सिर्फ 2 दिन में Yes Bank शेयर हुए धड़ाम! 17% तक टूटे स्टॉक; अब रेटिंग एजेंसी ने बता दिया बैंक का क्या होगा?
Yes Bank के शेयर सुप्रीम कोर्ट के AT-1 बॉन्ड फैसले के बाद दो कारोबारी दिनों में करीब 17 फीसदी से ज्यादा टूट गए. कोर्ट ने 8,415 करोड़ रुपये के बॉन्ड राइट ऑफ करने का फैसला कैंसिल कर दिया. बैंक को कोर कैपिटल रेशियो में 250 बेसिस पॉइंट की कमी का अनुमान है.

Yes Bank के शेयरों में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को भी गिरावट जारी रही. सुप्रीम कोर्ट के AT-1 बॉन्ड से जुड़े फैसले के बाद बैंक का शेयर दो कारोबारी दिनों में करीब 17 फीसदी तक टूट गया. इस फैसले के तहत बैंक के 2020 के रेस्क्यू के दौरान राइट ऑफ किए गए 8,415 करोड़ रुपये के एडिशनल टियर-1 (AT-1) बॉन्ड को लेकर स्थिति बदल गई है. वहीं, S&P Global रेटिंग का कहना है कि इस फैसले से Yes Bank की रेटिंग पर असर पड़ने की उम्मीद नहीं है, हालांकि इससे बैंक की फ्यूचर की कमाई पर दबाव पड़ सकता है.
Yes Bank के शेयरों में क्यों आई गिरावट?
16 अक्टूबर को Yes Bank का शेयर 3.42 फीसदी गिरकर 17.50 रुपये पर बंद हुआ. इस हिसाब से पहले दो कारोबारी दिनों को मिलाकर शेयर करीब 17 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बैंक के प्रशासक के उस फैसले को कैंसिल कर दिया, जिसके तहत 2020 के रीकंस्ट्रक्शन प्लान के दौरान 8,415 करोड़ रुपये के AT-1 बॉन्ड राइट ऑफ किए गए थे.
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि रीकंस्ट्रक्शन स्कीम में स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण प्रशासक को इन बॉन्ड को राइट ऑफ करने का अधिकार नहीं था.
AT-1 बॉन्ड की बहाली से कैपिटल पर कितना असर?
Yes Bank की तरफ से बताया गया है कि पहले राइट ऑफ किए गए AT-1 बॉन्ड की बहाली से उसके कोर कैपिटल रेशियो में करीब 250 बेसिस पॉइंट की कमी आने की आशंका है. हालांकि, बैंक के मुताबिक प्रोफॉर्मा आधार पर उसका टियर-1 कैपिटल रेशियो 14 फीसदी पर अपरिवर्तित रहेगा. AT-1 बॉन्ड बैंकों के अतिरिक्त टियर-1 कैपिटल साधन होते हैं. इनका इस्तेमाल बैंक की कैपिटल मजबूत करने के लिए किया जाता है. Yes Bank के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला इन बॉन्ड को राइट ऑफ करने की प्रक्रिया से जुड़ा है.
S&P को Yes Bank की रेटिंग पर असर की उम्मीद नहीं
वहीं S&P Global Ratings ने कहा कि उसे उम्मीद नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से Yes Bank की क्रेडिट रेटिंग प्रभावित होगी. हालांकि, इस फैसले का असर बैंक की फ्यूचर की कमाई पर पड़ सकता है. रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, बैंक की रेगुलेटरी कैपिटल पर्याप्त है और उसका कैपिटल बफर फैसले से होने वाले अनुमानित असर को संभाल सकता है. S&P ने बताया कि मार्च 2026 के आखिरी में Yes Bank का कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET1) रेशियो 13.87 फीसदी था. अनुमानित 250 बेसिस पॉइंट की कमी के बावजूद यह 5.5 फीसदी की न्यूनतम जरूरत से काफी ऊपर रहने की स्थिति में है.
मार्च 2028 तक कितना रह सकता है कैपिटल रेशियो?
S&P के मुताबिक, करीब 8,415 करोड़ रुपये का कॉमन इक्विटी पर पड़ने वाला असर AT-1 बॉन्ड की बहाली से काफी हद तक संतुलित हो सकता है. एजेंसी का अनुमान है कि मार्च 2028 तक Yes Bank का रिस्क-एडजस्टेड कैपिटल रेशियो 8 से 8.5 फीसदी के बीच रह सकता है. मार्च 2026 में यह 9 फीसदी था. रेटिंग एजेंसी का मानना है कि बैंक की क्रेडिट स्थिति सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पैदा हुई चुनौती को सहन कर सकती है. हालांकि, फ्यूचर की कमाई पर पड़ने वाले असर पर नजर बनी रहेगी.
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