Jio IPO में शेयर पाने का मौका कैसे बढ़ाएं? जानें कौन कर सकता है अप्लाई और क्या हैं नियम
Jio Platforms IPO में आवेदन करने से पहले निवेशकों को कैटेगरी, एलिजिबिलिटी और अलॉटमेंट के नियम समझने जरूरी हैं. रिटेल निवेशक 2 लाख रुपये तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि इससे ज्यादा रकम के लिए NII कैटेगरी है. RIL के पात्र शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए अलग कोटा रखा गया है.

Jio Platforms के IPO में पैसा लगाने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ बोली लगाना ही काफी नहीं है. निवेशकों को यह भी समझना होगा कि वे किस कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं, शेयरहोल्डर और कर्मचारी कोटा किसे मिलेगा, एक PAN से कितने आवेदन किए जा सकते हैं और शेयर नहीं मिलने पर पैसा कब वापस मिलेगा. IPO में आवेदन करने का तरीका और अलॉटमेंट के नियम समझकर निवेशक गलतियों से बच सकते हैं.
IPO में निवेशकों की कितनी कैटेगरी होती हैं?
IPO में निवेशकों को मुख्य रूप से तीन कैटेगरी में बांटा जाता है. पहली कैटेगरी रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RII) की है. इसमें मेनबोर्ड IPO में 2 लाख रुपये तक की बोली लगाने वाले निवेशक आते हैं. Jio Platforms द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, एक लॉट की कीमत 13,428 रुपये है और रिटेल कैटेगरी में अधिकतम 14 लॉट तक आवेदन किया जा सकता है.
दूसरी कैटेगरी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की है. इसमें 2 लाख रुपये से ज्यादा की बोली लगाने वाले निवेशक शामिल होते हैं. इस कैटेगरी में छोटे HNI यानी S-HNI के लिए कम से कम 15 लॉट या 180 शेयर की बोली लगानी होगी. इसके लिए 2,01,420 रुपये की जरूरत होगी. इस सेगमेंट में अधिकतम 74 लॉट यानी 888 शेयर के लिए 9,93,672 रुपये की बोली लगाई जा सकती है. बड़े HNI यानी B-HNI कैटेगरी की शुरुआत 75 लॉट या 900 शेयर से होती है, जिसके लिए 10,07,100 रुपये का निवेश जरूरी है.
तीसरी कैटेगरी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की है. इसमें म्यूचुअल फंड, बैंक और बीमा कंपनियों जैसे पात्र संस्थागत निवेशक आते हैं. Jio Platforms IPO में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र कर्मचारियों और मौजूदा शेयरधारकों के लिए भी अलग कोटा रखा गया है.
Jio IPO में आवेदन कैसे करें?
IPO में पब्लिक सब्सक्रिप्शन 19 अक्टूबर से शुरू होना है. निवेशक अपने ब्रोकर, बैंक या अथॉराइज्ड IPO प्लेटफॉर्म के जरिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए सही कैटेगरी चुननी होगी और PAN, डीमैट अकाउंट व बोली से जुड़ी जानकारी भरनी होगी. इसके बाद UPI या ASBA के जरिए पेमेंट मैंडेट को मंजूरी देनी होगी.
अगर कोई निवेशक कर्मचारी या शेयरहोल्डर कोटे के तहत आवेदन करना चाहता है, तो उसे उस कैटेगरी की पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी.
शेयरहोल्डर कोटे में कौन कर सकता है आवेदन?
Jio Platforms IPO में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 30,213 करोड़ रुपये के कुल इश्यू में से 2,500 करोड़ रुपये का कोटा रखा गया है. इस कैटेगरी में अधिकतम 2 लाख रुपये तक की बोली लगाई जा सकती है. न्यूनतम बोली की कोई सीमा नहीं बताई गई है.
इस कोटे का फायदा लेने के लिए निवेशक के पास पात्रता की तय तारीख के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर होने चाहिए. आवेदन करते समय शेयरहोल्डर कैटेगरी चुननी होगी और जरूरी PAN व डीमैट जानकारी देनी होगी.
क्या अब रिलायंस का शेयर खरीदकर शेयरहोल्डर कोटे का फायदा मिलेगा?
