Soma Roy

पत्रकारिता में 10 साल से ज्‍यादा का अनुभव रखने वाली सोमा रॉय वर्तमान में मनी9 में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. इससे पहले वह टाइम्‍सनाउ डिजिटल, राजस्‍थान पत्रिका, हिंदुस्‍तान टाइम्‍स और दैनिक जागरण जैसे संस्‍थानों में अहम भूमिका निभा चुकी हैं. इन्‍होंने प्रिंट से लेकर डिजिटल मीडिया दोनों स्‍ट्रीम में काम किया है. बिजनेस, एजुकेशन, धर्म-कर्म और एंटरटेनमेंट इनके पसंदीदा सेग्‍मेंट हैं. बिजनेस की कठिन खबरों को आसान बनाकर लोगों को समझाने की कला इन्‍हें बखूबी आती है. कला और संगीत में इनकी विशेष दिलचस्‍पी है. इनकी कार्यकुशलता और बेहतर प्रदर्शन के चलते इन्‍हें कई अवार्ड से सम्‍मानित किया जा चुका है.

Read More
Soma Roy

Budget 2026 में सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर कैपिटल गेन टैक्स छूट के नियम सख्त कर दिए हैं. अब यह टैक्स फ्री लाभ सभी निवेशकों को नहीं मिलेगा. इसका दायरा सीमित कर दिया गया है. सेकेंडरी मार्केट से SGB खरीदने या बीच में बेचने वालों को अब झटका लगेगा. वे इसका इस्‍तेमाल सिर्फ टैक्स बचाने के लिए नहीं कर सकेंगे.

Union Budget 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के कैपेक्स का ऐलान किया, जो पिछले साल से करीब 9 फीसदी ज्यादा है. इस बूस्टर डोज से इंफ्रा शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली स्टॉक्स एक दिन में 6 से 9 फीसदी तक उछल गए.

Budget 2026 के दिन स्पेशल ट्रेडिंग सेशन आयोजित की गई. इस दौरान MCX पर सोना और चांदी में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली, जहां सोना करीब ₹7,000 और चांदी ₹26,000 से ज्यादा टूट गई. मजबूत डॉलर, ग्लोबल मार्केट में भारी गिरावट और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते बुलियन बाजार में हाहाकार मच गया. घरेलू भारतीय बाजार के अलावा इंटरनेशनल मार्केट में भी गोल्‍ड-सिल्‍वर में दबाव दिखा.

दो दिन में सोना-चांदी की कीमतों में आई ऐतिहासिक गिरावट से बुलियन बाजार हिल गया और ग्लोबली करीब ₹451 लाख करोड़ की वैल्यू साफ हो गई. तेज मुनाफावसूली, डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड्स में उछाल और फेड चेयर को लेकर बदली उम्मीदों ने कीमती धातुओं पर भारी दबाव बनाया. आगे निवेशकों की नजर अमेरिकी मैक्रो डेटा और फेड के रुख पर रहेगी, जो सोना-चांदी की दिशा तय करेगा.

1 फरवरी 2026 को बजट से ठीक पहले 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं, जिससे होटल-रेस्टोरेंट और कारोबारियों पर महंगाई का दबाव बढ़ने वाला है. दिल्ली में इसका दाम बढ़कर ₹1,740.50 हो गया है, जबकि घरेलू 14.2 किलो LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वहीं राहत की बात यह रही कि इसी दिन ATF यानी विमान ईंधन की कीमतों में कटौती की गई है.

B2B Software Technologies ने दमदार Q3 नतीजों के बाद निवेशकों को डबल तोहफा देते हुए पहली बार बोनस शेयर और डिविडेंड का ऐलान किया है. कंपनी का रेवेन्यू 38% और PBT 136% से ज्यादा बढ़ा है, जो मजबूत बिजनेस ग्रोथ का संकेत देता है. शेयर में भी तेजी देखने को मिली है, जिससे यह स्मॉलकैप IT स्टॉक निवेशकों की नजर में आ गया है.

₹25 से सस्ते Blue Cloud Softech Solutions के शेयर आजकल सुर्खियों में है. ये 12 फीसदी तक उछल चुके हैं. सेमीकंडक्टर सेक्टर में एंट्री और प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़ाने की खबर से निवेशकों का ध्यान इस स्टॉक पर फिर से गया है. कंपनी AI, 5G और साइबर सिक्योरिटी जैसे हाई-ग्रोथ क्षेत्रों में काम कर रही है, जो इसके भविष्य को मजबूत संकेत देता है.

Waaree Energies अपनी फ्यूचर रणनीति के जरिए खुद को एक इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी कंपनी में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कंपनी सोलर मैन्युफैक्चरिंग के साथ EPC, एनर्जी स्टोरेज, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे हाई-ग्रोथ सेगमेंट्स में विस्तार कर रही है, जिससे लंबी अवधि में कमाई और बिजनेस ग्रोथ की मजबूत संभावनाएं बन रही हैं. मजबूत पाइपलाइन और बढ़ती मांग को देखते हुए FY26 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, जिसका सकारात्मक असर शेयर पर भी दिखाई दे सकता है.

ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में 46 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जहां महज दो ट्रेडिंग सेशन में गोल्ड करीब 12% टूटकर 5,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया. अमेरिकी फेड चेयर की नियुक्ति से जुड़ी अनिश्चितता खत्म होने, डॉलर की तेज मजबूती समेत कुछ दूसरे कारणों के चलते सोने की कीमतों में जबरदस्‍त गिरावट आई है.

1 फरवरी को संसद में पेश होने वाले बजट से ठीक पहले सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट आई है, जहां चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से ₹1.28 लाख प्रति किलो सस्ती हो गई है और सोना भी ऑल-टाइम हाई से 16% से ज्यादा फिसल गया है. मुनाफावसूली समेत कुछ दूसरे कारणों से अंतरराष्ट्रीय व घरेलू बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली. साथ ही Budget 2026 में इंपोर्ट ड्यूटी कटौती की आशंका ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है.