Published: 08 May 2026 16:53 PM Updated On: 08 May 2026 16:54 PM
दुनियाभर में डी-डॉलराइजेशन की चर्चा तेज है, लेकिन ग्राउंड रियलिटी अभी भी अमेरिकी डॉलर के पक्ष में दिखाई देती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के बाहर करीब 14 ट्रिलियन डॉलर ऑफशोर डिपॉजिट के रूप में मौजूद हैं. इसका मतलब है कि दुनिया के बैंक, कंपनियां और सरकारें अब भी डॉलर पर भारी भरोसा जता रही हैं. ग्लोबल ट्रेड, ऑयल डील और इंटरनेशनल पेमेंट्स में डॉलर की पकड़ मजबूत बनी हुई है. हालांकि चीन, रूस और BRICS देश डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल कोई मजबूत विकल्प सामने नहीं आया है.