RBI Big Action on Banks: अब नहीं चलेगी बैंकों की मनमानी, Mis-Selling पर आ गए नए नियम!
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्तीय संस्थानों पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है, खासकर बैंकों द्वारा ग्राहकों को वित्तीय उत्पादों की मिस-सेलिंग को रोकने के लिए. हाल ही में, RBI ने एक नया और बड़ा फ्रेमवर्क जारी किया है, जिसका उद्देश्य बैंकों की मनमानी पर अंकुश लगाना है. ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से पूरे देश में लागू होंगे. इन नियमों के तहत, यदि किसी ग्राहक को बिना सही जानकारी दिए, उसकी जरूरत समझे बिना, या उसकी स्पष्ट सहमति के बिना कोई बीमा, म्यूचुअल फंड या अन्य वित्तीय उत्पाद बेचा जाता है, तो बैंक को उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.
RBI का लक्ष्य बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों के हितों की रक्षा करना है. मिस-सेलिंग के खिलाफ यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि वित्तीय वर्ष 2025 में RBI के पास बैंकों और NBFCs से गलत वित्तीय उत्पाद बेचे जाने की लगभग 2.96 लाख शिकायतें आई थीं. नए नियमों से ग्राहकों का पैसा वापस होगा और उन्हें हुए नुकसान की भरपाई भी की जाएगी. RBI स्पष्ट सहमति, उत्पादों की बंडलिंग पर रोक और डार्क पैटर्न के इस्तेमाल पर प्रतिबंध जैसे उपायों के माध्यम से ग्राहकों को सशक्त करना चाहता है.