ट्रेड डील हुई फेल…ट्रंप पर भडके कनाडाई PM, बोले- अमेरिका को देंगे ‘उसी की भाषा’ में जवाब

कनाडा और अमेरिका के बीच बातचीत चल रही थी लेकिन सहमति नहीं बन पाई जिस कारण डील टूट गई. डोनाल्ड ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ के जवाब में अब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी जैसे को तैसा का ऐलान किया है. दोनों देशों के बीच इस तनातनी से इन दोनों ही देशों के लोगों के लिए महंगाई बढ़ सकती है.

डोनाल्ड ट्रंप Image Credit: सांकेतिक तस्वीर

अमेरिका ने कनाडा के करीब 20 बिलियन डॉलर के सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है क्योंकि दोनों देशों के बीच आखिरी मिनट की बातचीत में कोई समझौता नहीं हो पाया है. ये टैरिफ शनिवार सुबह 12:01 बजे EDT (भारतीय समयानुसार सुबह 9:31) से लागू होंगे और कनाडा से अमेरिका को हर साल एक्सपोर्ट होने वाले करीब 5 फीसदी सामान पर लागू होंगे. जिन प्रोडक्ट्स पर असर पड़ेगा, उनमें हॉकी स्टिक से लेकर टंग डिप्रेसर तक शामिल है. लंबे समय से कनाडा और अमेरिका के बीच जो ट्रेड डील चल रही थी वो टूट गई.

एक ओर जहां ट्रंप ने कनाडाई सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला किया तो वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी कहा कि वह अमेरिका को उसी की भाषा में जवाब देंगे, इसका मतलब एक-एक डॉलर का हिसाब होगा. इससे दोनों ही देशों के व्यापार, इन देशों में काम करने वाले लोगों और उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि ये टैरिफ कुछ खास एरिया में असहमति के बाद लगाए गए हैं, जिनमें कनाडा सेक्शन 232 के तहत लगाए गए अमेरिकी टैरिफ से ज्यादा राहत चाहता था. अधिकारी ने कहा, ये बस कुछ ही एरिया थे जहां कनाडा सेक्शन 232 टैरिफ से ज्यादा राहत चाहता था, जितना अमेरिका देने को तैयार नहीं था. अधिकारी ने कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन का फोकस अमेरिकी नौकरियों की रक्षा, सप्लाई चेन को सुरक्षित करने और देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर था.

सख्त नियम होंगे लागू

तीन दिन तक चली बातचीत के बाद भी दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई जिसके बाद कनाडाई प्रधानमंत्री ने अपने वार्ताकारों को वापस ओटावा बुला लिया. अमेरिका की ओर से लगभग 28 अरब कनाडाई डॉलर (लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर) के सामान पर 50 फीसदी का टैरिफ लागू करने जा रहा है. जुलाई में विवाद शुरू हुआ था जब ट्रंप ने 1930 के टैरिफ एक्ट के तहत सेक्शन 338 का इस्तेमाल किया. इस धारा के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को दूसरे देशों के आयात पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की ताकत देता है जो अमेरिकी व्यापार के साथ भेदभाव करते हैं.

बदल चुकी है अमेरिका की व्यापार नीति

पिछले 1.5 साल में कनाडा ने इस बात की हर संभव कोशिश की है कि उसके व्यवसायों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अमेरिका में एंट्री मिलती रहे लेकिन अब प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि उन्हें समझ आ गया कि अमेरिका की व्यापार नीति बदल चुकी है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी अपने सबसे करीबी सहयोगियों पर भी भारी भरकम टैक्स लगा रहा और अपने बाजार के लिए बाकी देशों से कीमत वसूल रहा है.

अमेरिका का अलग दावा, बेहतरीन डील ठुकराने का आरोप

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर ने बताया कि उन्होंने कनाडा को एक ऑफर दिया था, जिससे अमेरिका में किसी भी अन्य निर्यातक देश की तुलना सबसे अच्छी स्थिति मिलती. अमेरिका ने इस बात का दावा किया है कि कनाडाई गाड़ियों पर टैरिफ को 25 फीसदी से कम कर 15 फीसदी करने और स्टील व एल्युमिनियम पर टैरिफ को 50 फीसदी से कम कर 25 फीसदी पर लाने की पेशकश की गई थी. लेकिन कनाडा की ओर से अमेरिकी डेयरी उत्पादों और शराब पर लगाई गई पाबंदी का मुद्दे पर पेंच फंसा गया.

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