स्टील मार्केट में बड़ा उलटफेर! चीन का प्रोडक्शन गिरा, इंडिया ने मारी बाजी; इन 3 स्टॉक्स पर रखें नजर
भारत का स्टील सेक्टर 2026 में प्रोडक्शन ग्रोथ के मामले में दुनिया के प्रमुख स्टील प्रोड्यूसिंग देशों से आगे रहा है. जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान भारत का स्टील प्रोडक्शन 101.1 मिलियन टन रहा, जबकि चाइना के प्रोडक्शन में 3.1% की गिरावट दर्ज हुई. टाटा स्टील और JSW स्टील की कैपेसिटी एक्सपैंशन ने डोमेस्टिक स्टील प्रोडक्शन को सपोर्ट किया है.

Steel Stocks: भारत का स्टील सेक्टर इस समय प्रोडक्शन ग्रोथ के मामले में दुनिया के प्रमुख स्टील प्रोड्यूसिंग देशों से आगे निकलता दिखाई दे रहा है. 2026 में जनवरी से जुलाई के दौरान भारत का स्टील प्रोडक्शन 101.1 मिलियन टन रहा, जो सालाना आधार पर 6.1% की ग्रोथ है. इस दौरान चाइना का स्टील प्रोडक्शन 577 मिलियन टन रहा, लेकिन इसमें 3.1% की गिरावट दर्ज की गई. USA में प्रोडक्शन 50.2 मिलियन टन रहा और यहां ग्रोथ 6% रही. जापान और रूस के स्टील प्रोडक्शन में भी गिरावट दर्ज की गई. भारत की स्टील प्रोडक्शन ग्रोथ को घरेलू कैपेसिटी एक्सपैंशन और इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन तथा ऑटो जैसे प्रमुख यूजर इंडस्ट्रीज से मिलने वाली डिमांड का सपोर्ट मिल रहा है.
CY22 से CY25 के बीच 9.6% CAGR से बढ़ा भारत का स्टील प्रोडक्शन
पोस्ट-कोविड पीरियड में भी भारत ने स्टील प्रोडक्शन ग्रोथ के मामले में मजबूत प्रदर्शन किया है. CY22 में भारत का स्टील प्रोडक्शन 125.37 मिलियन टन था, जो CY25 में बढ़कर 165 मिलियन टन हो गया. इस दौरान भारत की स्टील प्रोडक्शन ग्रोथ का CAGR 9.6% रहा.
इसके मुकाबले चाइना का स्टील प्रोडक्शन CY22 के 1,017.9 मिलियन टन से घटकर CY25 में 960 मिलियन टन रह गया. इस दौरान चाइना का CAGR -1.9% रहा. USA का स्टील प्रोडक्शन 80.53 मिलियन टन से बढ़कर 81.93 मिलियन टन हुआ, जबकि जापान और रूस के प्रोडक्शन में गिरावट दर्ज की गई.
टाटा स्टील और JSW स्टील ने बढ़ाई कैपेसिटी
भारत की स्टील प्रोडक्शन ग्रोथ में टाटा स्टील और JSW स्टील की कैपेसिटी एक्सपैंशन की बड़ी भूमिका रही है. टाटा स्टील की टोटल ग्लोबल स्टील कैपेसिटी FY26 के अंत में करीब 36 मिलियन टन रही. कंपनी की इंडिया कैपेसिटी करीब 27.4 मिलियन टन थी. FY25 में कंपनी की टोटल ग्लोबल कैपेसिटी करीब 35.3 मिलियन टन और इंडिया कैपेसिटी करीब 26.6 मिलियन टन थी. टाटा स्टील के कलिंगानगर, ओडिशा में फेज-II एक्सपैंशन पूरा होने से कंपनी के फ्लैट प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो का विस्तार हुआ है.
