युद्ध में क्या काम आता है ट्रेवल इंश्योरेंस? जानिए नियम और क्लेम की सच्चाई

युद्ध या जियोपॉलिटिकल तनाव की स्थिति में यात्रा करने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि उनका ट्रेवल इंश्योरेंस वास्तव में कितनी मदद कर सकता है. हाल ही में यूएई में करीब 20,000 भारतीयों के फंसने की खबरों के बीच यह मुद्दा फिर चर्चा में आया है. युद्ध या सैन्य संघर्ष के कारण कई बार एयरस्पेस बंद हो जाते हैं और फ्लाइट्स कैंसिल हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि ट्रेवल इंश्योरेंस इन स्थितियों में किस तरह काम करता है.

आमतौर पर ट्रेवल इंश्योरेंस पॉलिसी में फ्लाइट कैंसिलेशन, मेडिकल इमरजेंसी, बैगेज लॉस और ट्रिप डिले जैसे जोखिमों को कवर किया जाता है. हालांकि अधिकतर पॉलिसियों में युद्ध, सैन्य कार्रवाई या बड़े पैमाने पर जियोपॉलिटिकल संघर्ष को “एक्सक्लूजन” की श्रेणी में रखा जाता है. इसका मतलब यह है कि यदि यात्रा के दौरान नुकसान सीधे तौर पर युद्ध या युद्ध जैसी स्थिति के कारण हुआ है, तो कई मामलों में बीमा कंपनियां क्लेम स्वीकार नहीं करतीं. हालांकि कुछ पॉलिसियों में सीमित परिस्थितियों में ट्रिप डिले या फ्लाइट कैंसिलेशन का आंशिक कवर मिल सकता है.

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