खबर है कि NPCI, UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लागू करने के फैसले को फिलहाल के लिए टाल सकता है, क्योंकि कई संगठनों और मर्चेंट ने इसके लिए अनुरोध किया है. पीआई पेमेंट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है.
NPCI अगले दो दिनों में इस पर कोई फैसला ले सकता है, क्योंकि वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत चल रही है. पिछले महीने, UPI स्टीयरिंग कमेटी ने 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए UPI MDR को 0.4 फीसदी या 40 bps तय किया था.
Opening Bell: बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बाद ग्लोबल इक्विटी में गिरावट आई, जिससे निफ्टी50 और सेंसेक्स निचले स्तर पर ट्रेड कर रहे थे. शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे बढ़कर 96.65 पर पहुंच गया.
Nana Patekar Net worth: उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका. नाना पाटेकर की कुल संपत्ति को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आते रहे हैं.
Stock to Watch Today: पीएनजीएस गार्गी फैशन ज्वैलरी, राठी स्टील एंड पावर, सेंको गोल्ड, फिनो पेमेंट्स बैंक, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और टाटा पावर भी निवेशकों का ध्यान खींच सकते हैं. भारतीय शेयर बाजार के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है, क्योंकि गुरुवार 8 अक्टूबर को GIFT निफ्टी ने सुस्त शुरुआत का संकेत दिया है.
नाना पाटेकर गोवा स्थित अपने घर पर बेहोश पाए गए थे. उन्हें रात करीब साढ़े 3 बजे दोना पावला स्थित मणिपाल अस्पताल लाया गया था. नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उन्होंने साल 1978 की ड्रामा फिल्म गमन से बॉलीवुड में डेब्यू किया था.
उम्मीद है कि EPFO सब्सक्राइबर्स के बैंक अकाउंट से जुड़ा एक ऐप लॉन्च करेगा. यह ऐप BHIM और दूसरे UPI ऐप्स से भी जुड़ेगा. शिक्षा, शादी और घर जैसे जरूरी खर्चों सहित यूनिफाइड कैटेगरी के तहत शॉर्ट टर्म जरूरतों के लिए, सब्सक्राइबर अपने जमा EPF बैलेंस का 75 फीसदी तक निकाल सकता है.
इस साल अप्रैल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नियमों का पालन न करने के कारण PPBL का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था. विजय शेखर शर्मा की फिनटेक कंपनी Paytm की सहयोगी फर्म PPBL पहले भी कई बार रेगुलेटरी जांच के दायरे में आ चुकी है.
RBI के रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी से यह दर 5.50% हो गई है, जिससे फ्लोटिंग-रेट होम लोन लेने वालों के लिए लोन की लागत बढ़ सकती है. लेकिन लोन लेने वालों के पास एक विकल्प है, या तो वे बढ़ी हुई EMI के जरिए इस बढ़ोतरी का बोझ उठाएं या फिर EMI को वैसा ही रहने दें और लोन की अवधि बढ़ा लें.
इस हफ्ते की शुरुआत में वर्ल्ड बैंक ने भारत के लिए FY27 की ग्रोथ का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 7.1 फीसदी किया था. पहली तिमाही के मजबूत आंकड़ों ने बातचीत का रुख बदल दिया है. हालांकि जुलाई और अगस्त में कुछ हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर थोड़े कमजोर हुए हैं.