JIO के आईपीओ ने रचा इतिहास, वारी एनर्जीज का रिकॉर्ड टूटा, निवेशकों में मची होड़

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने आवेदन के मामले में वारी एनर्जीज का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इश्यू को 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले और कुल मांग 7 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई. 30,213 करोड़ रुपये का यह आईपीओ देश का सबसे बड़ा इश्यू बना है. अब निवेशकों की नजर शेयर आवंटन और लिस्टिंग पर है.

जियो आईपीओ Image Credit:

कभी IPO के आकार का रिकॉर्ड तो कभी आवेदनों का. कहीं बड़े संस्थागत निवेशकों की भारी मांग तो कहीं आम निवेशकों की जबरदस्त भागीदारी. जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने तीन दिनों में भारतीय शेयर बाजार के कई पुराने पैमाने पीछे छोड़ दिए. ₹30,213 करोड़ के देश के सबसे बड़े IPO में एंकर सहित करीब ₹7.40 लाख करोड़ की बोलियां आईं. 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन और 22 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन ने इसे भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास की सबसे चर्चित पेशकशों में शामिल कर दिया.

दुनिया में सबसे ज्यादा आवेदन

जियो IPO ने आवेदनों की संख्या के मामले में एक नया वैश्विक रिकॉर्ड बनाया. दुनिया में पहली बार किसी IPO में एक करोड़ से ज्यादा आवेदन आए. तीन दिनों में यह संख्या 1.38 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई. इससे पहले दुनिया में सबसे ज्यादा आवेदन पाने वाले IPO का आंकड़ा एक करोड़ से नीचे था. जियो ने उस सीमा को न केवल पार किया, बल्कि पुराने बेंचमार्क से करीब 42 फीसदी ज्यादा आवेदन हासिल किए. यह उपलब्धि खास है, क्योंकि इसमें छोटे रिटेल निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत निवेशकों तक की व्यापक भागीदारी रही.

देश का सबसे बड़ा IPO, शुरुआत भी रिकॉर्डतोड़

₹30,213 करोड़ के आकार के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बना. इससे पहले देश में कई बड़े सार्वजनिक निर्गम आए थे, लेकिन उनका आकार ₹30 हजार करोड़ से कम था. जियो IPO की एक और खासियत यह रही कि यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू था. यानी मौजूदा शेयरधारकों ने इस IPO के जरिए अपनी हिस्सेदारी नहीं बेची.

जियो IPO ने शुरुआत से ही रफ्तार पकड़ ली थी. 21 अक्टूबर को बिडिंग शुरू होने के महज 100 मिनट में IPO 100% सब्सक्राइब हो गया. पहले दिन के अंत तक सब्सक्रिप्शन 3.16 गुना था. दूसरे दिन यह बढ़कर 5.57 गुना हो गया और तीसरे दिन निवेशकों की मांग में जबरदस्त उछाल आया. अंतिम सब्सक्रिप्शन 22.19 गुना रहा.

बोलियों की रकम और संस्थागत मांग ने बनाया नया पैमाना

जियो IPO में निवेशकों की कुल मांग का आकार भी असाधारण रहा. गैर-एंकर निवेशकों से करीब ₹4.90 लाख करोड़ की बोलियां आईं, जबकि एंकर निवेशकों ने लगभग ₹2.50 लाख करोड़ की मांग दिखाई थी. दोनों को मिलाकर कुल बोलियां करीब ₹7.40 लाख करोड़ पहुंच गईं. भारतीय IPO बाजार में इतनी बड़ी निवेशक मांग अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही. इस कैटेगरी में करीब ₹3.87 लाख करोड़ की बोलियां आईं और यह 70.55 गुना सब्सक्राइब हुई. भारत के IPO बाजार में संस्थागत निवेशकों की ओर से इतनी बड़ी रकम की बोलियां बहुत कम देखने को मिली हैं. गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की कैटेगरी भी 14 गुना सब्सक्राइब हुई.

आम निवेशकों ने भी दिखाई जबरदस्त दिलचस्पी

जियो IPO की एक बड़ी उपलब्धि आम निवेशकों की भागीदारी रही. रिटेल कैटेगरी में करीब 8.5 करोड़ शेयर उपलब्ध थे, जबकि 23 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां आईं. इस तरह रिटेल हिस्सा 2.72 गुना सब्सक्राइब हुआ. रिलायंस के शेयरहोल्डर कोटे में 7.60 गुना और कर्मचारी कैटेगरी में 2.93 गुना सब्सक्रिप्शन मिला.

तीन दिनों की रिकॉर्डतोड़ बिडिंग के बाद अब अगला पड़ाव शेयरों का अलॉटमेंट और लिस्टिंग है. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक 26 अक्टूबर को अलॉटमेंट तय होगा और 28 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग प्रस्तावित है.

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