भारत पर 100 फीसदी टैरिफ की धमकी, लेकिन खुद रूस से कैसे डीजल खरीदेगा अमेरिका; क्या है ये पूरा गेम?

रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ रूसी डीजल खरीदने का यह कदम विरोधाभासी लग सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुए समझौते के तहत, रूस तुरंत 3,00,000 टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा.

ट्रंप रूस से डीजल की खरीद का रास्ता कैसे निकालेंगे. Image Credit: money9 & Canva

भारत, रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले और उसकी घोषणा का अध्ययन और समीक्षा कर रहा है. यह सब तब हो रहा है जब वाशिंगटन, रूसी तेल खरीदने के लिए ‘रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम’ (Russia and Iran Sanctions Act) के तहत भारत पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दे रहा है.

अमेरिका निकाल सकता है छूट का रास्ता

ईटी ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि रूसी डीजल खरीदने का ट्रंप का फैसला शायद ‘रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम’ का सीधे तौर पर उल्लंघन न करे, और हो सकता है कि वाशिंगटन अपने लिए कोई छूट का रास्ता निकाल ले.

रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ रूसी डीजल खरीदने का यह कदम विरोधाभासी लग सकता है. हालांकि, सूत्रों ने बताया कि ट्रंप प्रशासन रूसी डीजल आयात करने के अपने फैसले को लागू करने के लिए कोई छूट का प्रावधान कर सकता है.

भारत ने जमाई है नजर

सूत्रों ने आगे कहा कि भारत ट्रंप की घोषणा और मॉस्को से देश की ऊर्जा खरीद पर इसके असर का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर रहा है. हालांकि 30 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ट्रंप की फोन पर बातचीत को अच्छा बताया गया था, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने ‘रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम’ (SRIA) के तहत किसी भी छूट पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है.

पिछले कुछ महीनों में अमेरिका के साथ कई बातचीत के दौरान, नई दिल्ली ने अपने वार्ताकारों को समझाया था कि SRIA के तहत भारत पर प्रतिबंध लगाने से द्विपक्षीय संबंधों पर बुरा असर पड़ेगा. ये संबंध पहले से ही व्यापार समझौते को पूरा करने में देरी और अमेरिका-पाकिस्तान के बढ़ते संबंधों के कारण तनावपूर्ण हैं.

डीजल की कितनी सप्लाई

अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुए समझौते के तहत, रूस तुरंत 3,00,000 टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा, इसके बाद नवंबर में 5,00,000 टन, फिर उसके तुरंत बाद 1 मिलियन टन और रिफाइनरी की स्थितियों के आधार पर 3 मिलियन टन और डीजल की आपूर्ति करेगा.

इस कदम को मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिकी मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

होर्मुज पर ट्रंप का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर हमारे पूर्ण नियंत्रण और रूसी ऊर्जा पर इस शानदार घोषणा के बीच, अमेरिकियों और वास्तव में पूरी दुनिया के लिए डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर और तेजी से नीचे आएंगी. अमेरिकी लोगों, खासकर हमारे महान किसानों, पशुपालकों और ट्रक ड्राइवरों के लिए कीमतें कम करना मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यह एक बहुत बड़ी और अहम घोषणा है.’

होर्मुज जलडमरूमध्य से ईंधन की सप्लाई में रुकावट के कारण अमेरिका और यूरोप में डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं. रूस के तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों ने स्थिति को और भी मुश्किल बना दिया है. असल में ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति को रूस के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले रोकने की सलाह दी है.

यह भी पढ़ें: क्या नहीं खुलेगा होर्मुज? ईरान ने अपनी 7 शर्तों पर अमेरिकी जवाब को किया खारिज, बढ़ेगा और संकट