इससे ऑटोमोटिव और डिफेंस जैसे हाई-वैल्यू सेक्टर्स को स्टील सप्लाई बढ़ाने में मदद मिल सकती है. वहीं, JSW स्टील की डोमेस्टिक क्रूड स्टील इंस्टॉल्ड कैपेसिटी FY26 के अंत में 36.4 मिलियन टन रही. इसमें JSW JFE स्टील JV के जरिए 4.5 मिलियन टन की कैपेसिटी भी शामिल है. FY25 में कंपनी की डोमेस्टिक इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 34.2 मिलियन टन थी. FY26 में JSW स्टील ने करीब 96% कैपेसिटी यूटिलाइजेशन दर्ज किया. कंपनी के विजयनगर, कर्नाटक प्लांट में भी आउटपुट में सुधार देखने को मिला.
गवर्नमेंट पॉलिसीज से डोमेस्टिक स्टील इंडस्ट्री को सपोर्ट
डोमेस्टिक स्टील प्रोडक्शन को बढ़ावा देने में गवर्नमेंट पॉलिसीज की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. सरकार ने स्पेशियल्टी स्टील के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI स्कीम शुरू की है. इसके अलावा कुछ नॉन-अलॉय और अलॉय स्टील फ्लैट प्रोडक्ट्स पर अप्रैल 2025 में 12% सेफगार्ड ड्यूटी लागू की गई थी. स्टील सेक्टर में स्टील इंपोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम यानी SIMS भी लागू है. इन मेजर्स का उद्देश्य डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और इंपोर्ट डिपेंडेंस को कम करना है.
स्पेशियल्टी स्टील के लिए PLI स्कीम जुलाई 2021 में शुरू की गई थी. इसका लक्ष्य हाई-वैल्यू स्टील की डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाना और एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन को सपोर्ट करना है. स्कीम में कोटेड या प्लेटेड स्टील प्रोडक्ट्स, हाई-स्ट्रेंथ और वियर-रेजिस्टेंट स्टील, स्पेशियल्टी रेल्स, अलॉय स्टील प्रोडक्ट्स और स्टील वायर्स तथा इलेक्ट्रिकल स्टील जैसे प्रोडक्ट कैटेगरी शामिल हैं.
ऑटो और कंस्ट्रक्शन से स्टील डिमांड को सपोर्ट
स्टील की डिमांड को ऑटो और कंस्ट्रक्शन जैसे प्रमुख सेक्टर्स से सपोर्ट मिल रहा है. इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी बढ़ने से डोमेस्टिक स्टील कंजम्पशन में भी ग्रोथ की संभावना बनी हुई है. वहीं, चाइना में स्टील प्रोडक्शन में गिरावट के पीछे हाउसिंग सेक्टर से जुड़ी कमजोर डिमांड को एक कारण बताया गया है. इसके अलावा USA, इंडिया और यूरोपियन यूनियन जैसे प्रमुख स्टील कंज्यूमिंग मार्केट्स में चाइनीज स्टील इंपोर्ट्स पर लगाए गए टैरिफ्स का भी चाइना की स्टील प्रोडक्शन पर असर पड़ा है.
Q1 FY27 में JSW स्टील और टाटा स्टील का प्रदर्शन
जून 2026 क्वार्टर यानी Q1 FY27 में स्टील कंपनियों के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में भी सुधार देखने को मिला. JSW स्टील का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस सालाना आधार पर 9.8% बढ़कर 47,364 करोड़ रुपये रहा. इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 220 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 19.8% हो गया.
JSW स्टील का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 112.6% बढ़कर 4,696 करोड़ रुपये रहा. टाटा स्टील की इंडियन ऑपरेशंस में मजबूत परफॉर्मेंस के चलते कंसॉलिडेटेड नेट सेल्स 14.3% बढ़कर 60,794.3 करोड़ रुपये रही. कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी 18.8% बढ़कर 2,385.2 करोड़ रुपये रहा.
टाटा स्टील, JSW स्टील और SAIL के स्टॉक्स पर नजर
जून 2026 क्वार्टर के मजबूत परफॉर्मेंस के बाद स्टील स्टॉक्स में भी इन्वेस्टर इंटरेस्ट देखने को मिला. 21 सितंबर 2026 के कारोबार में JSW स्टील का स्टॉक 0.5% गिरकर 1,269 रुपये पर बंद हुआ. टाटा स्टील का स्टॉक 1.15% गिरकर 183 रुपये पर बंद हुआ. वहीं, SAIL का स्टॉक 0.02% गिरकर 177 रुपये पर बंद हुआ.
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