केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! खाते में आएंगे 6,908 रुपये, जानें किसे मिलेगा बोनस

केंद्र सरकार के पात्र ग्रुप C और नॉन-गजेटेड ग्रुप B कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6,908 रुपये तक का सालाना बोनस मिलेगा. बोनस पाने के लिए सेवा अवधि और अन्य शर्तें पूरी करना जरूरी है. जानिए किसे मिलेगा पूरा पैसा, बोनस की गणना कैसे होगी और कैजुअल कर्मचारियों को कितना लाभ मिल सकता है.

बोनस Image Credit:

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को सालाना नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस देने की मंजूरी दी है. इसके तहत ग्रुप C और नॉन-गजेटेड ग्रुप B के कर्मचारियों को 6,908 रुपये तक का बोनस मिलेगा. हालांकि, इसका लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जो तय शर्तों को पूरा करते हैं.

किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस?

यह बोनस उन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को दिया जाएगा, जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) योजना के दायरे में नहीं आते हैं. इसमें ग्रुप C और नॉन-गजेटेड ग्रुप B के कर्मचारी शामिल हैं. पात्र केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, सशस्त्र बलों और निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा.

6,908 रुपये का बोनस कैसे तय होगा?

बोनस की गणना 30 दिनों के वेतन के आधार पर की जाएगी. इसके लिए मासिक वेतन की अधिकतम गणना सीमा 7,000 रुपये तय की गई है. अगर कर्मचारी का औसत मासिक वेतन इससे ज्यादा है, तब भी गणना 7,000 रुपये की सीमा के आधार पर होगी.

गणना का फॉर्मूला है:

7,000 × 30 ÷ 30.4 = 6,907.89 रुपये

राशि को निकटतम रुपये में राउंड करने पर बोनस 6,908 रुपये बनता है. अगर कर्मचारी का औसत वेतन 7,000 रुपये से कम है, तो बोनस की गणना उसी के आधार पर की जाएगी.

पात्रता के लिए कितनी सेवा जरूरी?

बोनस पाने के लिए कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में होना जरूरी है. इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 में कम से कम छह महीने की लगातार सेवा पूरी करनी होगी. छह महीने से एक साल के बीच सेवा देने वाले पात्र कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि के अनुपात में बोनस मिलेगा.

कैजुअल कर्मचारियों को कितना बोनस मिलेगा?

कुछ शर्तें पूरी करने वाले कैजुअल कर्मचारियों को भी इस बोनस का लाभ मिलेगा. छह दिन काम करने वाले कार्यालयों में कम से कम तीन साल तक हर साल 240 दिन काम करना जरूरी है. वहीं, पांच दिन वाले कार्यालयों में हर साल 206 दिन काम करने की शर्त है.

ऐसे पात्र कर्मचारियों के लिए बोनस की गणना 1,200 रुपये की मासिक सीमा के आधार पर होगी. 30 दिनों के बोनस के हिसाब से उन्हें 1,184 रुपये मिलेंगे. वास्तविक मासिक पारिश्रमिक 1,200 रुपये से कम होने पर गणना वास्तविक पारिश्रमिक के आधार पर होगी. इस तरह बोनस का लाभ पाने के लिए कर्मचारियों को अपनी सेवा अवधि, नियुक्ति की श्रेणी और लागू नियमों की जांच करनी चाहिए.

यह भी पढ़ें- EPFO ने बढ़ाई ECR की डेडलाइन, अब 31 अक्टूबर तक मिलेगा समय, कर्मचारियों को भी राहत