बढ़ती या ज्यादा GDP सीधे तौर पर यह बताती है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है और देश के अंदर आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं. लेकिन आने वाले रिस्क की तरफ भी अर्थशास्त्रियों ने इशारा किया है. अब सबसे अहम सवाल यह है कि भारत के लिए इस ग्रोथ का असल में क्या मतलब है और इसके बाद देश के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक के सामने क्या चुनौतियां होंगी.
HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI कुल स्थितियों का एक पैमाना है जो नए ऑर्डर, प्रोडक्शन, रोजगार, सप्लायर की डिलीवरी के समय और खरीदे गए स्टॉक के आंकड़ों से निकाला जाता है. नए ऑर्डर में बढ़ोतरी जारी रही, हालांकि यह पिछले पांच वर्षों में सबसे धीमी गति से हुई.
यह घटनाक्रम NCLT के उस आदेश के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें चंद्रा को लगभग 6.25 करोड़ रुपये का भुगतान करके अपनी दिवालियापन की कार्यवाही को निपटाने की मंजूरी दी गई थी, जबकि उन पर 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के दावे थे.
Opening Bell: वेस्ट एशिया में फिर से बढ़े तनाव और US में मॉनेटरी टाइटनिंग (मौद्रिक सख्ती) की चिंता के कारण ग्लोबल इक्विटी में गिरावट आई, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स भी नीचे कारोबार कर रहे थे.
इन नए समझौतों के बाद, MFN समझौते वाली फार्मास्युटिकल कंपनियों की कुल संख्या 26 हो गई है. ट्रंप प्रशासन ने कहा कि इस प्रोग्राम में शामिल कंपनियां अब अमेरिका के ब्रांडेड दवा बाजार का 89 फीसदी हिस्सा रखती हैं.
8th Pay Commission Arrears: प्रक्रियाओं के कारण संशोधित वेतन मिलने में कई महीने की देरी हो सकती है. आमतौर पर, कर्मचारियों को देरी की अवधि के लिए बनता बकाया भुगतान मिल जाता है.कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी पर एक फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है.
Stock to Watch Today: इस माहौल में अहम कॉरपोरेट घटनाक्रमों के बाद भारती एयरटेल, हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज, पीवीआर आइनॉक्स, मिल्की मिस्ट डेयरी, मैनकाइंड फार्मा और कई अन्य कंपनियों के शेयरों पर नजर बनी रहने की संभावना है.
LPG Price Hike: एक सितंबर से 19 किलो वाले कमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हुआ है, जबकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दामों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं हुई है. गैस के दाम तय करते समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत और रुपये की कीमत को ध्यान में रखा जाता है.
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सेमीकंडक्टर दुनिया भर में एक अहम रणनीतिक संसाधन बन गए हैं. AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल की वजह से एडवांस्ड चिप्स और मेमोरी की मांग में जबरदस्त उछाल आया है. 'सेमीकॉन 2.0' स्कीम को केंद्रीय कैबिनेट ने 15 जुलाई, 2026 को मंजूरी दी थी.
लेनदारों की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपीलेट ट्रिब्यूनल से इस मामले पर जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया. NCLAT मंगलवार सुबह 10 बजे मामले की सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया.