FD rates to fall: घटेगा FD पर ब्याज, अभी लगा दो पैसा, नहीं तो होगा नुकसान!
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हालिया फैसलों से देश की वित्तीय स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकते हैं. आरबीआई ने भारतीय बैंकों को विदेशों से सस्ते डॉलर जमा (FCNR-B) और बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECB) जुटाने का अवसर दिया है. इसका सीधा असर बैंकों की फंडिंग लागत पर पड़ने की उम्मीद है, जिससे सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CD) दरों में 75-100 बेसिस पॉइंट तक की गिरावट आ सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे एफडी ब्याज दरों में भी लगभग 1% तक की कमी हो सकती है. यह उन निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण समय है जो एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं. इसी बीच, त्वरित कॉमर्स कंपनी जेप्टो के प्रस्तावित आईपीओ ने खुदरा क्षेत्र में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है.
ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन (AICPDF) ने इस पर रोक लगाने की मांग की है, क्योंकि उनका मानना है कि यह छोटे किराना स्टोर और लाखों डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए खतरा पैदा करेगा. फेडरेशन का आरोप है कि घाटे में चल रही कंपनियां जनता के पैसे से डिस्काउंट वॉर को बढ़ावा देंगी, जिससे बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित होगी और रोजगार पर नकारात्मक असर पड़ेगा. इसके अतिरिक्त, मशहूर निवेशक सौरभ मुखर्जी ने भारत के वर्तमान आर्थिक दौर को अमृत काल या एआई काल के बजाय संकट काल बताया है.
उन्होंने एआई के कारण आईटी सेक्टर में नौकरियों के नुकसान और मैन्युफैक्चरिंग तथा एक्सपोर्टर्स पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है, जो भविष्य में भारत की आर्थिक ताकत बन सकते हैं. ये तीनों घटनाक्रम भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक परिवर्तनकारी चरण को दर्शाते हैं.
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