IDBI Bank बैंक पर कैबिनेट का बड़ा फैसला, ये कंपनी खरीदने जा रही है 60.72% हिस्सेदारी, ₹52,878 करोड़ में होगी डील

IDBI Bank के रणनीतिक पुनर्गठन को मंजूरी मिली है. सरकार और LIC अपनी 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में बेचेंगी. इस खबर के बीच बैंक के शेयर कारोबार के दौरान 13% तक उछले.

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IDBI Bank के निजीकरण की प्रक्रिया में बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्र सरकार ने बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है. इसके तहत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) बैंक में अपनी कुल 60.72% हिस्सेदारी बेचेंगी. इस सौदे की कीमत ₹52,878 करोड़ बताई गई है. हिस्सेदारी की बिक्री पूरी होने के बाद बैंक के स्वामित्व और प्रबंधन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

सरकार और LIC बेचेंगी अपनी हिस्सेदारी

इस सौदे के तहत केंद्र सरकार IDBI Bank में अपनी 30.48% हिस्सेदारी बेचेगी, जबकि LIC अपनी 30.24% हिस्सेदारी से बाहर निकलेगी. दोनों की कुल हिस्सेदारी 60.72% है. फिलहाल बैंक में सरकार और LIC की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 94.71% है. प्रस्तावित सौदे के पूरा होने के बाद नए निवेशक को बैंक के प्रबंधन में अहम भूमिका मिल सकती है.

किस कंपनी के हाथ में जाएगी बैंक की कमान?

IDBI Bank की हिस्सेदारी खरीदने के लिए कनाडा की वित्तीय सेवा कंपनी Fairfax Financial Holdings का नाम सामने आया है. कंपनी का नेतृत्व भारतीय मूल के निवेशक प्रेम वत्स करते हैं. इस सौदे की कीमत ₹52,878 करोड़ रखी गई है. हालांकि, सौदे को पूरी तरह अंतिम रूप देने के लिए जरूरी औपचारिकताओं और प्रक्रियाओं का पूरा होना महत्वपूर्ण होगा.

निजीकरण की खबर से शेयरों में तेजी

IDBI Bank के पुनर्गठन और हिस्सेदारी बिक्री की खबर के बीच 14 अक्टूबर को बैंक के शेयरों में तेजी देखने को मिली. कारोबार के दौरान शेयर करीब 13% उछलकर ₹93.60 तक पहुंच गया. निवेशकों की नजर अब सौदे की आगे की प्रक्रिया और बैंक के भविष्य के प्रदर्शन पर रहेगी. शेयर बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी बैंक के शेयर में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है.

ग्राहकों पर क्या होगा असर?

बैंक के निजीकरण के बाद उसके संचालन, प्रबंधन और कारोबारी रणनीति में बदलाव संभव है. नए निवेशक के आने से बैंक की कार्यप्रणाली और विस्तार योजनाओं को नई दिशा मिल सकती है. हालांकि, ग्राहकों की जमा राशि, खाते, कर्ज और दूसरी बैंकिंग सेवाओं में तत्काल क्या बदलाव होंगे, यह आगे होने वाली आधिकारिक घोषणाओं पर निर्भर करेगा.

फिलहाल इस सौदे का सबसे बड़ा महत्व यह है कि IDBI Bank के स्वामित्व में बदलाव की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है. अब सौदे के पूरा होने और नए प्रबंधन की योजनाओं पर बाजार तथा बैंक ग्राहकों की नजर रहेगी.

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