अडानी विंड को 5 बिजली कंपनियों से मिले ऑर्डर, 5 GW तक बढ़ेगी क्षमता; लिस्ट में NTPC और जिंदल ग्रुप शामिल
अडानी विंड को पांच बिजली उत्पादक कंपनियों से कुल 696.2 MW के ऑर्डर मिले हैं. इनमें Purvah Green Power, Jindal India Power और NTPC Renewable Energy शामिल हैं. इन ऑर्डर के साथ अडानी ग्रुप से बाहर की कंपनियों से कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 1 GW से ज्यादा हो गई है. कंपनी मुंद्रा में उत्पादन क्षमता 5 GW तक बढ़ाने की तैयारी में है.

भारत में विंड एनर्जी यानी पवन ऊर्जा का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. इसी बीच Adani New Industries Ltd के विंड एनर्जी कारोबार Adani Wind को पांच बिजली उत्पादक कंपनियों से कुल 696.2 मेगावाट (MW) के ऑर्डर मिले हैं. इन कंपनियों में Purvah Green Power, Jindal India Power, NTPC Renewable Energy, Aditya Birla Renewables और Integrum Energy शामिल हैं. इन ऑर्डर के साथ Adani Wind को अडानी ग्रुप से बाहर की कंपनियों से मिले कुल ऑर्डर 1 गीगावाट (GW) से ज्यादा हो गए हैं.
ये ऑर्डर ऐसे समय में मिले हैं, जब भारत का विंड एनर्जी सेक्टर बड़ी क्षमता वाली विंड टर्बाइन की ओर बढ़ रहा है. Adani Wind गुजरात के मुंद्रा में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को सालाना 2.25 GW से बढ़ाकर 5 GW करने की तैयारी में है. कंपनी का लंबी अवधि का लक्ष्य इसे 10 GW तक पहुंचाना है. इससे कंपनी को घरेलू बाजार में ज्यादा ऑर्डर हासिल करने और आगे चलकर विदेशी बाजारों में कारोबार बढ़ाने का मौका मिल सकता है.
किन कंपनियों से मिले कितने ऑर्डर?
Adani Wind को मिले 696.2 MW के ऑर्डर में सबसे बड़ा ऑर्डर आरपी-संजीव गोयनका ग्रुप की कंपनी पूर्वाह ग्रीन पावर से मिला है. इसके अलावा बीसी जिंदल ग्रुप की जिंदल इंडिया पावर, एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी, आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स और इंटीग्रम एनर्जी ने भी कंपनी के नाम है.
| कंपनी | ग्रुप | ऑर्डर क्षमता |
|---|---|---|
| Purvah Green Power | RP-Sanjiv Goenka Group | 300 MW |
| Jindal India Power | BC Jindal Group | 155 MW |
| NTPC Renewable Energy | — | 109.2 MW |
| Aditya Birla Renewables | — | 82.5 MW |
| Integrum Energy | — | 49.5 MW |
| कुल | 696.2 MW |
इन ऑर्डर में 5.2 MW, 5 MW और 3.3 MW क्षमता वाली तीन तरह की विंड टर्बाइन का इस्तेमाल होगा. इनके प्रोजेक्ट कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र में लगाए जाएंगे.
कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र में लगेंगी विंड टर्बाइन
पूर्वाह ग्रीन पावर का 300 MW का ऑर्डर 5 MW क्षमता वाली 60 विंड टर्बाइन से जुड़ा है. इन्हें कर्नाटक के बेल्लारी में लगाया जाएगा. Jindal India Power ने 155 MW की क्षमता के लिए ऑर्डर दिया है. इसमें 5 MW क्षमता वाली 31 विंड टर्बाइन शामिल हैं, जिन्हें कर्नाटक के दावणगेरे में लगाया जाएगा.
NTPC Renewable Energy ने गुजरात के खावड़ा प्रोजेक्ट के लिए 5.2 MW क्षमता वाली 21 विंड टर्बाइन का ऑर्डर दिया है. वहीं, Aditya Birla Renewables और Integrum Energy के ऑर्डर में Adani Wind की 3.3 MW क्षमता वाली टर्बाइन का इस्तेमाल होगा. ये प्रोजेक्ट गुजरात के भुज और महाराष्ट्र के नंदुरबार में लगाए जाएंगे.
मुंद्रा में उत्पादन क्षमता 5 GW करने की तैयारी
अडानी विंड गुजरात के मुंद्रा में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाना चाहती है. कंपनी फिलहाल सालाना 2.25 GW की क्षमता से इसे बढ़ाकर 5 GW करने की तैयारी कर रही है. लंबे समय में कंपनी का लक्ष्य उत्पादन क्षमता को 10 GW तक पहुंचाना है. उत्पादन क्षमता बढ़ने से कंपनी को भारत में विंड टर्बाइन की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा, कंपनी विदेशी बाजारों में भी अपने कारोबार का विस्तार करना चाहती है.
