Closing Bell: बुधवार, 22 जुलाई को भारतीय शेयर बाज़ार में हर तरफ़ बिकवाली देखी गई, जिसमें बेंचमार्क इंडेक्स में लगभग 1% की गिरावट आई, जबकि मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट का प्रदर्शन कमजोर रहा.
Adani Power Q1 Results: रिपोर्टिंग अवधि में ऑपरेशन से होने वाली आय सालाना आधार पर 34% बढ़कर 18,902 करोड़ रुपये हो गई. ऑपरेटिंग और फाइनेंशियल पैमानों पर यह उसका अब तक का सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन रहा.
Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में हर तरफ बिकवाली देखी गई. इस दौरान बेंचमार्क इंडेक्स में लगभग 1 फीसदी की गिरावट आई, जबकि मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट का प्रदर्शन कमजोर रहा. नए टैरिफ की धमकियों से मार्केट का मूड खराब हुआ.
Gold-Silver Price Today: ट्रेडर्स ने कहा कि घरेलू बुलियन मार्केट में सोने की लगातार खरीदारी देखी गई, जबकि हालिया गिरावट के बाद चांदी की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ. सरकारी सपोर्ट वाले निवेश के जरिए अपने टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में आई गिरावट को रोकने की हालिया कोशिशों से भी चांदी सहित इंडस्ट्रियल मेटल्स के प्रति इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ा है.
HDFC Share Price Today: देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर लेंडर ने पिछले साल की इसी अवधि में 18,155 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था. बैंक के तिमाही नतीजों में मार्जिन के मोर्चे पर निराशाजनक प्रदर्शन के बाद शेयरों में गिरावट आई है.
Closing Bell: बेंचमार्क इंडेक्स - सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई, क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिशों की खबरों के बाद तेल की कीमतों में कमी आई.
जर्मन कार कंपनी दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटो मार्केट में अपनी लोकल यूनिट को मजबूत करने और नया निवेश लाने के लिए एक पार्टनर की तलाश कर रही है. अगर यह डील फाइनल हो जाती है, तो Volkswagen की कई साल से चल रही लोकल इंडियन पार्टनर की तलाश पूरी हो जाएगी.
ओरेकल (Oracle) से जुड़े एक डेटा सेंटर प्रोजेक्ट में रेगुलेटरी अड़चनों के कारण देरी की खबरों के बाद निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं. लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में शेयर 5 फीसदी तक गिरे और पिछले एक महीने में इनमें 30 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है.
मार्केट रेगुलेटर ने पाया कि सेटलमेंट प्रोसेस और इंटर-डिपॉजिटरी ट्रांसफर जैसे अहम सिस्टम क्रमशः 46 घंटे और 54.5 घंटे तक ठप रहे. इससे साफ है कि इस रुकावट का पूरे सिक्योरिटीज मार्केट पर बड़ा असर पड़ा. रेगुलेटर ने यह भी कहा कि मैलवेयर हमला लंबे समय से चली आ रही कमियों का नतीजा था.
Gold-Silver Price Today: ट्रेडर्स ने कहा कि पिछले हफ्ते की भारी बिकवाली के बाद सोने में 'वैल्यू बाइंग' (कम कीमत पर खरीदारी) देखी गई. कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) मार्केट के लिए सबसे बड़ा उतार-चढ़ाव वाला फैक्टर बना रहा.