1.5 करोड़ Gig Workers को मिलेगी मिनिमम सैलरी, पेंशन की ताकत, सरकार का बड़ा फैसला!
भारत सरकार ने ऐप-आधारित प्लेटफॉर्म्स जैसे स्विगी, ज़ोमैटो, उबर और ओला को 21 जून तक अपने सभी गिग वर्कर्स का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है. इस महत्वपूर्ण कदम का उद्देश्य लाखों डिलीवरी पार्टनर्स और ड्राइवरों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है. नए सामाजिक सुरक्षा संहिता नियमों के तहत, पंजीकृत गिग वर्कर्स को स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा और पेंशन योजनाओं जैसे लाभ मिल सकते हैं.
ई-श्रम पंजीकरण के माध्यम से सरकार को गिग इकोनॉमी का सही डेटा मिलेगा, जिससे वर्कर्स को एक अद्वितीय पहचान आईडी मिलेगी और पोर्टेबिलिटी आसान होगी. कंपनियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने पोर्टल्स को ई-श्रम पोर्टल के साथ एकीकृत करें. सरकार का यह निर्णय गिग वर्कर्स की लंबे समय से चली आ रही सामाजिक सुरक्षा की कमी को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
इसका लक्ष्य देश की बढ़ती गिग इकोनॉमी को एक औपचारिक ढाँचा प्रदान करना और वर्कर्स के लिए न्यूनतम वेतन, काम के घंटे और अवकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करना है. अनुपालन न करने पर कंपनियों को दंड का सामना करना पड़ सकता है.