Business News Hindi Live: दिसंबर तिमाही में NSE का मजबूत प्रदर्शन, 6 फीसदी बढ़ी कमाई
टाटा स्टील ने दिसंबर की तिमाही में जोरदार प्रदर्शन किया है. कंपनी का मुनाफा कई गुना बढ़ा. टाटा स्टील के भारत ऑपरेशंस इस तिमाही में भी कंपनी के लिए मुनाफे का मुख्य इंजन बने रहे. इस मजबूत परफॉर्मेंस ने एक बार फिर मुश्किल ग्लोबल स्टील माहौल के बीच घरेलू बिजनेस की मजबूती को दिखाया.

Summary
- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मजबूत प्रदर्शन
- NSE IPO का रास्ता हुआ साफ, OFS के जरिये होगी बाजार में एंट्री
- 2 IPO का सब्सक्रिप्शन हुआ बंद
- दूसरे दिन सोने-चांदी की चमक पड़ी फीकी
- Q3 रिजल्ट के बाद LIC के शेयरों में आई 7 फीसदी से ज्यादा की तेजी
Live Coverage
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मजबूत प्रदर्शन
देश के सबसे बड़े एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 31 दिसंबर को खत्म हुई तिमाही के लिए मजबूत परफॉर्मेंस की रिपोर्ट दी है, जिसे ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम और बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट का सपोर्ट मिला. कंसोलिडेटेड आधार पर, NSE की कुल इनकम Q2 FY26 में 4,160 करोड़ रुपये से 6 प्रतिशत बढ़कर 4,395 करोड़ रुपये हो गई. मनीकंट्रोल के अनुसार, टैक्स के बाद प्रॉफिट (PAT) 15 प्रतिशत बढ़कर 2,408 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 2,098 करोड़ रुपये था. प्रॉफिटेबिलिटी में काफी सुधार हुआ, PAT मार्जिन Q2 में 39 प्रतिशत से बढ़कर 54 प्रतिशत हो गया. Q3FY26 के लिए प्रति शेयर कमाई (नॉन-एनुअलाइज्ड आधार पर) 9.73 रुपये थी, जबकि Q2FY26 के लिए यह 8.48 रुपये थी.
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NSE IPO का रास्ता हुआ साफ, OFS के जरिये होगी बाजार में एंट्री
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी NSE के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) का रास्ता साफ हो गया है. NSE ने शुक्रवार, 6 फरवरी को कहा कि उसके गवर्निंग बोर्ड ने मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए IPO लाने के प्लान को मंजूरी दे दी है. NSE ने कहा कि IPO में लागू रेगुलेटरी अप्रूवल, मौजूदा मार्केट स्थितियों और दूसरे जरूरी फैक्टर्स के आधार पर एक या ज्यादा मान्यता प्राप्त भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर उसके इक्विटी शेयरों की लिस्टिंग शामिल होगी.
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2 IPO का सब्सक्रिप्शन हुआ बंद
शुक्रवार को 2 आईपीओ का सब्सक्रिप्शन बंद हो गया है. इसमें Grover Jewells IPO और Brandman Retail IPO शामिल हैं. Grover Jewells IPO कुल 17.88 गुना सब्सक्राइब हुआ है वहीं Brandman Retail IPO को कुल 106.54 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है.
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दूसरे दिन सोने-चांदी की चमक पड़ी फीकी
शुक्रवार, 6 फरवरी को सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली. ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, चांदी की कीमत करीब 5 फीसदी टूटकर 2 लाख 55 हजार रुपये प्रति किलो पर आ गई. एक दिन में चांदी 13,000 रुपये सस्ती हो गई. इससे पहले गुरुवार को चांदी 2 लाख 68 हजार रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई थी. ये सभी कीमतें टैक्स सहित हैं.
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Q3 रिजल्ट के बाद LIC के शेयरों में आई 7 फीसदी से ज्यादा की तेजी
सरकारी बीमा कंपनी LIC के लिए दिसंबर तिमाही के नतीजे काफी मजबूत रहे हैं. तिमाही नतीजों के बाद कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन 38,614.11 करोड़ रुपये बढ़कर 5,70,198.54 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. LIC ने गुरुवार को बताया कि तिमाही के दौरान उसका नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 12,958 करोड़ रुपये हो गया है. यह बढ़ोतरी नए बिजनेस में ग्रोथ और निवेश से होने वाली इनकम में इजाफे की वजह से दर्ज की गई है. इससे पहले साल की समान तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 11,056 करोड़ रुपये था. कंपनी के मुताबिक, इस दौरान नेट प्रीमियम इनकम भी मजबूत रही है. तिमाही में LIC की नेट प्रीमियम आय बढ़कर 1,25,613 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 1,06,891 करोड़ रुपये थी। यह आंकड़ा बीमा बिजनेस में लगातार हो रही मजबूती को दिखाता है.
