US Canada Trade War: ट्रंप के आगे नहीं झुका कनाडा, 8 सितंबर से अमेरिकी सामान पर लगेगा टैरिफ
ट्रेड बातचीत फेल होने के बाद, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा 8 सितंबर से US के सामान पर टैरिफ लगाएगा. मार्क कार्नी ने कहा कि आने वाले दिनों में इस बारे में विस्तार से घोषणा की जाएगी और कनाडाई वर्कर्स और बिजनेस को बचाने के लिए नए यूएस टैरिफ के डॉलर के हिसाब से टैरिफ लगाए जाएंगे.

कनाडा और यूएस के बीच ट्रेड डील टूट गई, दरअसल कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यूएस के नए ट्रेड ऑफर को मना कर दिया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि ओटावा स्टील और डेयरी जैसे सेक्टर्स पर नए टैरिफ लगाकर जवाबी कार्रवाई करेगा. कार्नी ने कहा कि 8 सितंबर 2026 यानी अगले महीने से टैरिफ लागू होंगे. मार्क कार्नी ने कहा, यूएस ने जो ऑफर दिया है, हम उसे स्वीकार नहीं कर सकते और जो उन्होंने मांगा है, हम वह नहीं देंगे. कनाडा के PM ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, आने वाले दिनों में, हम इन नए टैरिफ की डिटेल्स जारी करेंगे.
क्या है कनाडा प्रधानमंत्री का कहना?
कार्नी ने कहा कि कनाडा एक बड़े समझौते के तहत, खास तौर पर स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल जैसे स्ट्रेटेजिक यूएस सेक्टर्स पर अपने बाकी जवाबी टैरिफ हटाने के लिए तैयार था. हालांकि, उन्होंने कहा कि ओटावा उन इंडस्ट्रीज से समझौता करने को तैयार नहीं है जिन्हें वह कनाडा की इकॉनमी के लिए जरूरी मानता है. यह ब्रेकडाउन तब हुआ जब यूनाइटेड स्टेट्स ने शनिवार सुबह करीब 20 बिलियन डॉलर के कनाडाई प्रोडक्ट्स पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया. ये कदम कनाडा के यूएस को होने वाले सालाना एक्सपोर्ट के लगभग 5 फीसदी पर असर डालता है और इसमें कई तरह के सामान शामिल हैं. कनाडा ने भी मैचिंग टैरिफ तैयार करके जवाब दिया है. मार्क कार्नी ने कहा, कनाडा अपने वर्कर्स और बिजनेस को बचाने के लिए डॉलर के हिसाब से उन टैरिफ को मैच करेगा.
उन्होंने कहा कि इस नए कदम की डिटेल्स आने वाले दिनों में जारी की जाएंगी और उम्मीद है कि जवाबी कार्रवाई स्टील और डेयरी जैसे सेक्टर्स पर फोकस्ड होगी. वॉशिंगटन द्वारा टैरिफ की डेडलाइन बढ़ाने के बाद यूएस और कनाडा एक समझौते की तरफ काम कर रहे थे ताकि बातचीत जारी रह सके लेकिन कार्नी ने यूएस प्रपोजल में आखिरी मिनट में किए गए बदलावों के बारे में बताया, जिसके बाद बातचीत टूट गई.
बदल गया है अमेरिका
उन्होंने कहा कि यूएस की प्रस्तावित शर्तों में आखिरी समय में किए गए बदलाव गलत, गैर-आर्थिक (uneconomic) थे और इससे किसी भी डील के भरोसे पर सवाल उठता है. उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने बातचीत रोक दी है और कनाडा की बातचीत करने वाली टीम को ओटावा लौटने का आदेश दिया है. हालांकि, यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमीसन ग्रीर ने इस नाकामी के लिए कनाडा को दोषी ठहराया और कहा कि ओटावा ने अच्छा बर्ताव मिलने के बावजूद डील को फाइनल करने से मना कर दिया था. कार्नी ने कहा कि कनाडा का मकसद कभी भी किसी भी कीमत पर या किसी डेडलाइन पर डील पक्की करना नहीं था.
उन्होंने यह भी कहा कि ओटावा को नहीं लगता कि वाशिंगटन चाहता है कि कनाडा अपनी एनर्जी सप्लाई रोक दे. इस तनाव से दो पुराने साथियों के बीच रिश्तों में और तनाव आने का खतरा है और इससे यूएस-मेक्सिको-कनाडा ट्रेड एग्रीमेंट को रिन्यू करने की कोशिशें मुश्किल हो सकती हैं. मार्क कार्नी ने चेतावनी दी है कि कनाडा ने यह मान लिया है कि अमेरिका बदल गया है और दोनों देश आसानी से अपने पिछले रिश्तों पर वापस नहीं लौटेंगे.
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