Apple की सप्लाई चेन में हिस्सेदारी बढ़ाएगी Tata Electronics, नए कंपोनेंट्स बनाने की तैयारी

Tata Electronics अपने iPhone मैन्युफैक्चरिंग कारोबार का विस्तार करने की तैयारी में है. कंपनी मेटल केसिंग के अलावा ग्लास आधारित एनक्लोजर और दूसरे खास मेटल कंपोनेंट्स बनाने की संभावनाएं तलाश रही है. इसका मकसद Apple की सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना और ज्यादा वैल्यू वाले कंपोनेंट्स के मैन्युफैक्चिरिंग में उतरना है.

कंपनी का लक्ष्य Apple की सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है. Image Credit: tv9 bharatvarsh

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Electronics अपने मैन्युफैक्चरिंग कारोबार का विस्तार करने की तैयारी में है. कंपनी अब iPhone की मेटल केसिंग के अलावा ग्लास आधारित एनक्लोजर और दूसरे खास मेटल पार्ट्स बनाने की संभावनाएं तलाश रही है. इसका मकसद Apple की सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना और ज्यादा वैल्यू वाले कंपोनेंट्स के मैन्युफैक्चिरिंग में उतरना है. यह कदम ऐसे समय में अहम है, जब भारत में iPhone का प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट बढ़ रहा है.

क्या बनाएगी Tata Electronics?

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Tata Electronics अब ग्लास आधारित एनक्लोजर और दूसरे मेटल कंपोनेंट्स के मैन्युफैक्चिरिंग में विस्तार की संभावनाएं तलाश रही है. एनक्लोजर स्मार्टफोन का बाहरी फ्रेम होता है, जिस पर दूसरे कंपोनेंट्स लगाए जाते हैं. प्रीमियम स्मार्टफोन में इसकी मजबूती, डिजाइन और फिनिशिंग काफी अहम होती है. CNC मशीनिंग, स्ट्रक्चरल मेटल पार्ट्स और ग्लास इंटीग्रेशन में कंपनी का संभावित विस्तार उसे वैल्यू चेन में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है.

ज्यादा वैल्यू वाले कंपोनेंट्स पर फोकस

फाइनल असेंबली के मुकाबले प्रिसिजन मैकेनिकल कंपोनेंट्स के मैन्युफैक्चिरिंग में ज्यादा मार्जिन की संभावना होती है. हालांकि, इसके लिए विशेष टूलिंग, ज्यादा कैपिटल निवेश और बेहतर प्रोडक्ट क्वालिटी की जरूरत होती है.

अगर Tata Electronics इस सेक्टर में सफल रहती है, तो Apple की सप्लाई चेन में उसकी भूमिका मजबूत हो सकती है. फिलहाल कंपनी की ओर से इस संभावित विस्तार पर आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

सरकार की स्कीम से मिल रहा सपोर्ट

भारत सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम यानी ECMS के तहत मोबाइल एनक्लोजर बनाने वाली प्रोजेक्ट को भी सपोर्ट दिया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, Tata Electronics, Motherson Group और Foxconn की भारतीय इकाई Yuzhan Technology की तीन प्रोजेक्ट के लिए कुल 27166 करोड़ रुपये की मंजूर राशि का बड़ा हिस्सा निर्धारित किया गया था.

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भारत में बढ़ रहा iPhone का कारोबार

रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में असेंबल होने वाले करीब एक चौथाई iPhone अब भारत में बन रहे हैं. चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में भारत से iPhone का एक्सपोर्ट रिकॉर्ड 13.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया.

होसुर में Tata Electronics के पास प्रिसिजन मशीनिंग, टूलिंग और मेटल केसिंग की फिनिशिंग जैसी क्षमताएं हैं. इनके आधार पर दूसरे कंपोनेंट्स में विस्तार किया जा सकता है. अगर यह योजना सफल होती है, तो कंपनी Apple के साथ अपना कारोबार बढ़ाने के साथ भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को भी मजबूत कर सकती है.