Soma Roy

पत्रकारिता में 10 साल से ज्‍यादा का अनुभव रखने वाली सोमा रॉय वर्तमान में मनी9 में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. इससे पहले वह टाइम्‍सनाउ डिजिटल, राजस्‍थान पत्रिका, हिंदुस्‍तान टाइम्‍स और दैनिक जागरण जैसे संस्‍थानों में अहम भूमिका निभा चुकी हैं. इन्‍होंने प्रिंट से लेकर डिजिटल मीडिया दोनों स्‍ट्रीम में काम किया है. बिजनेस, एजुकेशन, धर्म-कर्म और एंटरटेनमेंट इनके पसंदीदा सेग्‍मेंट हैं. बिजनेस की कठिन खबरों को आसान बनाकर लोगों को समझाने की कला इन्‍हें बखूबी आती है. कला और संगीत में इनकी विशेष दिलचस्‍पी है. इनकी कार्यकुशलता और बेहतर प्रदर्शन के चलते इन्‍हें कई अवार्ड से सम्‍मानित किया जा चुका है.

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Soma Roy

ट्रांसफॉर्मर सेक्टर में कुछ कंपनियां तेजी से उभर रही हैं. मजबूत ऑर्डरबुक, टेक्नोलॉजी और ग्राहक बेस के दम पर तेजी से उभरते खिलाड़ी बनकर सामने आए हैं. दोनों कंपनियों की बैलेंस शीट मजबूत है, ये लगभग कर्जमुक्त है जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. लंबी अवधि में इन शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया है. इनमें आगे भी ग्रोथ का दम है.

जनवरी में भारत के सर्विस सेक्टर ने मजबूत वापसी करते हुए PMI 58.5 तक पहुंचाया, जो लगातार 54वें महीने विस्तार का संकेत देता है. नए ऑर्डर, घरेलू और विदेशी मांग बढ़ने की वजह से आउटपुट और हायरिंग में सुधार देखने को मिला. जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी सर्विस सेक्‍टर मजबूत रह सकता है.

जिन कंपनियों के पास कैश ज्‍यादा होता है, उन पर निवेशकों का भरोसा होता है. आज हम आपको दो छोटी कंपनियाें के बारे में बताएंगे जो मजबूत कैश रिजर्व और बेहतर फंडामेंटल्स के दम पर निवेशकों की नजर में आई हैं. इनकी वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है. कम कीमत वाले ये शेयर हाल में तेजी दिखा रहे हैं और आगे मल्टीबैगर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं.

सरकार ने सोना और चांदी पर लगने वाले बेस इंपोर्ट प्राइस घटाकर कस्टम ड्यूटी का बोझ कम कर दिया है, जिससे इन धातुओं का आयात सस्ता पड़ेगा और कारोबारियों को राहत मिलेगी. सोने की बेस कीमत पर इंपोट ड्यूटी कम होने का फायदा बुलियन और ज्वैलरी इंडस्ट्री को मिलेगा. हालांकि वैश्विक कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर होने से आयात बिल और ट्रेड डेफिसिट पर दबाव बना रह सकता है.

सोना-चांदी में तीन दिन की गिरावट के बाद जोरदार बाउंस बैक देखने को मिला है, MCX पर गोल्ड ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया. चांदी भी 13,000 रुपये से ज्यादा महंगी होगई. जबकि इंटरनेशनल मार्केट में भी तेज उछाल दर्ज हुआ है. डॉलर की कमजोरी और बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता के चलते बुलियन में खरीदारी बढ़ी है, जिससे आगे भी कीमतों में तेजी बने रहने की उम्मीद है.

Aye Finance ₹1,010 करोड़ का IPO लेकर आ रही है, जिसका प्राइस बैंड तय कर दिया गया है. यह इश्यू 9 से 11 फरवरी तक निवेश के लिए खुला रहेगा. इश्यू में फ्रेश इश्यू और OFS दोनों शामिल है, मजबूत ग्लोबल निवेशकों के सपोर्ट और बढ़ते मुनाफे के दम पर कंपनी 16 फरवरी को शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी में है.

NSE अपना लंबित IPO फिर शुरू करने जा रहा है और मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत तक DRHP फाइल करने की तैयारी है. करीब 4.5% हिस्सेदारी OFS के जरिए बेची जाएगी. करीब 10 साल बाद यह मेगा इश्यू भारतीय शेयर बाजार में दस्‍तक देगा. इसके लिए कंपनी ने कमर कस ली है.

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भारत को डबल फायदा मिलता दिख रहा है, जहां टैरिफ घटकर 18% होने से निर्यात को बड़ा बूस्ट मिलेगा और भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. साथ ही वेनेजुएला से सस्ता कच्चा तेल खरीदने की रणनीति से देश सालाना करोड़ों की बचत कर सकता है. इससे महंगाई पर भी दबाव नहीं पड़ेगा.

Budget 2026 में सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर कैपिटल गेन टैक्स छूट के नियम सख्त कर दिए हैं. अब यह टैक्स फ्री लाभ सभी निवेशकों को नहीं मिलेगा. इसका दायरा सीमित कर दिया गया है. सेकेंडरी मार्केट से SGB खरीदने या बीच में बेचने वालों को अब झटका लगेगा. वे इसका इस्‍तेमाल सिर्फ टैक्स बचाने के लिए नहीं कर सकेंगे.

Union Budget 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के कैपेक्स का ऐलान किया, जो पिछले साल से करीब 9 फीसदी ज्यादा है. इस बूस्टर डोज से इंफ्रा शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली स्टॉक्स एक दिन में 6 से 9 फीसदी तक उछल गए.