मुकेश अंबानी के Jio IPO ने बाजार में मचाया तहलका, जियो की आंधी में टूटे ये 12 रिकॉर्ड
मुकेश अंबानी के जियो प्लेटफॉर्म्स IPO के लिए 4.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बोलियां मिली जिससे 12 रिकॉर्ड बने जिसमें 1.25 करोड़ से ज्यादा एप्लीकेशन शामिल है. इंस्टीट्यूशनल और रिटेल पार्टिसिपेशन में तेजी आई, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफरिंग बन गया. इस आईपीओ का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर और लिस्टिंग 28 अक्टूबर को है.

जियो आईपीओ रिकॉर्ड Image Credit: टीवी9 भारतवर्ष
Mukesh Ambani के Jio Platforms IPO को 4.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बोलियां मिली हैं. 23 अक्टूबर, शुक्रवार को इस आईपीओ के लिए सब्सक्रिप्शन बंद होने के साथ ही इस आईपीओ ने भारत के प्राइस मार्केट में डिमांड का एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. सफल कैपिटल के डेटा के मुताबिक, 30213 करोड़ रुपए के इस इश्यू ने 12 रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
Jio IPO ने तोड़े 12 रिकॉर्ड
- पब्लिक इश्यू को 1.25 करोड़ से ज्यादा एप्लीकेशन मिले, जो 97.33 लाख के पिछले रिकॉर्ड से कहीं ज्यादा है. जियो दुनिया भर में एक करोड़ एप्लीकेशन का आंकड़ा पार करने वाला पहला IPO भी बन गया, जो रिटेल इन्वेस्टर्स, इंस्टीट्यूशन्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरहोल्डर्स की मजबूत भागीदारी को दिखाता है.
- इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, 4.5 लाख करोड़ का आंकड़ा पब्लिक सब्सक्रिप्शन पीरियड के दौरान इन्वेस्टर्स से मिली बिड्स की वैल्यू दिखाता है. यह 4.4 लाख करोड़ के पिछले रिपोर्ट किए गए इंडियन IPO रिकॉर्ड से ज्यादा है.
- ज्यादातर डिमांड इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की थी जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने 3.87 लाख करोड़ की बिड्स लगाईं जो 3.86 लाख करोड़ के पिछले रिकॉर्ड से ज्यादा है.
- Jio IPO आखिरी दिन 20 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ, जिसमें इंस्टीट्यूशनल डिमांड सबसे ज्यादा थी. यह ऑफर 21 अक्टूबर को खुला और 23 अक्टूबर को बंद हुआ.
- सफल कैपिटल और इन्वेस्टोयार्ड के कलेक्शन के मुताबिक, जियो ने बिड्स की वैल्यू और इश्यू साइज से जुड़े सात रिकॉर्ड तोड़े, जिसमें भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बनना भी शामिल है और एप्लीकेशन काउंट से जुड़े पांच रिकॉर्ड तोड़े.
- रिटेल इन्वेस्टर्स, हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स और रिलायंस शेयरहोल्डर्स वाली नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी से डिमांड 1 लाख करोड़ को पार कर गई. अकेले शेयरहोल्डर रिजर्वेशन कैटेगरी में 18,800 करोड़ से ज्यादा की बिड्स मिलीं, जो 9350 करोड़ के पिछले रिपोर्टेड रिकॉर्ड से दोगुने से भी ज्यादा है.
- यह खास तौर पर इसलिए जरूरी था क्योंकि जियो ने एलिजिबल रिलायंस इंडस्ट्रीज शेयरहोल्डर्स के लिए 2500 करोड़ तक के शेयर रिजर्व किए थे, जिससे उन्हें रेगुलर रिटेल कैटेगरी से अलग हिस्सा लेने का मौका मिला.
- जियो आईपीओ ने पहले दिन डिमांड का रिकॉर्ड भी बनाया, जिसमें 67,117 करोड़ रुपए की बोलियां आईं. 21 अक्टूबर को इश्यू तीन गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ, जबकि कलेक्शन में पहले दिन का सब्सक्रिप्शन रिकॉर्ड 1.04 गुना था.
- पब्लिक इश्यू खुलने से पहले ही जियो ने काफी इंस्टीट्यूशनल दिलचस्पी खींच ली थी. 2.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की डिमांड के बाद 212 इन्वेस्टर अकाउंट और स्कीम में 8110 करोड़ रुपए का एंकर एलोकेशन दिया गया.
- इन्वेस्टर एप्लीकेशन से जुड़े पांच रिकॉर्ड में रिटेल पार्टिसिपेशन का सबसे बड़ा योगदान था. कलेक्शन के मुताबिक, इस इश्यू को एक करोड़ से ज़्यादा रिटेल एप्लीकेशन मिले जो इस कैटेगरी के लिए सबसे ज्यादा रिकॉर्ड है.
- रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरहोल्डर्स से एप्लीकेशन 21 लाख को पार कर गए, जो टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज़ बिजनेस की डायरेक्ट ओनरशिप चाहने वाले इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी को दिखाता है.
- छोटे हाई-नेट-वर्थ इन्वेस्टर कैटेगरी में 5.75 लाख से ज्यादा एप्लीकेशन आए जो 4,99,825 के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गए. बड़े हाई-नेट-वर्थ इन्वेस्टर की एप्लीकेशन 3.5 लाख को पार कर गईं, जबकि पिछला रिकॉर्ड 2,71,403 था. एम्प्लॉई रिजर्वेशन कैटेगरी में भी दो लाख से ज्यादा एप्लीकेशन आए जो इस कलेक्शन में बताया गया एक और रिकॉर्ड है.
- अलॉटमेंट 26 अक्टूबर जबकि जियो के शेयर 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर लिस्ट होने वाले हैं.
ये भी पढ़ें- JIO के आईपीओ ने रचा इतिहास, वारी एनर्जीज का रिकॉर्ड टूटा, निवेशकों में मची होड़