5 MW और 5.2 MW की टर्बाइन में क्या है खास?
अडानी विंड की 5 MW क्षमता वाली MWL-185 टर्बाइन का रोटर डायमीटर 185 मीटर और हब की ऊंचाई 140 मीटर है. इसे कम से मध्यम गति वाली हवा की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. कंपनी की 5.2 MW क्षमता वाली MWL-160 टर्बाइन उन अधिक क्षमता वाले ऑनशोर मॉडल में शामिल है, जिन्हें नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की मॉडल और निर्माताओं की स्वीकृत लिस्ट (ALMM) में जगह मिली है.
कंपनी की जानकारी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, MWL-160 मॉडल की खावड़ा में कुल इंस्टॉलेशन क्षमता 2 GW से ज्यादा हो चुकी है. गुजरात का खावड़ा बड़े नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट का केंद्र है. Adani Wind के सभी चार टर्बाइन मॉडल मंत्रालय की मंजूरी लिस्ट में शामिल हैं. कंपनी साल 2025 के लिए BloombergNEF की वैश्विक टॉप 15 रैंकिंग में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय विंड टर्बाइन निर्माता भी है.
भारत में 100 GW से ज्यादा की विंड पावर क्षमता
भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विंड पावर बाजार है. देश में अभी 59.2 GW की विंड पावर क्षमता स्थापित है, जबकि 43 GW की अतिरिक्त क्षमता पर काम चल रहा है. इस तरह चालू और निर्माणाधीन क्षमता को मिलाकर यह आंकड़ा 100 GW से ज्यादा हो जाता है. देश में विंड टर्बाइन बनाने की सालाना क्षमता भी तेजी से बढ़ी है. वित्त वर्ष 2023 में यह करीब 12 GW थी, जो अब बढ़कर 24 GW से ज्यादा हो गई है.
वित्त वर्ष 2026 में भारत ने रिकॉर्ड 6.05 GW की विंड पावर क्षमता स्थापित की. उद्योग का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 में करीब 8 GW की क्षमता स्थापित करना है. वित्त वर्ष 2031 तक सालाना इंस्टॉलेशन बढ़कर 13.2 GW तक पहुंचने का अनुमान है.
बड़ी विंड टर्बाइन की ओर बढ़ रहा है सेक्टर
विंड एनर्जी सेक्टर में अब ज्यादा क्षमता वाली टर्बाइन और बड़े रोटर डायमीटर पर जोर बढ़ रहा है. बड़ी टर्बाइन ज्यादा हवा को पकड़कर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में मदद कर सकती हैं. हालांकि, इसका फायदा स्थानीय हवा की स्थिति, जगह की उपलब्धता और जरूरी बुनियादी ढांचे पर निर्भर करता है.
बड़ी क्षमता वाली टर्बाइन से पहले से विकसित विंड एनर्जी क्षेत्रों में जमीन का बेहतर इस्तेमाल करने में भी मदद मिल सकती है. इसी बदलाव के बीच कंपनियां ज्यादा क्षमता वाले मॉडल विकसित करने और उनकी सप्लाई बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं.
विदेशी बाजारों में भी विस्तार की तैयारी
अडानी विंड के पास 3 MW से लेकर 5 MW से ज्यादा क्षमता वाली विंड टर्बाइन के मॉडल हैं. कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपने कारोबार का विस्तार करने की कोशिश कर रही है. कंपनी यूरोप में एंटी-आइसिंग तकनीक से लैस विंड टर्बाइन ब्लेड सेट का निर्यात कर चुकी है. इसके अलावा, वह अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और दक्षिण-पूर्व एशिया में संभावित ग्राहकों के साथ बातचीत कर रही है.
आगे क्या अहम रहेगा?
अडानी विंड को मिले नए ऑर्डर कंपनी के लिए अडानी ग्रुप से बाहर अपना कारोबार बढ़ाने का अवसर हैं. स्वतंत्र बिजली उत्पादकों और स्थापित ऊर्जा कंपनियों से ऑर्डर मिलने से कंपनी की तकनीक को बाजार में मंजूरी मिलने का संकेत मिल सकता है. हालांकि, इन ऑर्डर का कंपनी की इनकम में कितना योगदान होगा, यह टर्बाइन की सप्लाई, प्रोजेक्ट पर काम पूरा होने और उन्हें चालू करने की समयसीमा पर निर्भर करेगा. मुंद्रा में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और घरेलू व विदेशी बाजारों में विस्तार की योजना को पूरा करना भी कंपनी के लिए अहम रहेगा.
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