NSE ने 17 जून को रेगुलेटर के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा किया. इससे उस प्रोसेस को फिर से शुरू किया गया जो रेगुलेटरी जांच और पुराने मुद्दों के कारण 2016 से रुका हुआ था. Jio प्लेटफॉर्म्स और NSE का IPOs भारत का अब तक के सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है.
2026 में अब तक इस स्टॉक में लगभग 15 फीसदी की बढ़त हुई है, जबकि निफ्टी 50 में 9 फीसदी की गिरावट आई है. प्रस्तावों में DAC ने भारतीय सेना के लिए एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर खरीदने को मंजूरी दी.
ESDS Software Solution के शेयर 4 सितंबर को NSE पर 757 रुपये पर लिस्ट हुए थे, जो IPO इश्यू प्राइस 429 रुपये प्रति शेयर से 76.46 फीसदी अधिक था. IPO शुक्रवार, 28 अगस्त को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था.
Opening Bell: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी रही और सेंसेक्स व निफ़्टी लाल निशान के साथ खुले. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की चिंता, तेजी से बढ़ता IPO बाजार और अन्य कारण बाजार में लगातार आ रही गिरावट में योगदान दे रहे हैं.
इस साल कॉपर की कीमत में 17 फीसदी और पिछले 12 महीनों में 47 फीसदी की बढ़त की मुख्य वजह सप्लाई और डिमांड के बीच लंबे समय से चला आ रहा असंतुलन है. दुनिया भर में कुल स्टॉक काफी अधिक है, लेकिन अब यह ज्यादातर अमेरिका में जमा हो गया है.
सरकार ने यह बताया भी पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हम अपने क्रूड इंपोर्ट को डायवर्सिफाइड कर रहे हैं, लेकिन नए सप्लायर जोड़ने के बावजूद तेल सप्लाई कुछ ही देशों (खासकर रूस) पर केंद्रित रही. टॉप पांच सप्लायर्स की लिस्ट में बदलाव हुआ.
Stock to Watch Today: जिन स्टॉक्स पर नजर रहने की संभावना है, उनमें कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, स्विगी, BCPL रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, अडानी पावर, राजपूताना स्टेनलेस, 63 मून्स टेक्नोलॉजीज और शिपरॉकेट शामिल हैं. डिफेंस स्टॉक्स भी निवेशकों का ध्यान खींच सकते हैं.
संभावित समझौते की खबर से तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी कुछ समय के लिए कम हो गई. ईरान और ओमान, दोनों की सीमाएं 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से लगती हैं, और वे इस जलमार्ग से होने वाले ट्रैफिक को नियंत्रित करने वाली व्यवस्था को औपचारिक रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं.
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब सिस्टम में लिक्विडिटी (नकदी) की भरमार है. RBI लिक्विडिटी (नकदी) को कम करने के लिए अक्सर VRRR नीलामी का इस्तेमाल करता रहा है. FCNR (B) में भारी निवेश की वजह से 28 अगस्त तक विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड 740.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया.
विमान कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया. विमान में सवार यात्रियों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि स्थिति कितनी गंभीर हो गई थी. भारतीय एयरलाइंस में तकनीकी कारणों से फ्लाइट का रास्ता बदलना अब लगभग हर हफ्ते होने वाली घटना बन गई है.