HFCL Limited को करीब ₹10,159 करोड़ का ग्लोबल कॉन्ट्रैक्ट मिला है, जिसके बाद कंपनी के शेयर उछल गए . कंपनी अगले पांच साल तक हाई-फाइबर-काउंट ऑप्टिकल फाइबर केबल की सप्लाई करेगी, जिससे इसके ग्लोबल बिजनेस को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
Kaynes Technology में BofA Securities Europe ने करीब 42 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं, जिसके बाद स्टॉक चर्चा में आ गया. हालांकि बड़े निवेश के बावजूद शेयर में 5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. कंपनी के तिमाही नतीजे सॉलिड रहे हैं.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारत के 8 LPG टैंकर फंस गए हैं, जिनकी सुरक्षित आवाजाही के लिए सरकार ईरान से लगातार बातचीत कर रही है . इसके साथ ही करीब 28 भारतीय झंडे वाले व्यापारिक जहाज और सैकड़ों भारतीय क्रू मेंबर के भी सुरक्षित वापसी की कोशिश की जा रही है. उम्मीद है कि जल्द ही इस पर बात बन सकती है.
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई . MCX पर सोना-चांदी फिसल गए, हालांकि बाद में मामूली रिकवरी दिखी. विशेषज्ञों के मुताबिक तेल की बढ़ती कीमतें, ब्याज दर कटौती की कम उम्मीद और मध्य-पूर्व तनाव से बुलियन मार्केट में दबाव बना हुआ है .
Lloyds Metals & Energy के शेयर मार्च 2021 में करीब ₹11 रुपये के आस-पास ट्रेड कर रहा था वहीं ये 12 मार्च तक ₹1205 तक पहुंच गया. यानी 5 साल में इसने लगभग 10,800% से ज्यादा रिटर्न दिया है. ऐसे में अगर किसी ने 5 साल पहले इसमें एक लाख रुपये लगाए होते तो वो करोड़पति बन गया होता.
टोल प्लाजा और मैनपावर सर्विस देने वाली Innovision Limited ने निवेशकों की कमजोर दिलचस्पी के चलते अपने IPO की क्लोजिंग डेट 12 मार्च से बढ़ाकर 17 मार्च कर दी है . कंपनी ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्राइस बैंड भी घटाई है. ऐसे में देखना होगा कि क्या ये अब निवेशकों का ध्यान खींच पाती है या नहीं.
Varun Beverages का शेयर गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया है और पिछले कुछ सत्रों से इसमें लगातार दबाव देखने को मिल रहा है . हालांकि गिरावट के बावजूद कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हैं, कर्ज लगभग नगण्य है और राजस्व-मुनाफे में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ऐसे में देखना होगा कि क्या इसके स्टॉक वापसी करते हैं या नहीं.
कई कंपनियों में प्रमोटरों ने हाल ही में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिसे बाजार में कंपनी के भविष्य को लेकर भरोसे का संकेत माना जा रहा है. Premier Polyfilm, Authum Investment से लेकर कुछ और कंपनियों में प्रमोटरों ने लाखों रुपये के शेयर खरीदकर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिससे इन स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर टिक गई है.
पश्चिम एशिया में तनाव और LPG सप्लाई संकट के कारण इंडक्शन कुकटॉप की मांग तेजी से बढ़ी, जिससे किचन अप्लायंस कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल आया है. इससे TTK Prestige समेत कई कंपनियों के शेयर करीब 15% तक चढ़ गए. तो इन कंपनियों में कौन है सबसे आगे यहां करें चेक.
KEC International को सऊदी अरब समेत कई देशों में ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट के लिए नए ऑर्डर मिले हैं, जिससे कंपनी का कुल ऑर्डर इनटेक इस वित्त वर्ष में करीब ₹22,800 करोड़ हो गया है. इस खबर के बाद ही इसके शेयरों में उछाल देखने को मिला, हालांकि बाद में इसमें थोड़ी गिरावट आई है.