Rediff.com India Ltd ने ₹600–800 करोड़ जुटाने के लिए DRHP फाइल किया और IPO की तैयारी शुरू की. कंपनी खुद को AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म में बदलते हुए UPI और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस में विस्तार कर रही है.
Avenue Supermarts Ltd (DMart) ने 500 स्टोर्स का माइलस्टोन हासिल किया, जिससे शेयर में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया. मजबूत विस्तार और बेहतर तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे स्टॉक में भारी खरीदारी देखने को मिली.
Garden Reach से लेकर अन्य चुनिंदा डिफेंस स्टॉक्स आज 19% तक उछल गए. रिकॉर्ड टर्नओवर, मजबूत डिलीवरी और ऑर्डर प्रोग्रेस ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे पूरे सेक्टर में खरीदारी बढ़ी है.
आरबीआई की ओर से सख्त लिक्विडिटी नियमों को टालने से ब्रोकिंग शेयरों में तेज उछाल आया है. इससे मोतीलाल ओसवाल समेत एंजल वन समेत दूसरे स्टॉक्स 8% तक चढ़ गए हैं. इस फैसले से ब्रोकर्स को फिलहाल राहत मिली, जिससे उनकी लागत पर तत्काल दबाव टल गया और बाजार सेंटिमेंट बेहतर हुआ.
ट्रंप के बयान के बाद जंग खत्म होने की उम्मीद से सेंसेक्स 1800 अंक और निफ्टी 22,900 के पार पहुंच गया. ग्लोबल और एशियाई बाजारों में तेजी के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने भी बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया. हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंता अभी भी बाजार के लिए जोखिम बनी हुई है.
Oracle Corporation ने भारत में करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की, और जल्द दूसरी लहर की आशंका जताई जा रही है. आईटी सेक्टर में पहले से चल रही छंटनी के बीच इस फैसले से कर्मचारियों में असुरक्षा और चिंता बढ़ गई है.
मिडिल ईस्ट तनाव कम होने की उम्मीद से ग्लोबल बाजारों में जोरदार तेजी आई, जिससे सेंसेक्स-निफ्टी में गैप-अप शुरुआत के संकेत मिले. डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद Dow Jones, Nasdaq और एशियाई बाजारों में तेज उछाल देखा गया, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पिछले बयान से यू-टर्न लेते हुए संकेत दिए कि अमेरिका 2-3 हफ्तों में ईरान के साथ युद्ध खत्म कर सकता है और इसके लिए कोई डील जरूरी नहीं होगी. हालांकि ईरान अभी भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है. उसने मेरिका की बड़ी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी है. इसमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एप्पल, टेस्ला और बोइंग जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं.
Sathya Agencies ₹600 करोड़ का IPO लाने की तैयारी में है, जिसमें फ्रेश इश्यू और OFS शामिल है. कंपनी जुटाई गई रकम का इस्तेमाल अधिग्रहण, कर्ज चुकाने और बिजनेस विस्तार में करेगी. इसके लिए कंपनी ने सेबी को ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए हैं.
सरकार ने कमजोर निवेशक रुचि के चलते 11 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी रद्द कर दी. ये ब्लॉक्स लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ जैसे अहम खनिजों से जुड़े थे, जो क्लीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी के लिए जरूरी हैं.