Samsung के ₹1.10 लाख के फोन की स्क्रीन हुई ब्लैक, कंपनी ने वारंटी से किया इनकार; ग्राहक को मिले ₹98,000
सैमसंग गैलेक्सी Z फ्लिप 6 की स्क्रीन खराब होने पर कंपनी ने वारंटी में मुफ्त मरम्मत से इनकार कर दिया. इसके बाद ग्राहक ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत की. आयोग ने कंपनी को ₹88,000 रिफंड, मानसिक परेशानी के लिए ₹5,000 और मुकदमे के खर्च के लिए ₹5,000 देने का आदेश दिया. साथ ही रिफंड पर ब्याज भी मिलेगा.

अगर कोई महंगा स्मार्टफोन खरीदने के कुछ महीने बाद खराब हो जाए और कंपनी वारंटी में उसे ठीक करने से मना कर दे, तो ग्राहक क्या कर सकता है? हरियाणा के रोहतक में ऐसा ही एक मामला सामने आया है. यहां सैमसंग गैलेक्सी Z फ्लिप 6 फोन की स्क्रीन खराब होने पर कंपनी ने मुफ्त मरम्मत से इनकार कर दिया. इसके बाद ग्राहक ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया. आयोग ने ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कुल ₹98,000 की राहत देने का आदेश दिया.
₹1.10 लाख में खरीदा था Samsung Galaxy Z Flip 6
रोहतक के कारोबारी विक्की कपूर ने 18 दिसंबर 2024 को सैमसंग गैलेक्सी Z फ्लिप 6 स्मार्टफोन ₹1,09,999 में खरीदा था. शिकायत के मुताबिक, फोन खरीदने के कुछ ही दिनों बाद गर्म होने लगा और कॉल के दौरान नेटवर्क की समस्या आने लगी.
कारोबारी ने फोन को अधिकृत सर्विस सेंटर पर दिखाया. वहां फोन को रीसेट किया गया, लेकिन समस्या दोबारा सामने आ गई. मार्च 2025 में भी उन्हें इसी परेशानी का सामना करना पड़ा.
कॉल के दौरान स्क्रीन हुई ब्लैक
28 जुलाई 2025 को कॉल के दौरान फोन गर्म हुआ और उसकी स्क्रीन पूरी तरह ब्लैक हो गई. कारोबारी फोन लेकर सर्विस सेंटर पहुंचे. शिकायत के अनुसार, उस समय जारी किए गए सर्विस दस्तावेज में फोन की वारंटी चालू बताई गई थी.
लेकिन अगले दिन मरम्मत के लिए करीब ₹45,000 का खर्च बताया गया. कारोबारी ने वारंटी के तहत मुफ्त मरम्मत की मांग की, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई.
कंपनी ने वारंटी देने से क्यों किया इनकार?
सैमसंग ने आयोग के सामने दलील दी कि फोन के हिंज पर निशान और स्क्रीन पर खरोंच थीं. कंपनी का कहना था कि फोन को शारीरिक नुकसान पहुंचने के कारण वारंटी के तहत मुफ्त मरम्मत नहीं की जा सकती.
हालांकि, आयोग ने पाया कि फोन की वारंटी स्थिति में बदलाव को सही ठहराने के लिए कंपनी पर्याप्त और भरोसेमंद तकनीकी सबूत पेश नहीं कर सकी. केवल तस्वीरों के आधार पर यह साबित नहीं हुआ कि स्क्रीन खराब होने की वजह ग्राहक की लापरवाही थी.
ग्राहक को मिलेंगे ₹98,000
रोहतक जिला उपभोक्ता आयोग ने 15 अक्टूबर 2026 को अपना फैसला सुनाया. आयोग ने फोन की कीमत में इस्तेमाल के कारण 20% की कटौती के बाद ₹88,000 लौटाने का आदेश दिया. इसके अलावा मानसिक परेशानी के लिए ₹5,000 और मुकदमे के खर्च के लिए ₹5,000 देने को कहा.
इस तरह ग्राहक को ₹98,000 के साथ ₹88,000 के रिफंड पर 9% सालाना ब्याज भी मिलेगा. आदेश के मुताबिक, कंपनी को फैसला मिलने के 30 दिनों के भीतर इसका पालन करना होगा.
यह मामला बताता है कि वारंटी के दौरान सामान खराब होने पर ग्राहक के पास उपभोक्ता आयोग में शिकायत करने का विकल्प होता है. इसके लिए खरीद का बिल, वारंटी और सर्विस सेंटर से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखना जरूरी है.
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