ट्रस्ट ने गुरुवार को बताया कि उसके नॉमिनी डायरेक्टरों को 12 अगस्त को चंद्रशेखरन का एक ईमेल मिला, जिसमें उन्होंने अपना फैसला बताया था.
एन चंद्रशेखरन के चौंकाने वाले ऐलान के बाद से ही टाटा समूह और उसकी कंपनियों का आकलन किया जा रहा है. उनकी तुलना पूर्व के चेयरमैन रहे दिग्गजों से की जा रही है. तो चलिए टाटा संस के पिछले तीन चेयरमैन के कार्यकाल का हिसाब किताब देख लेते हैं.
इस हमले को वैश्विक आतंकवादी संगठन अल-कायदा की एक शाखा ने अंजाम दिया था. इस हमले को वैश्विक आतंकवादी संगठन अल-कायदा की एक शाखा ने अंजाम दिया था. रिपोर्ट में इस संगठन के बढ़ते क्षेत्रीय नेटवर्क के बारे में भी चेतावनी दी गई है.
Opening Bell: शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अनसुलझी स्थिति के बीच कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं. ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.82 प्रतिशत गिरकर 88.25 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.
8th Pay Commission: संसद में दिए गए हालिया जवाब में रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने की समय-सीमा के अलावा किसी खास तारीख का जिक्र नहीं किया गया है. सरकार का अनुमान है कि 1 मार्च 2026 तक लगभग 35.77 लाख केंद्र सरकार के सिविलियन कर्मचारी सेवा में थे.
MSCI ने कहा कि ये बदलाव 31 अगस्त को ट्रेडिंग बंद होने के बाद लागू होंगे और 1 सितंबर से प्रभावी होंगे. MSCI इंडिया इंडेक्स को भारतीय इक्विटी मार्केट के लार्ज-कैप और मिड-कैप सेगमेंट को दिखाने के लिए बनाया गया है. MSCI के अनुसार, यह भारत के इक्विटी मार्केट का लगभग 85 फीसदी हिस्सा कवर करता है.
Stock to Watch Today: कॉरपोरेट डेवलपमेंट और पहली तिमाही के नतीजों के बाद गुरुवार के कारोबार में अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, गोदरेज इंडस्ट्रीज, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, एस्ट्रल, एक्सिस बैंक और कई अन्य कंपनियों के शेयरों पर नजर रहेगी.
Gold Price Today: जुलाई में US में कंज्यूमर प्राइस ग्रोथ जून के 3.5% से थोड़ी घटकर 3.4% हो गई, जो निवेशकों के अनुमान के मुताबिक है. इससे फेडरल रिजर्व के लिए मॉनेटरी पॉलिसी में ढील देने की गुंजाइश कम हो गई है. कीमती धातुओं के कारोबारियों के लिए महंगाई की स्थिति अभी भी नाजुक संतुलन में है.
इस्तीफे की चिट्ठी में चंद्रशेखरन ने बताया है कि क्यों उन्हें एक और कार्यकाल नहीं मिला. लेकिन इन सब के बीच अब सवाल ये है टाटा संस की कमान किसके हाथों में जाएगी? हालांकि, चंद्रशेखरन 2027 तक अपने टर्म के खत्म होने तक इस पद पर बने रहेंगे.
एन चंद्रशेखरन के लगभग एक दशक लंबे कार्यकाल का अचानक अंत हो गया है, जिसमें उन्होंने भारत के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप को एयरलाइंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और डिजिटल कारोबार वाले ग्रुप में बदल दिया. हालांकि, फरवरी 2027 तक वे अपने पद पर बने रहेंगे.