क्या गाजियाबाद बन रहा तेजी से उभरता प्रीमियम हाउसिंग डेस्टिनेशन?
गाजियाबाद अब किफायती घरों के बाजार से आगे बढ़कर प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग डेस्टिनेशन बन रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी, बढ़ती आय, बड़े फ्लैटों की मांग और किराये से कमाई की संभावना ने यहां लग्जरी प्रॉपर्टी बाजार को रफ्तार दी है.
Highlights
- गाजियाबाद में प्रीमियम और लग्जरी घरों की मांग बढ़ी
- बेहतर कनेक्टिविटी से नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को मिली रफ्तार
- किराये की बढ़ती कमाई से निवेशकों का आकर्षण बढ़ा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर में अब तक किफायती घरों के लिए पहचाना जाने वाला गाजियाबाद तेजी से प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग की ओर बढ़ रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और लोगों की बढ़ती आय ने शहर के रियल एस्टेट बाजार की तस्वीर बदल दी है. अब यहां सिर्फ बजट घर ही नहीं, बल्कि बड़े फ्लैट और लग्जरी सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट भी तेजी से लॉन्च हो रहे हैं.
इंफ्रास्ट्रक्चर ने बदली शहर की तस्वीर
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, नमो भारत ट्रेन, मेरठ रोड का विस्तार और दिल्ली मेट्रो का साहिबाबाद तक पहुंचना गाजियाबाद की कनेक्टिविटी को बेहतर बना रहे हैं. हिंडन एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं भी शहर की कनेक्टिविटी और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं.
बेहतर कनेक्टिविटी के कारण दिल्ली और नोएडा के कॉरपोरेट और टेक सेक्टर में काम करने वाले लोग भी गाजियाबाद का रुख कर रहे हैं. यहां उन्हें दिल्ली-नोएडा के मुकाबले बड़े घर और सुविधाओं के साथ अपेक्षाकृत बेहतर कीमत का विकल्प मिल रहा है.
इन इलाकों में बढ़ रहे प्रीमियम प्रोजेक्ट
बिल्डर्स अब वसुंधरा, सिद्धार्थ विहार, इंदिरापुरम और राज नगर एक्सटेंशन जैसे इलाकों में प्रीमियम प्रोजेक्ट ला रहे हैं. इसके अलावा दुहाई, मुरादनगर और मोदी नगर जैसे नए बाजारों में भी बड़े आवासीय प्रोजेक्ट और टाउनशिप विकसित की जा रही हैं.
AIGIN के निदेशक और क्रेडाई गाजियाबाद के सीएमडी राकेश कुमार अग्रवाल के मुताबिक, हाईवे, नमो भारत और हिंडन एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं ने गाजियाबाद की कनेक्टिविटी को मजबूत किया है. इससे एनसीआर में घर खरीदारों को अपेक्षाकृत किफायती विकल्प मिल रहा है.
बजट घरों से प्रीमियम प्रॉपर्टी की ओर बदलाव
गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर में बजट और किफायती घरों की सप्लाई में 40% से ज्यादा गिरावट बताई गई है. दूसरी ओर, प्रीमियम और लग्जरी घरों की मांग तेजी से बढ़ी है. हाल के वर्षों में औसत प्रॉपर्टी कीमतों में 139% तक की वृद्धि दर्ज की गई है.
इसका असर 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले घरों की सप्लाई पर भी दिख रहा है. बढ़ती आय, निवेश से संपत्ति बनाने की चाह और बेहतर जीवनशैली की मांग ने खरीदारों की पसंद बदली है.
बड़े घर और आधुनिक सुविधाएं बनी पसंद
डिलीजेंट बिल्डर्स के सीओओ अश्वनी नागपाल के अनुसार, खरीदार अब 3 और 4 बीएचके जैसे बड़े घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं. वहीं, जमीन, निर्माण सामग्री और मजदूरी की लागत बढ़ने से डेवलपर्स सीमित यूनिट और खास सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट पर ध्यान दे रहे हैं.
रेनॉक्स के चेयरमैन शैलेन्द्र शर्मा बताते है कि आज के घर खरीदार कम आयु से ही सुनियोजित और लंबे समय तक निवेश के बेहतर विकल्प के लिए प्रीमियम और लक्जरी रियल एस्टेट चुन रहे है. इससे वे जल्द ही बढ़िया रेन्टल इंकम कमाने के साथ लंबे समय में बड़ी वेल्थ क्रीऐट कर रहे है जो तेजी का कारण है.
किराये से कमाई का भी बढ़ा आकर्षण
प्रीमियम प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने की एक वजह किराये से होने वाली आय भी है. पिछले 3-4 वर्षों में गाजियाबाद के अलग-अलग इलाकों में किराये में करीब 30% से 50% तक बढ़ोतरी बताई गई है. शहर में औसत किराया करीब 20-22 हजार रुपये महीना है, जबकि लग्जरी घरों का किराया 40-50 हजार रुपये या इससे ज्यादा हो सकता है. किराये से मिलने वाला रिटर्न करीब 3.2% से 5% के बीच बताया गया है.
लग्जरी घरों के साथ मेंटेनेंस खर्च भी बढ़ा
हालांकि, प्रीमियम हाउसिंग के साथ खर्च भी बढ़ता है. ऐसी सोसाइटी में मेंटेनेंस बिल 20% से 30% तक बढ़ने की बात कही गई है. इसके अलावा लागू शर्तों के तहत मेंटेनेंस शुल्क पर 18% GST भी खर्च बढ़ाता है.
केडब्लू ग्रुप के निदेशक पंकज कुमार जैन के मुताबिक, प्रीमियम सोसाइटी में सुरक्षा, निगरानी और दूसरी सुविधाओं के लिए बेहतर तकनीक और कुशल कर्मचारियों की जरूरत होती है. इसलिए इन प्रोजेक्ट का रखरखाव सामान्य सोसाइटी के मुकाबले महंगा हो सकता है.
निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग के अनुसार, खरीदार अब सिर्फ घर के आकार या शुरुआती कीमत को नहीं देखते, बल्कि प्रोजेक्ट की सुविधाओं, रखरखाव और भविष्य की उपयोगिता को भी महत्व दे रहे हैं. इससे गाजियाबाद के रियल एस्टेट बाजार में प्रीमियम हाउसिंग की भूमिका लगातार बढ़ रही है.
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