बिजनेस शुरू करने के लिए ₹10,00,000 तक लोन दे रही राज्य सरकार, जानें किसे मिलता है लाभ, कैसे करें आवेदन
देश में बढ़ती बेरोजगारी के बीच कई युवा खुद का काम शुरू करना चाहते हैं, लेकिन पूंजी की कमी बड़ी रुकावट बनती है. ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है. यह योजना आसान शर्तों पर लोन, सब्सिडी और ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनने में मदद करती है.
Mukhya mantri Swarojgar Yojana: देश में हजारों युवा नौकरी की तलाश कर रहे हैं. उन्हीं में से कुछ अपना रोजगार शुरू करने की सोचते हैं, लेकिन बिजनेस शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा पूंजी की होती है. पैसे कहां से लाएं? कई राज्य सरकार अपने प्रदेश के युवाओं को रोजगार शुरू करने में मदद करती हैं. कहीं ट्रेनिंग देकर, तो कहीं बिजनेस शुरू करने के लिए सस्ते दर पर लोन मुहैया कराई जाती है. इन्हीं तमाम योजनाओं में एक है मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना. आईए जानते हैं कि क्या है यह योजना, किसे मिलता है लाभ और आवेदन कैसे करें?
क्या है मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना?
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना मध्य प्रदेश सरकार की योजना है, जो 1 अगस्त 2014 से चल रही है. इस योजना के जरिए राज्य के लोग आसानी से अपना छोटा व्यवसाय या स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं. सरकार इस योजना के तहत लोगों को 50 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का लोन देती है. इसमें सरकार कई तरह की मदद करती है, जैसे कि अपना कम पैसा लगाने की सुविधा (मार्जिन मनी), कम ब्याज दर, ब्याज पर सब्सिडी, लोन की गारंटी और फ्री ट्रेनिंग भी. लोन चुकाने के लिए कम से कम 6 महीने और ज्यादा से ज्यादा 7 साल तक का समय मिलता है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य यही है कि हर व्यक्ति अपना काम शुरू करके आत्मनिर्भर बने और रोजगार पैदा करे.
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लाभ
वित्तीय सहायता
- सामान्य वर्ग के लिए: व्यवसाय लागत का 15% (अधिकतम ₹1,00,000 तक)
- बीपीएल, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC – क्रीमी लेयर को छोड़कर), महिला, अल्पसंख्यक और दिव्यांग को प्रोजेक्ट के लिए लागत का 30% (अधिकतम ₹2,00,000 तक)
अतिरिक्त प्रावधान
- मुक्त खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश जनजातियों के लिए: लागत का 30% (अधिकतम ₹3,00,000 तक)
- भोपाल गैस पीड़ित परिवार के सदस्यों के लिए: लागत पर अतिरिक्त 20% (अधिकतम ₹1,00,000 तक)
ब्याज सब्सिडी
- सामान्य दर: परियोजना लागत का 5% प्रतिवर्ष (अधिकतम ₹25,000 प्रति वर्ष)
- महिला उद्यमियों के लिए: परियोजना लागत का 6% प्रतिवर्ष (अधिकतम ₹25,000 प्रति वर्ष)
- यह सब्सिडी अधिकतम 7 वर्षों तक मिलती है.
किसे मिलता है लाभ?
- आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए.
- आवेदक ने कम से कम 5वीं कक्षा पास की होनी चाहिए.
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए.
- आवेदक के परिवार की वार्षिक इनकम टैक्स सीमा से कम होनी चाहिए.
- आवेदक किसी भी बैंक का डिफॉल्टर (बकायादार) नहीं होना चाहिए.
ये मुख्य शर्तें हैं, जिन्हें पूरा करने पर योजना का लाभ लिया जा सकता है.
कैसे करें अप्लाई
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – https://msme.mponline.gov.in/Portal/Services/msme2019/landing.html
- होमपेज खुलेगा, जहां आपको मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए आवेदन लिंक पर क्लिक करना होगा – https://msme.mponline.gov.in/portal/Services/DCI/Index.aspx?did=RDAx&Y=MMYUY
- योजना से जुड़े विभिन्न विभाग दिखाई देंगे. अपनी रुचि के अनुसार विभाग चुनें.
- अगर आप नए आवेदक हैं, तो रजिस्ट्रेशन या साइन-अप का विकल्प चुनें. अपना नाम, मोबाइल नंबर, पासवर्ड और कैप्चा कोड भरकर सबमिट बटन पर क्लिक करें.
- सबमिट करने के बाद, आप पोर्टल पर रजिस्टर्ड हो जाएंगे.
- अब पोर्टल पर लॉगिन करें और योजना के लिए आवेदन करें.
Source – My Scheme
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