोबल पेरेंट एंटिटी, यूनिलीवर के आइसक्रीम बिजनेस से ग्लोबल सेपरेशन के फैसले के बाद हुआ है.
DGCA ने एयर इंडिया पर बिना एयरवर्दीनेस परमिट के 8 बार एयरबस उड़ाने पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया. यह जुर्माना एक एयरबस A320 से जुड़ा है, जिसने 24 और 25 नवंबर को दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद के बीच कई सेक्टर में यात्रियों को बिना जरूरी एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) के उड़ाया था.
फर्म की वेबसाइट के अनुसार, 'Razorpay भारत में एकमात्र पेमेंट सॉल्यूशन है जो बिजनेस को अपने प्रोडक्ट सूट के साथ पेमेंट स्वीकार करने, प्रोसेस करने और बांटने की सुविधा देता है. दिसंबर में फर्म को RBI का पेमेंट एग्रीगेटर-क्रॉस बॉर्डर (PA-CB) लाइसेंस मिला था.
पॉलिटिकल माहौल, खेलों की दुश्मनी और मैच का इमोशनल असर इतना होता है कि एक मैच का मार्जिन स्कोरबोर्ड पर टंगे नतीजों से कहीं आगे निकल जाता है. इसलिए बारिक गलतियां भी हाइलाइट्स में शामिल हो जाती हैं. अगर इंडिया के खेल में कोई हल्कापन है, तो पाकिस्तान उसे लगातार खींचने की कोशिश करेगा.
Closing Bell: AI और ग्लोबल इकोनॉमी पर इसके असर को लेकर चिंताओं के कारण कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच शुक्रवार, 13 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई. मजोर ग्लोबल सेंटीमेंट का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है.
टैरिफ वॉर और जियो-पॉलिटिकल उथल-पुथल के कारण अनिश्चित बिजनेस हालात के बाद, भारतीय IT सर्विस कंपनियां इस फाइनेंशियल ईयर में सैलरी बढ़ाने और सैलरी के अलग-अलग हिस्सों का पेमेंट करने में सावधान रही हैं. विप्रो बड़ी IT कंपनियों में सबसे आखिर में सैलरी बढ़ाने वाली कंपनी है.
रोथ्सचाइल्ड के एडवाइजर NSE को ब्यूटी परेड चलाने और IPO के लिए लीगल काउंसल हायर करने जैसे अलग-अलग प्रोसेस में गाइड करेंगे. NSE के बयान में कहा गया है कि रोथ्सचाइल्ड की जिम्मेदारियों में 'एक ऑब्जेक्टिव इवैल्यूएशन फ्रेमवर्क बनाना, साफ सिलेक्शन क्राइटेरिया तय करना है.
बेहतर ट्रेंड, बढ़ती वॉल्यूम और बुलिश स्ट्रक्चर को देखते हुए इन स्टॉक्स में शॉर्ट-टर्म अपसाइड की उम्मीद जताई गई है. आइए जानते हैं कि ये कौन से शेयर हैं. इस हफ्ते शेयर मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. गुरुवार को बाजार में तेज बिकवाली देखी गई.