LPG बुकिंग घटकर 77 लाख पर पहुंची, सरकार ने कहा, पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं
कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जैसे बिहार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान ने सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नॉन-डोमेस्टिक LPG के आवंटन को लेकर आदेश जारी किए हैं. इसके अलावा, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों की ओर से सख्त कार्रवाई की जा रही है.
पश्चिम एशिया में तनाव जारी है. इसी बीच देश में ईंधन की उपलब्धता को लेकर सरकार ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. सरकार के मुताबिक, आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और घबराकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं है. सरकारी अपडेट के अनुसार एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में हाल के दिनों में कमी आई है. शनिवार को करीब 77 लाख LPG बुकिंग दर्ज की गई, जबकि 13 मार्च 2026 को यह आंकड़ा 88.8 लाख था.
ऑनलाइन बुकिंग में बढ़ोतरी
सरकार ने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के डिजिटल अभियान के बाद ऑनलाइन LPG बुकिंग का हिस्सा बढ़कर करीब 87 फीसदी हो गया, जो पहले 84 फीसदी था. कंपनियां लोगों को डिजिटल माध्यम से बुकिंग करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं और गैस एजेंसियों पर भीड़ लगाने से बचने की सलाह दी जा रही है.
रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं काम
सरकार के अनुसार, देश की सभी घरेलू रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार बनाए रखा गया है. भारत पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए इन ईंधनों का आयात करने की आवश्यकता नहीं है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने भी बताया है कि पेट्रोल पंप या गैस एजेंसियों पर किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है और पेट्रोल, डीजल तथा LPG की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है.
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कार्रवाई
कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जैसे बिहार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान ने सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नॉन-डोमेस्टिक LPG के आवंटन को लेकर आदेश जारी किए हैं. इसके अलावा, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों की ओर से सख्त कार्रवाई की जा रही है. आंध्र प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में LPG सिलेंडरों की जमाखोरी रोकने के लिए छापेमारी भी की जा रही है. सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के अधिकारी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर औचक निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि आपूर्ति सुचारु बनी रहे और किसी तरह की अनियमितता न हो.
PNG और CNG की आपूर्ति सुरक्षित
सरकार के मुताबिक, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुरक्षित रखी गई है. पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की 100 फीसदी आपूर्ति जारी है, जबकि इंडस्ट्रियल और कमर्शियल यूज के लिए गैस की आपूर्ति को लगभग 80 फीसदी तक नियंत्रित किया गया है.
LPG कंट्रोल ऑर्डर में बदलाव
सरकार ने LPG कंट्रोल ऑर्डर में संशोधन करते हुए कहा है कि जिन उपभोक्ताओं के पास PNG कनेक्शन है, उन्हें घरेलू LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा. इसके अलावा रिफाइनरियों में घरेलू LPG उत्पादन को अधिकतम स्तर तक बढ़ाया गया है और बुकिंग अंतराल को भी संतुलित किया गया है, ताकि गैस का समान वितरण सुनिश्चित हो सके.
लोगों से घबराहट में खरीदारी न करने की अपील
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर ईंधन की खरीदारी न करें, क्योंकि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. उपभोक्ताओं से डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बुकिंग करने और गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ से बचने को कहा गया है. साथ ही सरकार ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर लोग PNG जैसे वैकल्पिक ईंधन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
पश्चिम एशिया की स्थिति पर सरकार की नजर
सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर विदेश मंत्रालय लगातार नजर बनाए हुए है. क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए भारतीय मिशन 24 घंटे हेल्पलाइन के जरिए मदद उपलब्ध करा रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 28 फरवरी से अब तक करीब 1.94 लाख यात्री उस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं. सरकार ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच समन्वय बनाकर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तैयारी बनी रहे और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
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