Oracle का कितना बड़ा है कारोबार…, जिसने 6 बजे लोगों को नौकरी से निकाल दिया; AI पर लगा रहा अरबों डॉलर का दांव
Oracle में एक बार फिर छंटनी से कर्मचारियों के बीच हलचल है. कंपनी ने सुबह 6 बजे कर्मचारियों को नौकरी जाने का ईमेल भेजा और कई लोगों के लिए उसी दिन को आखिरी वर्किंग डे बताया. दूसरी ओर Oracle AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है. Q1FY27 में कंपनी का रेवेन्यू 30% बढ़कर 19.3 अरब डॉलर पहुंचा, जबकि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर कैपेक्स 28.5 अरब डॉलर रहा.

Oracle एक बार फिर छंटनी को लेकर सुर्खियों में है. इस बार कंपनी ने अपने कर्मचारियों को सुबह 6 बजे ईमेल भेजकर उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया. भेजे गए इस ईमेल में इसे ऑर्गनाइजेशनल चेंज का हिस्सा बताया गया और जिस दिन कर्मचारियों को नोटिफिकेशन मिला, वही दिन कई कर्मचारियों के लिए उनका आखिरी वर्किंग डे भी था. हालांकि, Oracle ने इस राउंड में कितने कर्मचारियों की नौकरी गई है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
लेकिन Oracle की कहानी सिर्फ छंटनी तक सीमित नहीं है. एक तरफ कंपनी अपने वर्कफोर्स को कम कर रही है, वहीं दूसरी तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर Oracle का कारोबार कितना बड़ा है और कंपनी को इतनी बड़ी कॉस्ट कटिंग की जरूरत क्यों पड़ रही है?
19.3 अरब डॉलर का क्वार्टरली रेवेन्यू
Oracle का कारोबार कई बड़े टेक्नोलॉजी सेगमेंट में फैला हुआ है, जिसमें क्लाउड सर्विसेज, डेटाबेस और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर शामिल हैं. कंपनी की हालिया ग्रोथ में क्लाउड बिजनेस और खास तौर पर AI से जुड़ी डिमांड की बड़ी भूमिका है. Q1FY27 में Oracle का रेवेन्यू सालाना आधार पर 30% बढ़कर 19.3 अरब डॉलर पहुंच गया. इसी अवधि में कंपनी के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर रेवेन्यू में 121% की तेज बढ़ोतरी हुई और यह 7.4 अरब डॉलर रहा.
AI पर एक क्वार्टर में 28.5 अरब डॉलर का कैपेक्स
Oracle इस समय AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर आक्रामक तरीके से खर्च कर रही है. FY27 की पहली तिमाही में कंपनी ने कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी कैपेक्स पर 28.5 अरब डॉलर खर्च किए. यह एक साल पहले की समान तिमाही में किए गए 8.5 अरब डॉलर के खर्च से तीन गुना से भी ज्यादा है. कंपनी ने पूरे FY27 के लिए अपना कैपेक्स गाइडेंस 90 अरब डॉलर से 95 अरब डॉलर पर बरकरार रखा है. इसका बड़ा हिस्सा डेटासेंटर्स और AI से जुड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कैपेसिटी तैयार करने में जा रहा है.
AI बिजनेस में डिमांड भी मजबूत दिखाई दे रही है. Oracle ने तिमाही के दौरान 30 अरब डॉलर से ज्यादा के अतिरिक्त AI क्लाउड कॉन्ट्रैक्ट साइन किए. इससे कंपनी का टोटल रिमेनिंग परफॉर्मेंस ऑब्लिगेशन यानी रेवेन्यू बैकलॉग 664 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. हालांकि, इस तेज एक्सपैंशन की कीमत भी कंपनी को चुकानी पड़ रही है और तिमाही में Oracle का फ्री कैश फ्लो 5.4 अरब डॉलर निगेटिव रहा.
FY26 में पहले ही 21,000 कर्मचारियों की गई नौकरी
सितंबर की यह छंटनी Oracle के लिए कोई पहली बड़ी वर्कफोर्स कटौती नहीं है. कंपनी की FY26 एनुअल फाइलिंग के अनुसार, 31 मई को समाप्त हुए FY26 में Oracle की ग्लोबल वर्कफोर्स करीब 21,000 कर्मचारियों यानी लगभग 13% घट गई. FY26 के अंत में कंपनी में करीब 1.41 लाख कर्मचारी थे, जबकि एक साल पहले यह संख्या करीब 1.62 लाख थी.
इस दौरान कंपनी ने रिस्ट्रक्चरिंग से जुड़े सीवेरेंस पेमेंट्स और अन्य एग्जिट कॉस्ट पर करीब 1.84 अरब डॉलर खर्च किए, जबकि पिछले साल यह खर्च 374 मिलियन डॉलर था. Oracle ने यह भी कहा है कि वर्कफोर्स में कमी का एक हिस्सा उसके ऑपरेशंस में AI को अपनाने और डिप्लॉय करने से जुड़ा है.
कंपनी का रिस्ट्रक्चरिंग प्रोग्राम भी महंगा होता जा रहा है. Oracle ने पिछले सप्ताह अपने अनुमानित रिस्ट्रक्चरिंग कॉस्ट में करीब 700 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद FY26 रिस्ट्रक्चरिंग प्लान की कुल अनुमानित लागत करीब 2.8 अरब डॉलर हो गई है. इसमें सीवेरेंस, कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेशन फीस और अन्य एग्जिट कॉस्ट शामिल हैं.
AI पर बड़ा दांव, लेकिन लागत घटाने की कोशिश
Oracle की मौजूदा रणनीति में एक बड़ा विरोधाभास दिखाई देता है. कंपनी AI और क्लाउड डिमांड को पूरा करने के लिए डेटासेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च कर रही है, लेकिन साथ ही पेरोल और दूसरे ऑपरेशनल कॉस्ट को कम करने की कोशिश भी कर रही है.
कंपनी का रेवेन्यू और क्लाउड बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है. दूसरी तरफ, AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए कैपिटल की जरूरत भी काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. ऐसे में कंपनी अपने रिसोर्सेज को उन बिजनेस एरियाज की ओर शिफ्ट करने की कोशिश कर रही है, जहां उसे भविष्य में AI और क्लाउड से सबसे ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद है.
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