1 अप्रैल से लागू होगा Income Tax Act 2025: 64 साल पुराने कानून की लेगा जगह, जानें क्या क्या बदलेगा

इनकम टैक्स एक्ट 2025 एक अप्रैल से लागू होगा. इसके साथ ही 1961 का पुराना कानून पूरी तरह खत्म हो जाएगा. बजट 2026-27 में टैक्स से जुड़े जो भी बदलाव घोषित किए जाएंगे, उन्हें इसी नए कानून में शामिल किया जाएगा. सरकार का कहना है कि यह कानून राजस्व के लिहाज से न्यूट्रल है

Income Tax Act, 2025 Image Credit: AI/Money9 live

Simplified Income Tax Act: देश में टैक्स सिस्टम को समझना आम लोगों के लिए हमेशा से मुश्किल रहा है. पुराने इनकम टैक्स कानून में इतने ज्यादा सेक्शन, Sub-section और संशोधन जुड़ चुके थे कि टैक्स भरना तो दूर, उसे पढ़ना और समझना भी चुनौती बन गया था. इसी परेशानी को खत्म करने के लिए सरकार अब एक बिल्कुल नया और सरल कानून लेकर आ रही है. इनकम टैक्स एक्ट 2025 एक अप्रैल से पूरे देश में लागू होने जा रहा है.

यह कानून करीब 64 साल पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा. सरकार का कहना है कि नए कानून में टैक्स की दरें नहीं बदली गई हैं, बल्कि सिर्फ नियमों को आसान, साफ और कम विवाद वाला बनाया गया है. इसका मकसद टैक्सपेयर्स को राहत देना और कोर्ट-कचहरी के झंझट कम करना है.

1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स कानून

इनकम टैक्स एक्ट 2025 एक अप्रैल से लागू होगा. इसके साथ ही 1961 का पुराना कानून पूरी तरह खत्म हो जाएगा. बजट 2026-27 में टैक्स से जुड़े जो भी बदलाव घोषित किए जाएंगे, उन्हें इसी नए कानून में शामिल किया जाएगा. सरकार का कहना है कि यह कानून राजस्व के लिहाज से न्यूट्रल है, यानी टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

क्यों बदला गया 64 साल पुराना इनकम टैक्स एक्ट

इनकम टैक्स एक्ट 1961 तब बना था, जब देश आजादी के शुरुआती दौर में था. उस समय न तो डिजिटल अर्थव्यवस्था थी और न ही कारोबार के इतने आधुनिक तरीके. समय के साथ कानून में सैकड़ों बार संशोधन किए गए. इससे कानून बहुत भारी और उलझा हुआ हो गया. आम टैक्सपेयर्स के लिए इसे समझना मुश्किल हो गया था. इसी वजह से सरकार ने पूरे कानून को नए सिरे से लिखने का फैसला लिया.

क्या है नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 की सबसे बड़ी खासियत

नया कानून पुराने कानून की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत छोटा होगा. भाषा को आसान बनाया गया है. बेकार हो चुके टैक्स और नियम हटा दिए गए हैं. सरकार का दावा है कि इससे टैक्स विवाद कम होंगे और लोगों को यह साफ पता चलेगा कि उन्हें कितना टैक्स देना है.

असेसमेंट ईयर खत्म, अब सिर्फ टैक्स ईयर

अब तक टैक्स सिस्टम में असेसमेंट ईयर और प्रीवियस ईयर का झंझट था. नए कानून में इसे खत्म कर दिया गया है. अब सिर्फ एक ही शब्द होगा, टैक्स ईयर. इससे टैक्स फाइल करने की प्रक्रिया और ज्यादा आसान हो जाएगी. नए कानून की एक बड़ी राहत यह है कि अगर कोई टैक्सपेयर तय समय के बाद भी ITR फाइल करता है, तो उसे TDS का रिफंड मिल सकेगा. इसके लिए कोई अतिरिक्त पेनल्टी नहीं लगेगी.

बजट में होने वाले बदलाव भी होंगे शामिल

सरकार ने साफ किया है कि बजट 2026-27 में टैक्स से जुड़े जो भी बदलाव होंगे, चाहे वो व्यक्तिगत टैक्स हो, कॉरपोरेट टैक्स हो या HUF से जुड़े नियम, सब कुछ नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 में जोड़ा जाएगा. इस नए इनकम टैक्स कानून को 12 अगस्त 2025 को संसद ने मंजूरी दी थी. इसके बाद 21 अगस्त 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिली. अब इसके नियम और टैक्स फॉर्म तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें बजट के बाद नोटिफाई किया जाएगा.

पहले भी हुई थी कोशिश

इससे पहले साल 2010 में डायरेक्ट टैक्स कोड लाने की कोशिश हुई थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद वह बिल पास नहीं हो सका. साल 2017 में फिर से एक कमेटी बनाई गई, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर अब इनकम टैक्स एक्ट 2025 तैयार किया गया है. इनकम टैक्स एक्ट 2025 का मकसद टैक्स सिस्टम को आसान, पारदर्शी और विवाद मुक्त बनाना है. टैक्स दरें वही रहेंगी, लेकिन नियम समझना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा. यह बदलाव आम टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.

ये भी पढ़ें- अगले हफ्ते रडार पर रहेंगी ये 4 कंपनियां, बोनस से लेकर स्टॉक स्प्लिट का किया ऐलान; जानें रिकॉर्ड डेट