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टाटा स्टील
टाटा स्टील ने शुक्रवार 6 फरवरी को दिसंबर 2025 (Q3FY26) को खत्म हुई तिमाही के नतीजे घोषित किए. कंपनी को 2,688.70 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (मालिकों को मिलने वाला) हुआ, जो पिछले साल इसी अवधि के 326.64 करोड़ रुपये से 723 फीसदी ज्यादा है. पिछले साल इसी अवधि के 53,648.30 करोड़ रुपये की तुलना में ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू भी 6% बढ़कर 57,002.40 करोड़ रुपये हो गया.
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MRF का नेट प्रॉफिट तीसरी तिमाही में हुआ दोगुना, डिविडेंड का ऐलान
टायर बनाने वाली कंपनी MRF का दिसंबर, 2025 को समाप्त चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ दोगुना होकर 692 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 315 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था. कंपनी ने कहा कि उसके निदेशक मंडल ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए 3 रुपये प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है.
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ब्याज दर में आगे भी कटौती की गुंजाइश
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि देश में ब्याज दरें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रह सकती हैं और जरूरत पड़ने पर इनमें आगे कटौती भी की जा सकती है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब RBI ने अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति बैठक में repo rate को 5.25 फीसदी पर कोई बदलाव नहीं किया है और नीति रुख को न्यूट्रल बनाए रखने का फैसला किया. गवर्नर के इस संकेत को आर्थिक गतिविधियों को सहारा देने की दिशा में एक अहम संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
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सोना-चांदी अब तय कर रहा महंगाई का मीटर
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (RBI MPC) ने इस बार महंगाई को लेकर एक नया संकेत दिया है. सोने और चांदी की कीमतों में आई तेजी महंगाई के अनुमान में 60 से 70 बेसिस प्वाइंट का योगदान दे रही है. यानी कुल महंगाई पर इन धातुओं का असर अब नजरअंदाज करने लायक नहीं रहा. हालांकि केंद्रीय बैंक ने यह भी साफ किया कि अगर सोने को महंगाई के आंकड़ों से अलग कर दिया जाए, तो कोर महंगाई दिसंबर में 2.6 फीसदी पर स्थिर बनी हुई थी. युद्ध, तनाव और डर के माहौल में लोग पैसा सोने-चांदी में लगा रहे हैं. इससे इनकी कीमतें तेजी से बढ़ीं और इसी वजह से RBI को अपना महंगाई अनुमान थोड़ा बढ़ाना पड़ा.
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इन फंड्स ने टेक्सटाइल स्टॉक्स में लगाया है पैसा
Kotak Flexicap Fund
यह फंड SRF में करीब 3.4 प्रतिशत निवेश रखता है, जो भारत की बड़ी टेक्निकल टेक्सटाइल कंपनियों में से एक है. पिछले 10 सालों में फंड ने करीब 14.88 प्रतिशत का CAGR रिटर्न दिया है.
Mahindra Manulife Focused Fund
इस फंड का करीब 4.11 प्रतिशत निवेश ग्रासिम इंडस्ट्रीज में है, जो विस्कोस फिलामेंट यार्न और रेयान फाइबर का बड़ा एक्सपोर्टर है. पिछले 5 सालों में फंड ने करीब 22.8 प्रतिशत का CAGR रिटर्न दिया है.
HSBC India Export Opportunities Fund
इस फंड के पोर्टफोलियो में अरविंद और ग्रासिम इंडस्ट्रीज जैसे टेक्सटाइल शेयर शामिल हैं.
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बैंक अब REITs को दे सकते हैं लोन
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को रियल एस्टेट सेक्टर के लिए फाइनेंसिंग के दायरे को बढ़ाने के उद्देश्य से बैंकों को कुछ प्रूडेंशियल शर्तों के साथ REITs को कर्ज देने का प्रस्ताव रखा. REITs इनकम जनरेट करने वाली संपत्तियों में निवेश का जरिया हैं. अब तक बैंकों को REITs को सीधे कर्ज देने की अनुमति नहीं थी, जबकि InvITs को यह सुविधा बाद में दी गई.
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ये डिफेंस स्टॉक दे रही डिविडेंड
डिफेंस दिग्गज Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL) ने दिसंबर तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं. जिसमें कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया. इस दौरान ना सिर्फ उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़ा, बल्कि मुनाफे में भी इजाफा हुआ है. ऐसे में कंपनी ने अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देने का फैसला किया है.
