BR Shetty के $15 अरब मुकदमे पर Bank of Baroda का जवाब, कहा- मजबूती से लड़ेंगे

NMC Healthcare के संस्थापक BR Shetty ने Bank of Baroda और 25 अन्य के खिलाफ $15 अरब का मुकदमा किया है. खबर के बाद बैंक के शेयर करीब 3% टूटे. बैंक ने कहा कि वह मामले का मजबूती से बचाव करेगा.

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बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में बुधवार को तेज गिरावट देखने को मिली. इसकी वजह NMC Healthcare के संस्थापक बीआर शेट्टी की ओर से बैंक के खिलाफ दायर किया गया 15 अरब डॉलर का मुकदमा है. बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर इस मामले में बैंक और 25 अन्य लोगों को प्रतिवादी बनाया गया है. खबर सामने आने के बाद बैंक के शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 3% तक गिर गए.

शेट्टी ने बैंक पर क्या आरोप लगाए?

रिपोर्ट के मुताबिक, बीआर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा और उसके कुछ अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनके कारोबारी समूह की कंपनियों से जुड़े कथित फर्जी लेनदेन और फंड डायवर्जन को सुविधा दी. शेट्टी का दावा है कि कुछ व्यक्तिगत गारंटी और दस्तावेजों में उनके जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण उन पर ऐसी वित्तीय देनदारियां आईं जिन्हें उन्होंने मंजूरी नहीं दी थी.

याचिका में बैंक पर कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अलर्ट को नजरअंदाज करने और कुछ संदिग्ध लेनदेन की पर्याप्त जांच नहीं करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं. हालांकि, इन आरोपों को अभी अदालत में साबित नहीं किया गया है.

$15 अरब की रकम कैसे बनी?

शेट्टी ने कुल 15 अरब डॉलर यानी करीब ₹1.44 लाख करोड़ के हर्जाने की मांग की है. इसमें 5 अरब डॉलर प्रत्यक्ष नुकसान, 5 अरब डॉलर कारोबारी और निवेश अवसरों से जुड़े कथित नुकसान और 5 अरब डॉलर प्रतिष्ठा को हुए कथित नुकसान के लिए मांगे गए हैं. याचिका में 18% सालाना ब्याज की मांग भी की गई है.

बैंक ऑफ बड़ौदा ने क्या कहा?

मामले पर बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा है कि उसे अभी तक इस मुकदमे का आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है. इसलिए वह ऐसी याचिका की उन बातों पर टिप्पणी नहीं कर सकता, जिनकी अदालत में अभी जांच नहीं हुई है. बैंक ने साफ कहा कि अगर उसे मुकदमे की औपचारिक जानकारी मिलती है तो वह पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखेगा और अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाएगा.

बैंक ने यह भी बताया कि वह भारत और UAE में शेट्टी से करीब ₹2,800 करोड़ की बकाया रकम की वसूली और कानूनी कार्रवाई कर रहा है. बैंक के मुताबिक, इस मामले में उसे कई कानूनी आदेश भी मिल चुके हैं.

पहले भी अमेरिका में दायर हो चुका है मामला

बैंक ने यह भी कहा कि शेट्टी इससे पहले अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य की सुप्रीम कोर्ट में भी इसी तरह के आरोपों के साथ मामला दायर कर चुके हैं. बैंक के अनुसार, वह मामला जुलाई 2024 में खारिज हो गया था. अब नए मुकदमे को लेकर बैंक ने कहा है कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना बचाव करेगा.

शेयर बाजार में क्यों आई गिरावट?

मुकदमे की खबर से निवेशकों की चिंता बढ़ी और बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 3% गिरकर लगभग ₹231 के आसपास आ गया. दिन के कारोबार में शेयर करीब 4% तक नीचे गया. बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह मुकदमे से जुड़े संभावित कानूनी और वित्तीय जोखिम को माना जा रहा है. हालांकि, अभी बैंक पर किसी तरह की तत्काल वित्तीय देनदारी तय नहीं हुई है. मामले में आगे अदालत की कार्रवाई और बैंक के जवाब से तस्वीर और साफ होगी.

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