क्या घट जाएगा इंश्योरेंस का प्रीमियम? IRDAI के नए नियम से ग्राहकों का बोझ हो सकता है कम
इंडियन इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI ने एक नया प्रपोजल पेश किया है जिससे पॉलिसीहोल्डर्स के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम में काफी कमी आ सकती है. इस सुधार का मुख्य हिस्सा इंश्योरेंस ब्रोकर्स और एजेंट्स को दिए जाने वाले कमीशन की लिमिट तय करना है, साथ ही एक तय समय में इंश्योरेंस कंपनियों के मैनेजमेंट खर्च को कम करने के उपाय भी शामिल हैं.
नई गाइडलाइंस के तहत, लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए पहले साल के कमीशन को 30 फीसदी से 40 फीसदी के बीच लिमिट करने का प्रपोजल है, जिसमें पॉलिसी के ड्यूरेशन के लिए एक ओवरऑल लिमिट होगी. जनरल इंश्योरेंस के लिए, कमीशन पर 20 फीसदी की लिमिट का सुझाव दिया गया है. इसके अलावा, IRDAI ने इंश्योरेंस कंपनियों के लिए एक्सपेंस ऑफ मैनेजमेंट (EOM) रेगुलेशंस से जुड़े प्रोविज़न शुरू किए हैं, जिसका मकसद ऑपरेशनल कॉस्ट कम करना है. कंपनियों के लिए इन नए नॉर्म्स को अपनाने के लिए तीन साल का ग्लाइड पाथ प्रपोज किया गया है.
अगर इन बदलावों को लागू किया जाता है, तो उम्मीद है कि इंश्योरेंस पॉलिसी को और ज्यादा अफ़ोर्डेबल बनाकर पॉलिसीहोल्डर्स को सीधे फायदा होगा. हालांकि, यह प्रपोज़ल इंश्योरेंस एजेंट्स और ब्रोकर्स की रोजी-रोटी पर इसके संभावित असर के बारे में भी चिंता जताता है, अनुमान है कि कमाई कम होने से दस लाख तक नौकरियाँ प्रभावित हो सकती हैं. IRDAI ने आखिरी फैसला लेने से पहले 25 अक्टूबर तक सभी स्टेकहोल्डर्स से जवाब मांगा है.