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Aircraft Flagged in Safety Audits: 377 विमानों में बार-बार खराबी की शिकायतें
भारत के एविएशन सेक्टर में सेफ्टी और तकनीकी खामियों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. सरकार ने संसद में बताया कि हाल के महीनों में किए गए सेफ्टी ऑडिट के दौरान सैकड़ों विमानों में बार-बार आने वाली खराबियां सामने आईं. सरकार ने Lok Sabha को बताया कि जनवरी 2025 से 3 फरवरी 2026 के बीच किए गए ऑडिट में 754 विमानों की जांच हुई. इनमें से 377 विमानों में एक जैसी तकनीकी दिक्कतें बार-बार पाई गईं. यानी करीब आधे विमानों में दोहराए जाने वाले स्नैग सामने आए. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, 2025 में एयरलाइनों ने 353 तकनीकी खामियां दर्ज कराईं. यह संख्या 2023 में 448 थी. मंत्रालय ने कहा कि पिछले तीन सालों में ऐसी शिकायतों में कमी आई है.
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डिविडेंड और म्यूचुअल फंड आय
डिविडेंड या म्यूचुअल फंड से होने वाली आय पर अब ब्याज खर्च की कोई कटौती नहीं मिलेगी, चाहे निवेश उधार लेकर ही क्यों न किया गया हो. अब तक नियम ये कहता है कि अगर आपने कर्ज लेकर शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश किया है और उससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल ब्याज चुकाने के लिए करते हैं तो वह टैक्स डिडक्शन के अंतर्गत आता है. लेकिन 1 अप्रैल से यह नियम बदलने वाला है.
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डिजिटल फ्रॉड पीड़ितों को ₹25,000 तक मुआवजा देने का प्रस्ताव
RBI ने डिजिटल फ्रॉड में पैसा गवाएं पीड़ितों के लिए बड़ी राहत की खबर लाई है. RBI ने छोटे मूल्य के फ्रॉड लेनदेन से प्रभावित ग्राहकों को राहत देने के लिए 25,000 रुपये तक मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा है. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को देखते हुए यह ढांचा तैयार किया जा रहा है. इसके साथ ही डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चर्चा पत्र लाने की योजना है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं.
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लिक्विडिटी मैनेजमेंट में प्रो-एक्टिव रहेगा केंद्रीय बैंक
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक लिक्विडिटी मैनेजमेंट को लेकर आगे भी प्रो-एक्टिव रुख बनाए रखेगा. उन्होंने बताया कि सिस्टम लिक्विडिटी औसतन 75,000 करोड़ रुपये रही है. दिसंबर-जनवरी में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए, जबकि वैश्विक रुझानों के चलते G-sec यील्ड में मजबूती बनी रही.
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MSME के लिए कोलैटरल फ्री सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया
सरकार ने MSME सेक्टर को राहत देते हुए कोलैटरल-फ्री लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है. इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को बिना गारंटी ज्यादा पूंजी मिलेगी और कारोबार विस्तार में मदद होगी. सेंट्रल बैंक ने कहा है कि ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए 3 ड्राफ्ट गाइडलाइन जारी करेंगे.
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अप्रैल में आएगा पूरे साल का CPI अनुमान
RBI ने कहा है कि महंगाई के नए आंकड़ों की सीरीज से जुड़ा और अधिक डेटा उपलब्ध होने के बाद पूरे वित्त वर्ष के CPI महंगाई अनुमान को अप्रैल की अगली मौद्रिक नीति में पेश किया जाएगा. केंद्रीय बैंक के मुताबिक नई सीरीज के आधार पर तैयार यह अनुमान महंगाई की सही तस्वीर सामने लाने में मदद करेगा.
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जल्द आएगी GDP और महंगाई की नई सीरीज
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि भारत को जल्द ही GDP और महंगाई के आंकड़ों की नई सीरीज मिलने वाली है. और इसलिए पूरे वर्ष का GDP अनुमान नहीं दिया. उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर और सुधार के रास्ते पर है. RBI के मुताबिक रियल GDP ग्रोथ 7.4 फीसदी तक पहुंच सकती है, जो मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत है.
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FY26 में महंगाई 2.1% रहने का अनुमान
RBI ने FY26 के लिए CPI महंगाई दर का अनुमान 2.1 फीसदी लगाया है. केंद्रीय बैंक के मुताबिक Q4FY26 में महंगाई 3.2 फीसदी रह सकती है. वहीं FY27 की पहली तिमाही में CPI 4 फीसदी और दूसरी तिमाही में 4.2 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है, जो आने वाले महीनों में महंगाई के दबाव की ओर इशारा करता है.
