भारत में 1470983325000 करोड़ का निवेश करेगी हुंडई, PM Modi से मिलते ही कंपनी ने किया ऐलान

Hyundai मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन Euisun Chung ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और इस मुलाकात के बाद कंपनी ने भारत में 15.5 बिलियन यूएस डॉलर के स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट की घोषणा की है.

हुंडई का भारत में निवेश Image Credit: Josh Lefkowitz/Getty Images

Hyundai मोटर ग्रुप ने 2026 और 2032 के बीच भारत में 15.5 बिलियन डॉलर (लगभग 1470983325000 करोड़) के इन्वेस्टमेंट की घोषणा की है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाना, रिसर्च फैसिलिटी और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट शामिल है. कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन Euisun Chung की नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद कंपनी ने इस बात की घोषणा की है. हुंडई और किआ कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और उभरती मोबिलिटी टेक्नोलॉजी में इन्वेस्टमेंट करेंगी.

निवेश से एक्सपोर्ट भी बढ़ेगा

हुंडई ग्रुप के पास पहले से ही तीन भारतीय प्लांट में कुल मिलाकर 14.25 लाख गाड़ियों की सालाना मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी है. हुंडई की चेन्नई फैसिलिटी में 8.24 लाख यूनिट और किआ के अनंतपुर प्लांट में 4.31 लाख यूनिट की कैपेसिटी है. हुंडई की पुणे फैक्ट्री में और 1.70 लाख यूनिट की कैपेसिटी है. इस इन्वेस्टमेंट से हुंडई मोटर ग्रुप के इंटरनेशनल गाड़ी एक्सपोर्ट में भारत का योगदान भी बढ़ेगा.

इस काम में खर्च किए जाएंगे 6650 करोड़

ग्रुप के भारतीय रिसर्च और डेवलपमेंट ऑपरेशन के लिए लगभग 6650 करोड़ रुपए तय किए गए हैं, जिसमें गाड़ी टेस्टिंग ट्रैक भी शामिल है. इस एलोकेशन से एक्स्ट्रा इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और नेक्स्ट-जेन ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स को फंड मिलेगा. हुंडई का इरादा अपने लोकल टेक्निकल वर्कफोर्स को बढ़ाने और इंजीनियरिंग कैपेबिलिटी डेवलप करने का भी है. इस निवेश से कंपनी के डोमेस्टिक R&D ऑपरेशंस को व्हीकल डेवलपमेंट और टेस्टिंग एक्टिविटीज के लिए ज्यादा जिम्मेदारी मिलेगी.

प्रस्तावित प्लान में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेशलाइज्ड ऑटोमोटिव फाइनेंसिंग और एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल रीसाइक्लिंग शामिल है. HMG (हुंडई मोटर ग्रुप) अपने ऑटोमोटिव ऑपरेशंस से जुड़े डोमेस्टिक टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और नई मोबिलिटी सर्विसेज में इन्वेस्टमेंट की भी जांच करेगी. ये एक्टिविटीज कन्वेंशनल व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग के बाहर एक्स्ट्रा बिजनेस के मौके बना सकती है.

इन प्रोजेक्ट्स में कैपिटल के एलोकेशन को कोऑर्डिनेट करने के लिए भारत में एक डेडिकेटेड इन्वेस्टमेंट एंटिटी बनाई जाएगी. यह ऑर्गनाइजेशन रिसर्च फैसिलिटीज, नई टेक्नोलॉजी और ऑटोमोटिव कंपोनेंट बिजनेस में इन्वेस्टमेंट की देखरेख करेगा. यह नए प्रोजेक्ट्स के लिए भारतीय सप्लायर्स और संभावित पार्टनर्स की भी पहचान करेगा. ग्रुप का इरादा लोकल सोर्स से मिलने वाले कंपोनेंट्स को बढ़ाना और इन्वेस्टमेंट और टेक्निकल कोलैबोरेशन के जरिए सप्लायर कैपेबिलिटीज को डेवलप करना है.

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