Maruti Suzuki का 40 लाख कारों का बडा प्लान, सप्लायर्स को हफ्ते में एक दिन प्रोडक्शन रोकने का निर्देश

सुजुकी मोटर ने भारत में अपने सप्लायर्स को हफ्ते में एक दिन प्रोडक्शन रोकने को कहा है. इस दिन मशीनों की मेंटेनेंस की जाएगी. यह निर्देश मारुति सुजुकी के 2030 तक सालाना 40 लाख कारों के उत्पादन लक्ष्य के बीच आया है. फिलहाल कंपनी करीब 24 लाख कारों का उत्पादन करती है.

मारुति सुजुकी 2030 तक सालाना 40 लाख कारों का उत्पादन करने की तैयारी में है. Image Credit: Tv9

सुजुकी मोटर ने भारत में अपने सप्लायर्स को हफ्ते में एक दिन प्रोडक्शन रोकने को कहा है. इस दौरान मशीनों की मेंटेनेंस की जाएगी, ताकि अचानक प्रोडक्शन रुकने की समस्या को कम किया जा सके. यह पहली बार है जब कंपनी ने भारत में अपने सप्लायर्स को इस तरह का निर्देश दिया है. यह कदम मारुति सुजुकी के प्रोडक्शन को 2030 तक सालाना 40 लाख कारों तक बढ़ाने की योजना के बीच आया है. फिलहाल मारुति की सालाना उत्पादन क्षमता करीब 24 लाख कारों की है. कंपनी का लक्ष्य प्रोडक्शन बढ़ाने के साथ क्वालिटी और सुरक्षा पर भी ध्यान देना है.

हफ्ते में एक दिन मशीनें रहेंगी बंद

सुजुकी मोटर ने भारत में अपने सप्लायर्स को छह दिन के प्रोडक्शन शेड्यूल की तैयारी करने को कहा है. अगस्त में सुजुकी मोटर के प्रेसिडेंट तोशिहिरो सुजुकी ने भारत में सप्लायर्स के साथ बैठक की थी. इस बैठक में सप्लायर्स से छह दिन के हिसाब से अपनी प्रोडक्शन क्षमता की योजना बनाने को कहा गया. इसके बाद मारुति सुजुकी ने सप्लायर्स से साल के अंत तक घोषणा पत्र देने को कहा है. इसमें उन्हें बताना होगा कि मारुति के लिए पार्ट्स बनाने वाली प्रोडक्शन लाइन सातों दिन नहीं चलेंगी.

रोज 20 घंटे और हफ्ते में छह दिन काम का प्लान

कंपनी सप्लायर्स को सितंबर 2027 तक एक नए ऑपरेशनल मॉडल की ओर ले जाना चाहती है. इस मॉडल में मशीनें रोज 20 घंटे और हफ्ते में छह दिन चलेंगी. इस तरह हर रात मशीनों को चार घंटे का ब्रेक मिलेगा. इसके अलावा हर हफ्ते एक पूरा दिन मशीनों की मेंटेनेंस के लिए रखा जाएगा. कंपनी का मानना है कि इससे मशीनों के लगातार चलने से जुडे़ जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है.

प्रोडक्शन बढाने के साथ क्वालिटी पर फोकस

मारुति सुजुकी 2030 तक सालाना 40 लाख कारों का प्रोडक्शन करना चाहती है. फिलहाल कंपनी करीब 24 लाख कारों का सालाना उत्पादन करती है. कंपनी आने वाले वर्षों में कई नए मॉडल भी पेश करने की तैयारी कर रही है. सुजुकी मोटर भारत में नई पावरट्रेन और सेफ्टी टेक्नोलॉजी पेश करने की तैयारी में है. कंपनी 2030 तक कारों के विकास में लगने वाले समय को आधा करने और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढाने की योजना पर भी काम कर रही है.

मशीनें लगातार चलने से बढ़ सकता है जोखिम

सप्लायर्स की मशीनों को लगातार चलाने से फैक्ट्री में दुर्घटना, अचानक प्रोडक्शन रुकने और क्वालिटी से जुडी समस्याओं का जोखिम बढ सकता है. प्रोडक्शन बढने के साथ इन रिस्क को मैनेज करना कंपनी के लिए अहम है. इसी वजह से मशीनों को नियमित ब्रेक और मेंटेनेंस देने की योजना बनाई गई है. हालांकि भारत में कई कंपोनेंट निर्माता मशीनों को लगातार सातों दिन चलाते हैं. ऐसा करने से मशीनों का इस्तेमाल ज्यादा होता है और कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता का अधिक उपयोग कर पाती हैं.

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सप्लायर्स पर बढ़ सकता है लागत का दबाव

हफ्ते में एक दिन प्रोडक्शन रोकने से सप्लायर्स को अपनी क्षमता की दोबारा योजना बनानी होगी. रुकी हुई प्रोडक्शन लाइन की भरपाई के लिए उन्हें अतिरिक्त क्षमता तैयार करनी पड़ सकती है. इसके लिए प्लांट और मशीनरी में निवेश की जरूरत हो सकती है. यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब कमोडिटी और कच्चे माल की कीमतों पर भी दबाव बना हुआ है. इसलिए सुजुकी का नया निर्देश सप्लायर्स के लिए अतिरिक्त लागत की चुनौती पैदा कर सकता है. दूसरी ओर, मारुति का प्रोडक्शन बढाने का लक्ष्य भारत को कंपनी के लिए और बडा मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट बेस बनाने से जुड़ा है.