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FY27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाया
RBI की मौद्रिक नीति समिति ने FY27 की आर्थिक विकास दर को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं. केंद्रीय बैंक ने पहली तिमाही (Q1FY27) के लिए GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 6.9 फीसदी कर दिया है, जबकि दूसरी तिमाही (Q2FY27) के लिए इसे 7 फीसदी किया गया है. इससे आर्थिक गतिविधियों में मजबूती के संकेत मिलते हैं.
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RBI MPC से फैसले से पहले बाजार अलर्ट
RBI MPC से फैसले से पहले भारतीय बाजार अलर्ट नजर आया. 6 फरवरी को भारतीय शेयर बाजारों की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई. शुरुआती कारोबार में निफ्टी 25600 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि सेंसेक्स भी सीमित दायरे में कमजोर नजर आया. सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर सेंसेक्स 79.77 अंक यानी 0.10 प्रतिशत गिरकर 83,234.16 के स्तर पर था, वहीं निफ्टी 36.05 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,606.75 पर कारोबार कर रहा था.
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Reserve Bank of India MPC Live: RBI क्यों रोक सकता है दरों में कटौती
BofA Global Research की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक की नीतिगत ब्याज दरों में कटौती का दौर फिलहाल रुक सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में हुआ India–United States ट्रेड एग्रीमेंट आर्थिक विकास को लेकर तस्वीर साफ करने में मदद करेगा और हाई-फ्रीक्वेंसी आर्थिक आंकड़ों में दिख रहा पॉजिटिव रुझान आगे भी बना रह सकता है. इसमें यह भी कहा गया है कि इस समय RBI और ज्यादा रेट कट से बच सकता है, लेकिन वह सिस्टम में लिक्विडिटी को एक्टिव रूप से संभालता रहेगा ताकि पॉलिसी दरों का असर पूरे वित्तीय सिस्टम तक ठीक से पहुंच सके.
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RBI MPC 2026: रेपो रेट घटने का फायदा किसे मिलता है?
बैंक आमतौर पर दो प्रमुख बेंचमार्क के आधार पर लोन प्रदान करते हैं. पहला है एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड रेट (EBLR) और दूसरा मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR). EBLR सीधे तौर पर रेपो रेट से जुड़ा होता है, इसलिए रिजर्व बैंक जैसे ही रेपो रेट में कटौती करते ही इस कैटेगरी के लोन की EMI में तुरंत राहत मिलती है. वहीं MCLR आधारित लोन में ब्याज दर और EMI में कमी कुछ समय बाद देखने को मिलती है. ये दोनों ही फ्लोटिंग रेट लोन की कैटेगरी में आते हैं.
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RBI MPC 2026: महंगाई के आंकड़े?
दिसंबर महीने में Consumer Price Index आधारित खुदरा महंगाई दर 1.3% पर पहुंच गई, जबकि नवंबर में यह 0.7% थी. यह पिछले तीन महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है. खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट की गति अब धीमी हो रही है और पिछले वर्ष के कम आधार का प्रभाव भी धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है. हाल के महीनों में महंगाई लगातार Reserve Bank of India के 2–6% के टॉलरेंस बैंड से नीचे बनी हुई है. पिछले छह महीनों में से पांच महीनों में महंगाई दर 2% से कम रही. महंगाई नियंत्रण में रहने की वजह से ही रेपो रेट में कटौती की गुंजाइश बनती है. हालांकि इस पर अंतिम फैसला MPC का होता है.
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RBI MPC 2026: आज 10 बजे होगा ऐलान
Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 4 फरवरी से 6 फरवरी तक आयोजित की जा रही है, जिसमें मौजूदा मौद्रिक नीति रुख की समीक्षा की जाएगी. नीति का फैसला 6 फरवरी को सुबह 10 बजे आरबीआई गवर्नर घोषित करेंगे. जिसके बाद दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी.
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RBI MPC 2026: पिछली बैठक में क्या था फैसला?
पिछली बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट घटाकर 5.50% से 5.25% कर दिया था और ‘न्यूट्रल स्टांस’ रखा था. अब निवेशकों और लोन लेने वालों को उम्मीद है कि आगे भी राहत मिल सकती है या रेट्स स्थिर रखे जा सकते हैं.
RBI MPC 2026 Live: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की फरवरी बैठक के नतीजे आज जारी हो गए हैं. आज पूरे बाजार की नजर RBI के फैसले पर टिकी रही क्योंकि इस फैसले से रेपो रेट, लिक्विडिटी और शेयर बाजार की दिशा तय होती है. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सुबह 10 बजे MPC की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है. इसका मतलब है कि रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रहेगी. इससे लोगों को EMI में कोई राहत नहीं मिली है.
छह सदस्यीय समिति ने घरेलू महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक ग्रोथ के रुझानों पर भी चर्चा की है. भारत-अमेरिका ट्रेड डील से बाहरी जोखिम कम होने के बीच यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है.