ई स्कूटर खरीदने वालों को बड़ी राहत, 2028 तक मिलेगी सब्सिडी, सरकार ने बढ़ाया बजट

सरकार ने PM E-Drive योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी को वित्त वर्ष 2028 तक बढ़ा दिया है. ई दोपहिया के लिए आवंटन 1772 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2767 करोड़ रुपये किया गया है. सब्सिडी के दायरे में आने वाले वाहनों की संख्या भी 45.7 लाख कर दी गई है. सब्सिडी 2500 रुपये प्रति किलोवाट घंटा रहेगी और अधिकतम लाभ 5000 रुपये प्रति वाहन होगा.

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी को वित्त वर्ष 2028 तक बढ़ा दिया है. Image Credit: Canva/Money9 live

PM E-Drive योजना में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी की अवधि को वित्त वर्ष 2028 तक बढ़ा दिया है. इसके साथ ही इस सेगमेंट के लिए बजट आवंटन में करीब 1000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है. सब्सिडी पाने वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की संख्या भी बढ़ाई गई है. इस फैसले से ईवी कंपनियों और ग्राहकों दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है. इससे पेट्रोल पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है.

सब्सिडी अब वित्त वर्ष 2028 तक

सरकार ने PM E-Drive योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी को वित्त वर्ष 2028 तक जारी रखने का फैसला किया है. पहले यह योजना वित्त वर्ष 2026 में खत्म होने वाली थी. अब ग्राहक 31 दिसंबर 2027 तक सब्सिडी का लाभ ले सकेंगे. सरकार के इस फैसले से इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार को लंबे समय तक नीति का भरोसा मिलेगा. इससे कंपनियों को भी उत्पादन और निवेश की योजना बनाने में आसानी होगी.

ई दोपहिया के लिए 2767 करोड़ रुपये का आवंटन

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी का आवंटन बढ़ाकर 2767 करोड़ रुपये कर दिया गया है. पहले वित्त वर्ष 2028 तक इस सेगमेंट के लिए 1772 करोड़ रुपये का आवंटन था. यानी आवंटन में करीब 1000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही सब्सिडी पाने वाले वाहनों की संख्या भी 24 लाख से ज्यादा से बढ़कर 45.7 लाख कर दी गई है. इससे ज्यादा ग्राहकों को योजना का फायदा मिल सकेगा.

सब्सिडी की दर में बदलाव नहीं

सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी की दर को 2500 रुपये प्रति किलोवाट घंटा रखा है. हालांकि एक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पर अधिकतम 5000 रुपये की सब्सिडी ही मिलेगी. यानी बैटरी की क्षमता ज्यादा होने पर भी ग्राहक को 5000 रुपये से अधिक का लाभ नहीं मिलेगा. पहले योजना के पहले साल में 5000 रुपये प्रति किलोवाट घंटा और दूसरे साल में 2500 रुपये प्रति किलोवाट घंटा की दर थी.

PM E-Drive का कुल बजट भी बढ़ा

सरकार ने केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का आवंटन ही नहीं बढ़ाया है बल्कि PM E-Drive योजना का कुल बजट भी बढ़ाया गया है. योजना का कुल आवंटन 10900 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 11900 करोड़ रुपये किया गया है. इस योजना में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के अलावा ई बस, ई ट्रक और इलेक्ट्रिक तथा हाइब्रिड एंबुलेंस भी शामिल हैं. कुछ कैटेगरी में सब्सिडी की अवधि वित्त वर्ष 2028 तक जारी रहेगी.

ई दोपहिया की बिक्री में तेज बढोतरी

सरकार का फैसला ऐसे समय आया है जब देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री तेजी से बढ रही है. वाहन के आंकडों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया की बिक्री 14.6 लाख यूनिट तक पहुंच गई. वित्त वर्ष 2022 में यह आंकडा करीब 2.53 लाख यूनिट था. दूसरी ओर इसी अवधि में पेट्रोल दोपहिया वाहनों की बिक्री करीब 1.32 करोड़ यूनिट से घटकर लगभग 1.10 करोड़ यूनिट रह गई. इससे ईवी की बढ़ती मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है.

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पेट्रोल की खपत पर भी पडे़गा असर

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या से भारत में पेट्रोल की मांग पर भी असर पड़ सकता है. पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में देश में बिकने वाले 4.26 करोड़ टन पेट्रोल में करीब दो तिहाई खपत दोपहिया वाहनों की थी. ऐसे में पेट्रोल दोपहिया से इलेक्ट्रिक दोपहिया की ओर बदलाव से तेल आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.