Google Pay या PhonePe से SIP का करते हैं पेमेंट, UPI के नए नियम से क्या आपकी जेब पर होगा असर?
UPI ऑटोपे या UPI मैंडेट के जरिए होने वाले म्यूचुअल फंड SIP पेमेंट पर प्रिस्क्राइब्ड MDR लागू नहीं होगा. वहीं, एलिजिबल वन-टाइम म्यूचुअल फंड पेमेंट पर 0.02 प्रतिशत MDR लागू होगी, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन है. 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ स्पेसिफाइड इंश्योरेंस पेमेंट्स पर फ्लैट 5 रुपये MDR लागू होगी.

अगर आप Google Pay या PhonePe के जरिए म्यूचुअल फंड SIP का पेमेंट करते हैं, तो 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए UPI Merchant Discount Rate (MDR) फ्रेमवर्क को लेकर आपके मन में भी सवाल हो सकता है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अब हर महीने होने वाला SIP पेमेंट महंगा हो जाएगा? दरअसल, नए नियम का मतलब यह नहीं है कि 2,000 रुपये से ज्यादा के हर UPI पेमेंट पर ग्राहक से चार्ज लिया जाएगा. UPI ऑटोपे या रिकरिंग मैंडेट के जरिए होने वाले SIP पेमेंट को प्रिस्क्राइब्ड MDR से अलग रखा गया है.
SIP ऑटोपे करने वालों को राहत
अगर आपका म्यूचुअल फंड SIP पहले से UPI ऑटोपे के जरिए सेट है और हर महीने तय तारीख पर रकम अपने आप कटती है, तो इस पेमेंट पर प्रिस्क्राइब्ड MDR लागू नहीं होगा. यानी केवल इस वजह से कि SIP की रकम 2,000 रुपये से ज्यादा है, आपका पेमेंट महंगा नहीं होगा.
उदाहरण के लिए, अगर आपका हर महीने 5,000 रुपये का म्यूचुअल फंड SIP UPI ऑटोपे के जरिए कटता है, तो इस पेमेंट पर नया MDR चार्ज नहीं लगेगा. इसी तरह, 10,000 रुपये का SIP भी अगर UPI मैंडेट के जरिए सेट है, तो प्रिस्क्राइब्ड MDR का असर नहीं होगा.
वन-टाइम म्यूचुअल फंड पेमेंट पर कितना MDR?
म्यूचुअल फंड और अन्य एलिजिबल कैपिटल मार्केट पेमेंट्स के लिए नए फ्रेमवर्क में अलग MDR रेट तय की गई है. वन-टाइम UPI पेमेंट पर 0.02 प्रतिशत MDR लागू होगी और इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन होगी. यानी वन-टाइम UPI पेमेंट और UPI ऑटोपे से होने वाले SIP पेमेंट को एक जैसा नहीं माना जाएगा. SIP अगर UPI मैंडेट के जरिए ऑटोमेटेड तरीके से कलेक्ट हो रहा है, तो वह प्रिस्क्राइब्ड MDR से बाहर रहेगा. वहीं, एलिजिबल वन-टाइम म्यूचुअल फंड पेमेंट कैपिटल मार्केट कैटेगरी में आ सकता है.
हर 2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर चार्ज नहीं
सामान्य एलिजिबल पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन में 2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगी. 75,000 रुपये या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी. वहीं, कैपिटल मार्केट ट्रांजैक्शंस के लिए 0.02 प्रतिशत की कन्सेशनल रेट है, जबकि कुछ स्पेसिफाइड एसेंशियल सेक्टर पेमेंट्स के लिए 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर फ्लैट 5 रुपये MDR तय की गई है.
15 अक्टूबर से लागू होगा फ्रेमवर्क
रिवाइज्ड MDR फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. म्यूचुअल फंड SIP करने वालों के लिए सबसे अहम बात यह है कि अगर SIP पहले से UPI ऑटोपे या UPI मैंडेट के जरिए सेट है, तो प्रिस्क्राइब्ड MDR का चार्ज उस रिकरिंग पेमेंट पर लागू नहीं होगा. वहीं, वन-टाइम म्यूचुअल फंड पेमेंट पर कैपिटल मार्केट कैटेगरी के तहत 0.02 प्रतिशत MDR लागू हो सकती है, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन है.
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