Why share Market Fall Today: बाजार खुलने के बाद, सेंसेक्स 750 अंक से अधिक गिरकर 76,200 के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 50 में 200 अंकों से अधिक की गिरावट आई और यह 23,800 के स्तर से नीचे चला गया. शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX सुबह 3% से अधिक बढ़कर 11.86 पर पहुंच गया.
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही. सुबह के समय सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1% की गिरावट आई, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, तेल की बढ़ती कीमतों और अन्य वजहों ने सेंटीमेंट को बिगाड़ दिया.
ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने ABC न्यूज की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि वह ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद ट्रंप ने सीधे तौर पर ईरानी आबादी से सरकार को चुनौती देने का आह्वान किया.
Stock to Watch Today: बैंकिंग, ऑटो और फार्मा शेयरों में गिरावट का असर बाजार पर दिखा. निफ्टी 24,100 के लेवल से नीचे फिसलकर 24,055.8 पर बंद हुआ, जो 24.6 पॉइंट या 0.1% की गिरावट है. इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल 9 ऐसे स्टॉक्स हैं जिन पर बुधवार को ट्रेडिंग के दौरान नजर रहेगी.
ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन IPO के लिए प्राइस बैंड 408.00-429.00 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था. तीसरे दिन ESDS Software Solution IPO का सब्सक्रिप्शन स्टेटस 135.88 गुना रहा. मार्केट से इस इश्यू को कुल मिलाकर अच्छी प्रतिक्रिया मिली.
बढ़ती या ज्यादा GDP सीधे तौर पर यह बताती है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है और देश के अंदर आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं. लेकिन आने वाले रिस्क की तरफ भी अर्थशास्त्रियों ने इशारा किया है. अब सबसे अहम सवाल यह है कि भारत के लिए इस ग्रोथ का असल में क्या मतलब है और इसके बाद देश के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक के सामने क्या चुनौतियां होंगी.
HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI कुल स्थितियों का एक पैमाना है जो नए ऑर्डर, प्रोडक्शन, रोजगार, सप्लायर की डिलीवरी के समय और खरीदे गए स्टॉक के आंकड़ों से निकाला जाता है. नए ऑर्डर में बढ़ोतरी जारी रही, हालांकि यह पिछले पांच वर्षों में सबसे धीमी गति से हुई.
यह घटनाक्रम NCLT के उस आदेश के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें चंद्रा को लगभग 6.25 करोड़ रुपये का भुगतान करके अपनी दिवालियापन की कार्यवाही को निपटाने की मंजूरी दी गई थी, जबकि उन पर 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के दावे थे.
Opening Bell: वेस्ट एशिया में फिर से बढ़े तनाव और US में मॉनेटरी टाइटनिंग (मौद्रिक सख्ती) की चिंता के कारण ग्लोबल इक्विटी में गिरावट आई, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स भी नीचे कारोबार कर रहे थे.
इन नए समझौतों के बाद, MFN समझौते वाली फार्मास्युटिकल कंपनियों की कुल संख्या 26 हो गई है. ट्रंप प्रशासन ने कहा कि इस प्रोग्राम में शामिल कंपनियां अब अमेरिका के ब्रांडेड दवा बाजार का 89 फीसदी हिस्सा रखती हैं.