अब जब तस्वीर साफ हो गई है और बीजेपी पश्चिम बंगाल में पहली बार अपनी सरकार बनाने जा रही है, तो जाहिर है कि शेयर मार्केट में निवेश करने वालों की नजर उन शेयरों पर टिक गई है, जो सिर्फ रुझान में बीजेपी की बढ़त की वजह से जोरदार उछले थे. आइए ऐसे शेयरों के बारे में जान लेते हैं.
बीजेपी पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाने जा रही है. राज्य में सरकार बदलने के बाद ऐसी कई कंपनियों के शेयर हैं, जिनपर निवेशकों की नजरें बनी रहेंगी, क्योंकि उनके कारोबार पश्चिम बंगाल में फैले हुए हैं. आइए ऐसे ही कुछ शेयरों का नाम जान लेते हैं.
शेयर बाजारों ने पहले ही नीति में बदलाव की संभावना को अपने भावों में शामिल करना शुरू कर दिया है. चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते कुछ खास सेक्टर और कंपनियां शुरुआती तेजी के संकेत दिखा रही हैं. आइए, ऐसी ही 3 कंपनियों पर एक नजर डालते हैं.
Nifty Outlook May 5: रुपये में लगातार चौथे सत्र में गिरावट दर्ज की गई और यह 18 पैसे गिरकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ. तेल की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी और विदेशी फंड के बाहर जाने से भारत के व्यापार संतुलन और पूरी अर्थव्यवस्था पर साफ तौर पर दबाव पड़ रहा है.
Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क- सेंसेक्स और निफ्टी सोमवार, 4 मई को बढ़त के साथ बंद हुए. सत्र के दौरान दोनों इंडेक्स 1% से ज्यादा उछले, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में 1% से ज्यादा की बढ़ोतरी के कारण मुनाफावसूली के चलते उनकी बढ़त कुछ कम हो गई.
DMart Avenue Supermarts Share: कंपनी का रेवेन्यू 17,683.86 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के 14,871.86 करोड़ रुपये से 19 फीसदी अधिक है. पीएल कैपिटल और एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने डीमार्ट के शेयर पर अपनी रेटिंग दी है.
भारतीय राजनीति में ऐसा बहुत कम ही देखने को मिला है कि कोई राजनीतिक पार्टी अपने पहले ही चुनाव में सत्ता पर काबिज हो जाए और वह भी अपनी स्थापना के महज एक साल बाद. तमिलनाडु ने छह दशक पहले इतिहास रच दिया था, जब वह किसी क्षेत्रीय पार्टी को सत्ता में चुनने वाला पहला राज्य बना था.
सोमवार को जब पूरे तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों के वोटों की गिनती चल रही थी, तब अभिनेता से राजनेता बने विजय के नेतृत्व वाली नई पार्टी TVK, 100 से अधिक सीटों पर आगे चल रही थी. स्टॉक ने अगस्त 2024 के बाद से अपनी सबसे बड़ी एक-दिन की गिरावट दर्ज की.
Petrol-Diesel Price: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी है, जिसका दबाव तेल कंपनियों पर पड़ रहा है. दबाव को कम करने के लिए पेट्रोल-डीजल की रिटेल कीमतों में इजाफा किया जा सकता है.
Exxon Mobil और Chevron ने शुक्रवार को अपनी तिमाही रिपोर्ट जारी की. दोनों कंपनियों का एडजस्टेड मुनाफा Wall Street की उम्मीदों से कहीं अधिक रहा. इस हफ्ते दोनों कंपनियों के शेयरों में काफी तेजी आई थी. अमेरिकी श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने अमेरिका में महंगाई तेजी से बढ़ी.