Jio Platforms Vs Bharti Airtel: एक शेयर में 28% की तेजी, दूसरे ने दिया 586% रिटर्न; अब किसमें निवेश का मौका

Jio Platforms की शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद निवेशकों के सामने Jio और Bharti Airtel में से बेहतर शेयर चुनने का सवाल है. Jio का शेयर इश्यू प्राइस से करीब 28 फीसदी चढ़ चुका है, जबकि Airtel ने 10 साल में 586.10% रिटर्न दिया है. दोनों कंपनियों की ग्रोथ, ARPU, कैश फ्लो और वैल्यूएशन में बड़ा अंतर है.

जिओ बनाम एयरटेल Image Credit: MONEY9

Jio Platforms की शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद टेलीकॉम सेक्टर के दो बड़े शेयरों Jio और Bharti Airtel के बीच तुलना तेज हो गई है. निवेशकों के सामने सवाल है कि करीब 28 फीसदी की तेजी दिखा चुके Jio Platforms के शेयर में पैसा लगाना बेहतर होगा या फिर मजबूत कमाई और लंबे ट्रैक रिकॉर्ड वाली Bharti Airtel पर भरोसा करना चाहिए. ऐसे में निवेश का फैसला लेने से पहले वैल्यूएशन, कमाई की रफ्तार और जोखिम को समझना जरूरी है.

लिस्टिंग के बाद Jio Platforms के शेयर में करीब 28% की तेजी

Reliance Industries की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms के शेयर बुधवार, 28 अक्टूबर को बाजार में लिस्ट हुए थे. इसके बाद से शेयर अपने इश्यू प्राइस 1119 रुपये के मुकाबले करीब 28 फीसदी तक चढ़ चुका हैं. इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप करीब 13.18 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है. इसके साथ ही Jio Platforms भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई है. इस मामले में पहले स्थान पर Reliance Industries है.

कंपनी के IPO को भी निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली. इश्यू में ऑफर किए गए शेयरों के मुकाबले 22.19 गुना बोलियां मिली थीं. लिस्टिंग के बाद आई तेजी ने निवेशकों का ध्यान इस शेयर की ओर खींचा है. हालांकि, मौजूदा वैल्यूएशन को देखते हुए यह सवाल भी उठ रहा है कि यहां से शेयर में कितनी और तेजी की गुंजाइश है.

Bharti Airtel का लंबी अवधि का ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत

दूसरी ओर, Bharti Airtel का शेयर लंबे समय से निवेशकों को अच्छा रिटर्न देता रहा है. पिछले 10 साल में इसने 586.10 फीसदी और 5 साल में 187.07 फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि, साल 2026 में अब तक शेयर 6.64 फीसदी नीचे है.

Airtel की मजबूती का आधार इसकी कमाई का ट्रैक रिकॉर्ड, ज्यादा ARPU, मजबूत कैश फ्लो और कैपिटल के इस्तेमाल में अनुशासन है. वहीं Jio के पास बड़ा सब्सक्राइबर बेस, 5G नेटवर्क के विस्तार और डिजिटल कारोबार को बढ़ाने का मौका है. लेकिन इसके मौजूदा वैल्यूएशन को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं.

Jio की ग्रोथ की कहानी कितनी मजबूत?

Mint की रिपोर्ट के मुताबिक, Jio Platforms की निवेश से जुड़ी उम्मीदें इसके बड़े सब्सक्राइबर बेस, 5G नेटवर्क और डिजिटल कारोबार पर टिकी हैं. कंपनी का 5G और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है. इसके अलावा क्लाउड, एंटरप्राइज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में भी कंपनी का डिजिटल कारोबार फैला है. हालांकि, इस इकोसिस्टम से बड़े स्तर पर कमाई होना अभी बाकी है.

Jio का ARPU यानी प्रति यूजर औसत कमाई करीब 215 रुपये प्रति महीने है. कंपनी का सब्सक्राइबर बेस करीब 53 करोड़ है. रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका की टेलीकॉम कंपनियों का ARPU 45 डॉलर या इससे ज्यादा है. लेकिन इस अंतर को भारत में टैरिफ बढ़ाने की बड़ी गुंजाइश मानना सही नहीं होगा. इसकी एक वजह दोनों देशों के लोगों की औसत आय में बड़ा अंतर है.

भारत में टेलीकॉम कंपनियों का ARPU बढ़ना भी आसान नहीं रहा है. पिछले कुछ सालों में इसमें बढ़ोतरी मुख्य रूप से 2019, 2021 और 2024 में हुए टैरिफ इजाफे से आई है. आमतौर पर ऐसे फैसलों में तीनों बड़ी टेलीकॉम कंपनियों की एक साथ टैरिफ बढ़ाने की भूमिका रही है. इसके अलावा नियामकीय फैसले भी अहम होते हैं. ऐसे में लंबे समय तक लगातार ARPU बढ़ने की उम्मीद को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है.

Bharti Airtel को क्यों माना जा रहा है मजबूत विकल्प?

Bharti Airtel की निवेश से जुड़ी कहानी मुख्य रूप से बेहतर कमाई और मजबूत कैश फ्लो पर आधारित है. कंपनी का ARPU ज्यादा है. इसकी वजह प्रीमियम पोस्टपेड ग्राहकों की अच्छी हिस्सेदारी है. इसके अलावा कंपनी का फ्री कैश फ्लो मजबूत है और कैपिटल के इस्तेमाल को लेकर भी उसका रिकॉर्ड बेहतर रहा है.

टैरिफ बढ़ाने के मामले में भी Airtel ने कई बार पहल की है. इससे कंपनी की कमाई बढ़ाने में मदद मिली है. ऐसे निवेशकों के लिए Airtel एक विकल्प हो सकती है, जो कारोबार की कमाई और भविष्य के कैश फ्लो को लेकर ज्यादा स्पष्टता चाहते हैं.

Jio या Airtel, निवेश से पहले इन बातों पर दें ध्यान

सिर्फ Jio की लिस्टिंग को शेयर खरीदने की वजह नहीं मानना चाहिए. निवेशकों को दोनों कंपनियों की अगले 2 से 3 साल की कमाई में संभावित बढ़ोतरी, EBITDA वैल्यूएशन, फ्री कैश फ्लो यील्ड और ROCE जैसे पैमानों पर तुलना करनी चाहिए.

इसके साथ यह भी देखना जरूरी है कि कंपनियां टैरिफ बढ़ाने के बाद अपने ग्राहकों को बनाए रख पाती हैं या नहीं. टेलीकॉम सेक्टर में रेगुलेटरी बदलाव और स्पेक्ट्रम की लागत दोनों कंपनियों के लिए जोखिम बने रहेंगे. Jio के मामले में उसके डिजिटल कारोबार से कमाई बढ़ाना और मौजूदा वैल्यूएशन को सही ठहराना बड़ी चुनौती हो सकती है.

किस निवेशक के लिए कौन-सा शेयर?

रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय के लिए निवेश करने वाले और ज्यादा जोखिम उठाने की क्षमता रखने वाले निवेशक Jio Platforms पर विचार कर सकते हैं. वहीं, जो निवेशक कमाई की बेहतर स्पष्टता, मजबूत कैश फ्लो और पूंजी के अनुशासित इस्तेमाल को प्राथमिकता देते हैं, उनके लिए Bharti Airtel एक विकल्प हो सकती है.

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