Income Tax के ई-मेल से मचा हड़कंप, कई टैक्सपेयर्स को भेजे गए गलत ट्रांजैक्शन आंकड़े; जानें विभाग ने क्या कहा?
टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को कहा गया था कि कुछ टैक्सपेयर्स द्वारा किए गए एडवांस टैक्स भुगतान उनकी वित्तीय गतिविधियों के अनुसार नहीं हैं. साथ ही ई-मेल में कुछ महत्वपूर्ण लेनदेन का भी जिक्र किया गया था. लेकिन कई लोगों ने बताया कि ई-मेल में बताए गए लेनदेन उनके वास्तविक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते.
Income Tax: हाल के दिनों में कई टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को आयकर विभाग की ओर से एक ई-मेल मिला, जिससे कई लोगों में चिंता और भ्रम की स्थिति बन गई. इस ई-मेल में कहा गया था कि कुछ टैक्सपेयर्स द्वारा किए गए एडवांस टैक्स भुगतान उनकी वित्तीय गतिविधियों के अनुसार नहीं हैं. साथ ही ई-मेल में कुछ महत्वपूर्ण लेनदेन का भी जिक्र किया गया था. लेकिन कई लोगों ने बताया कि ई-मेल में बताए गए लेनदेन उनके वास्तविक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते.
कुछ मामलों में वही आंकड़े अलग-अलग टैक्सपेयर्स को भेजे गए थे. इससे कई लोगों को लगा कि कहीं उनके नाम पर गलत जीएसटी रजिस्ट्रेशन या कोई वित्तीय गड़बड़ी तो नहीं हो गई. इस स्थिति के बाद आयकर विभाग ने सफाई जारी करते हुए टैक्सपेयर्स से कहा है कि वे फिलहाल इन ई-मेल को नजरअंदाज करें.
आयकर विभाग की सफाई
आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्टीकरण जारी किया. विभाग ने बताया कि कुछ टैक्सपेयर्स को भेजे गए एडवांस टैक्स ई-कैंपेन ई-मेल में महत्वपूर्ण लेनदेन से जुड़ी जानकारी में गलती हो सकती है. विभाग ने कहा कि इस गलती को ठीक करने के लिए Service provider के साथ मिलकर काम किया जा रहा है. साथ ही टैक्सपेयर्स से अनुरोध किया गया है कि वे फिलहाल इन ई-मेल को नजरअंदाज करें.
क्या था ई-मेल में संदेश
ई-मेल में लिखा था कि आयकर विभाग को वित्त वर्ष 2025-26 से जुड़े कुछ वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिली है. इसमें यह भी कहा गया था कि टैक्सपेयर का एडवांस टैक्स भुगतान इन लेनदेन के अनुसार नहीं दिख रहा है. इसके साथ ही कुछ महत्वपूर्ण लेनदेन का भी जिक्र किया गया था, जैसे जीएसटी टर्नओवर, खरीद या अन्य Receipts.
कहां हुई गलती
ET की रिपोर्ट के मुताबिक कई चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने बताया कि अलग-अलग टैक्सपेयर्स को एक ही तरह के आंकड़े भेजे गए थे. कुछ लोगों के ई-मेल में बिक्री या टर्नओवर की राशि ज्यादा दिखाई गई, जबकि कुछ लोगों के पास जीएसटी ही नहीं था. इस वजह से कई टैक्सपेयर्स घबरा गए और अपने सलाहकारों से संपर्क करने लगे. लेकिन बाद में जब AIS और 26AS रिकॉर्ड की जांच की गई तो ऐसे लेनदेन वहां मौजूद नहीं थे.
टैक्सपेयर्स को क्या करना चाहिए
यह ई-मेल कोई कानूनी नोटिस नहीं है. यह सिर्फ एडवांस टैक्स भुगतान के लिए एक रिमाइंडर है. टैक्सपेयर्स को सलाह दी गई है कि वे अपने लेनदेन की जानकारी आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल के Compliance Portal में जाकर जांच सकते हैं.
अगर किसी व्यक्ति पर एडवांस टैक्स लागू नहीं होता या पहले से पर्याप्त TDS कट चुका है, तो उसे अलग से एडवांस टैक्स देने की जरूरत नहीं होती.
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