Rohit Kumar Ojha

रोहित कुमार ओझा मनी9 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. दुनिया भर की आर्थिक हलचल पर नजर रहती है. शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच तेजी से बदलते आंकड़ों की बारिकियों को आसान भाषा में डिकोड करने में दिलचस्पी. टीवी और डिजिटल मीडिया में 6 साल का अनुभव. इससे पहले वे टाइम्स नाउ नवभारत, आजतक, इंडिया टीवी, टीवी9 भारतवर्ष और अमर उजाला में अलग-अलग भूमिका में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

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Rohit Kumar Ojha

TAKE Solutions ने भारत के प्रिवेंटिव हेल्थकेयर स्पेस में विस्तार करने की अपनी लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी के तहत, AI-इनेबल्ड स्मार्ट डायग्नोस्टिक और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर यूनिट 'वन मिनट क्लिनिक' शुरू करने के प्लान की घोषणा की है. कंपनी चीन से पूरी तरह से इंटीग्रेटेड स्मार्ट हेल्थ यूनिट्स इंपोर्ट करने की योजना बना रही है.

Titan Q3 Results: कंपनी ने कहा कि उसके ज्वेलरी बिजनेस ने जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की, जो सोने की ज्यादा कीमतों के माहौल में भी मजबूती दिखाता है. फेस्टिव गिफ्टिंग और एनालॉग घड़ियों के लिए कस्टमर की पसंद की वजह से टाइटन का वॉच पोर्टफोलियो 14 फीसदी बढ़कर 1,295 करोड़ रुपये हो गया.

नए साल के शुरू होने के सिर्फ दो महीने से भी कम समय में, इन्वेस्टर्स ने कई इवेंट्स देखे हैं, जैसे US-वेनेजुएला और US-ईरान का ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल मुद्दा. इन सभी मार्केट इवेंट्स का असर घरेलू मार्केट पर पड़ा. नतीजतन, बेंचमार्क इंडेक्स में बड़े उतार-चढ़ाव और हाई वोलैटिलिटी देखी गई.

NSE मैनेजमेंट ने कहा, 'यूनियन बजट में कमी की उम्मीद थी. मार्केट में कई लोगों को उम्मीद थी कि कैश मार्केट के लिए STT में थोड़ी कमी हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके उलट, हमने फ्यूचर्स और ऑप्शंस, STT दोनों में थोड़ी बढ़ोतरी देखी है.'

Closing Bell: मंगलवार 10 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सेशन में ऊपर रहा, जिसे ज्यादातर ऑटो, मेटल और टेक स्टॉक्स से सपोर्ट मिला. क्योंकि US-इंडिया इंटरिम ट्रेड डील, विदेशी इन्वेस्टर्स की वापसी और जियोपॉलिटिकल और ट्रेड से जुड़ी चिंताओं में कमी से स्ट्रीट सेंटीमेंट में तेजी बनी रही.

पिछले साल के आखिर में नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) और मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज (MSE) ने इक्विटी कैश और डेरिवेटिव प्रोडक्ट्स लॉन्च करने और डेवलप करने के लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से अलग-अलग मंजूरी मांगी थी.

यह ग्रोथ ज्यादातर ट्रांजेक्शन चार्ज में बढ़ोतरी की वजह से हुई, जो पिछले साल इसी तिमाही में 511 करोड़ रुपये और सितंबर तिमाही में 794 करोड़ रुपये से बढ़कर 952 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी के शेयरों ने फरवरी के निचले स्तर से 25 फीसदी रिकवर करके 2,986 रुपये प्रति शेयर का भाव हासिल कर लिया है.

यह खरीद भारतीय रिफाइनरियों की अपने आयात में डायवर्सिफिकेशन लाने की कोशिश को दिखाती है, ताकि रूसी तेल की जगह कुछ हद तक दूसरे तेल का इस्तेमाल किया जा सके. निया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स को चलाने वाली रिलायंस ने अप्रैल डिलीवरी के लिए विटोल से 2 मिलियन बैरल वेनेजुएला का तेल खरीदा है.

दिसंबर 2024 में अंबुजा सीमेंट्स के बोर्ड ने कहा था कि वह सांघी इंडस्ट्रीज के हर 100 शेयरों के लिए 12 शेयर जारी करेगी. इसका मतलब है कि सांघी इंडस्ट्रीज के एलिजिबल शेयरहोल्डर अंबुजा सीमेंट्स के शेयरहोल्डर बन जाएंगे. फिलहाल, अंबुजा सीमेंट्स के पास सांघी इंडस्ट्रीज की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल का 58.08 फीसदी हिस्सा है.

T20 वर्ल्ड कप में भारत का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जिसमें शुरुआती जीत, बीच-बीच में संघर्ष और गौरव की लगातार तलाश शामिल है. रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने 2024 में टी20 का खिताब अपने नाम किया. आइए देखते हैं टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का सफर अब तक कैसा रहा है.