इसका जवाब है नहीं. शेयरहोल्डर कोटे के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 13 अक्टूबर तक खरीदने जरूरी थे. कंपनी ने पात्रता की कट-ऑफ तारीख 14 अक्टूबर तय की थी. इसकी वजह शेयर बाजार का T+1 सेटलमेंट सिस्टम है. इसके तहत 14 अक्टूबर को खरीदे गए शेयर कट-ऑफ तारीख के बाद डीमैट अकाउंट में आते, इसलिए ऐसे निवेशक शेयरहोल्डर कोटे के लिए पात्र नहीं होते.
कर्मचारी कोटे में कितने रुपये तक लगा सकते हैं?
रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी सब्सिडियरी कंपनियों के पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये का कोटा रखा गया है. इस कैटेगरी में अधिकतम 5 लाख रुपये तक की बोली लगाई जा सकती है.
कर्मचारियों को आवेदन करते समय संबंधित कैटेगरी चुननी होगी. जरूरत पड़ने पर कर्मचारी पहचान से जुड़ी जानकारी भी देनी पड़ सकती है. आवेदन IPO की तय शर्तों के अनुसार ही मान्य होगा.
IPO में जल्दी अप्लाई करें या आखिरी दिन?
IPO खुलते ही आवेदन करने या आखिरी दिन बोली लगाने से अपने आप अलॉटमेंट की संभावना नहीं बढ़ जाती. निवेशकों को आवेदन के लिए पर्याप्त समय रखना चाहिए, ताकि वे सभी जानकारियां सही भर सकें और पेमेंट मैंडेट को मंजूरी दे सकें.
आखिरी दिन आवेदन करने की सलाह इसलिए भी दी जाती है कि निवेशक सब्सक्रिप्शन के स्तर को देखकर फैसला कर सकें और पैसा जरूरत से ज्यादा समय तक ब्लॉक न रहे. हालांकि, निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, वैल्यूएशन और जोखिम को समझना भी जरूरी है.
क्या एक से ज्यादा डीमैट अकाउंट से आवेदन कर सकते हैं?
अगर अलग-अलग डीमैट अकाउंट में एक ही PAN नंबर है, तो एक ही IPO की समान कैटेगरी में कई आवेदन करने पर उन्हें डुप्लीकेट माना जा सकता है और आवेदन खारिज होने का जोखिम रहता है.
अलॉटमेंट की संभावना बढ़ाने के लिए परिवार के अलग-अलग पात्र सदस्य अपने-अपने PAN और पात्र अकाउंट से अलग आवेदन कर सकते हैं. हालांकि, हर आवेदन IPO के नियमों के मुताबिक होना चाहिए.
क्या एक ही IPO में अलग-अलग कैटेगरी से आवेदन कर सकते हैं?
Jio Platforms IPO में पात्र रिलायंस शेयरधारक शेयरहोल्डर कोटे से आवेदन करने के साथ किसी दूसरी पात्र कैटेगरी, जैसे रिटेल, में भी अलग आवेदन कर सकता है. दिए गए ऑफर डॉक्यूमेंट के मुताबिक, ऐसे आवेदन को डुप्लीकेट बोली नहीं माना जाएगा. हालांकि, निवेशक रिटेल और NII कैटेगरी में एक साथ आवेदन नहीं कर सकते. उन्हें बोली की रकम के हिसाब से इनमें से एक कैटेगरी चुननी होगी.
IPO में आवेदन करने पर पैसा कट जाता है?
नहीं, आवेदन करते ही पैसा तुरंत खाते से नहीं कटता. ASBA या UPI के जरिए आवेदन करने पर बोली की रकम बैंक खाते में ब्लॉक हो जाती है. अगर शेयर अलॉट होते हैं, तो जरूरी रकम खाते से काट ली जाती है. अगर शेयर नहीं मिलते, तो ब्लॉक की गई रकम जारी कर दी जाती है.
IPO के शेयर डीमैट अकाउंट में कब आते हैं?
अलॉटमेंट का आधार तय होने के बाद आमतौर पर लिस्टिंग की तारीख से पहले शेयर निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाते हैं. T+3 वर्किंग-डे लिस्टिंग व्यवस्था के तहत मेनबोर्ड IPO आम तौर पर सब्सक्रिप्शन बंद होने के तीन कामकाजी दिनों के भीतर लिस्ट होता है. हालांकि, शेयर क्रेडिट होने और लिस्टिंग की सटीक तारीख संबंधित IPO के शेड्यूल पर निर्भर करती है.
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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.