हर महीने EMI में जा रही है आधी सैलरी, अपनाएं ये 5 तरीके; कर्ज के जाल से निकलने में आएंगे काम
अगर आपकी सैलरी आते ही होम लोन, पर्सनल लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड की ईएमआई में चली जाती है और महीने के आखिर में पैसे नहीं बचते, तो कर्ज का बोझ कम करने की जरूरत है. सबसे पहले अपनी सभी EMI और ब्याज दरों की जानकारी जुटाएं.

अगर आपकी सैलरी आते ही होम लोन, पर्सनल लोन, कार लोन या क्रेडिट कार्ड की EMI में चली जाती है और महीने के आखिर में सेविंग के लिए पैसे नहीं बचते, तो यह चिंता की बात हो सकती है. कई बार एक छोटी EMI से शुरू हुआ कर्ज धीरे-धीरे इतना बढ़ जाता है कि हर महीने की कमाई का बड़ा हिस्सा सिर्फ पुराने कर्ज चुकाने में चला जाता है. इसका असर आपकी बचत, इमरजेंसी फंड और दूसरे जरूरी खर्चों पर पड़ सकता है. ऐसे में कर्ज को नजरअंदाज करने के बजाय उसकी पूरी तस्वीर समझना और सही तरीके से पेमेंट करना जरूरी है.
पता करें हर महीने कितना कर्ज चुका रहे
कर्ज से बाहर निकलने का पहला कदम है कि आप अपने सभी लोन और EMI की पूरी जानकारी एक जगह लिखें. इसमें होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड का बकाया शामिल करें. हर कर्ज की EMI, ब्याज दर और बची हुई अवधि भी नोट करें.
इसके बाद सभी EMI को जोड़कर देखें कि आपकी टेक होम सैलरी का कितना हिस्सा कर्ज चुकाने में जा रहा है. अगर EMI आपकी मंथली इनकम का बहुत बड़ा हिस्सा खा रही है, तो आपके पास जरूरी खर्चों और बचत के लिए कम पैसा बचेगा. इसी कैलकुलेश से आपको अपनी वास्तविक वित्तीय स्थिति समझने में मदद मिलेगी.
सबसे महंगे कर्ज को पहले चुकाएं
अगर आपके ऊपर कई तरह के कर्ज हैं, तो सभी को एक साथ खत्म करने की कोशिश करने के बजाय ज्यादा ब्याज वाले कर्ज को प्राथमिकता देना ज्यादा सही हो सकता है. आम तौर पर क्रेडिट कार्ड का बकाया लंबे समय तक रखने पर महंगा पड़ सकता है.
अगर आपके पास अतिरिक्त पैसा है, तो पहले ज्यादा ब्याज वाले कर्ज में आंशिक पेमेंट या प्रीपेमेंट पर विचार करें. हालांकि, किसी लोन को समय से पहले चुकाने से पहले यह जरूर जांच लें कि बैंक या वित्तीय संस्था कोई प्रीपेमेंट शुल्क तो नहीं ले रही है. इस तरह आपकी कुल ब्याज लागत कम हो सकती है और धीरे-धीरे हर महीने का कर्ज का बोझ भी घट सकता है.
कुछ समय के लिए नई EMI पर लगाएं ब्रेक
कर्ज कम करने की कोशिश तभी सफल होगी जब पुरानी EMI घटाने के साथ नई EMI जोड़ना भी बंद किया जाए. अगर आपकी मौजूदा इनकम का बड़ा हिस्सा पहले ही कर्ज चुकाने में जा रहा है, तो गैर जरूरी खरीदारी के लिए नया लोन या EMI लेने से बचें.
मोबाइल, टीवी, फर्नीचर या दूसरी महंगी चीजों की खरीदारी को कुछ समय के लिए टालना बेहतर हो सकता है. पहले मौजूदा कर्ज का बोझ कम करें और उसके बाद ही नई बड़ी खरीदारी की योजना बनाएं.
क्रेडिट कार्ड का पूरा बकाया चुकाएं
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सुविधाजनक है, लेकिन अगर हर महीने पूरा बकाया नहीं चुकाया जाता है तो ब्याज का बोझ तेजी से बढ़ सकता है. सिर्फ न्यूनतम राशि का पेमेंट करने से कर्ज लंबे समय तक बना रह सकता है.
इसलिए कोशिश करें कि हर महीने क्रेडिट कार्ड का पूरा बकाया चुकाया जाए. अगर पहले से बड़ा बकाया जमा है, तो उसे कम करने के लिए अलग पेमेंट योजना बनाएं. क्रेडिट कार्ड से नया खर्च करने से पहले यह भी देखें कि उसकी अदायगी आपकी मौजूदा इनकम से आसानी से हो पाएगी या नहीं.
- सभी EMI और कर्ज की पूरी सूची बनाएं.
- ज्यादा ब्याज वाले कर्ज को पहले चुकाने की योजना बनाएं.
- कुछ समय के लिए नई गैर जरूरी EMI लेने से बचें.
- क्रेडिट कार्ड का बकाया समय पर और संभव हो तो पूरा चुकाएं.
- EMI चुकाने में परेशानी दिखे तो बैंक से समय रहते बात करें.
बैंक से तुरंत बात करें
अगर आपको लगता है कि आने वाले महीनों में EMI चुकाना मुश्किल हो सकता है, तो पेमेंट छूटने का इंतजार न करें. बैंक या लोन देने वाली संस्था से पहले ही संपर्क करें और अपनी स्थिति बताएं.
कुछ मामलों में बैंक लोन की अवधि बढ़ाने जैसे विकल्पों पर चर्चा कर सकता है. हालांकि, अवधि बढ़ने से मासिक EMI कम हो सकती है लेकिन कुल ब्याज बढ़ सकता है. इसलिए किसी भी विकल्प को स्वीकार करने से पहले उसकी कुल लागत समझना जरूरी है.
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कर्ज को दोबारा बढ़ने से कैसे रोके
कर्ज कम करने के बाद सबसे जरूरी काम है कि दोबारा उसी स्थिति में न पहुंचें. इसके लिए हर महीने के बजट में EMI, जरूरी खर्च, बचत और निवेश के लिए अलग राशि तय करें. धीरे -धीरे इमरजेंसी फंड बनाना भी जरूरी है, ताकि अचानक होने वाले खर्च के लिए नया कर्ज न लेना पड़े.
अगर कई कर्ज हैं, तो कर्ज को एक कम लागत वाले लोन में मिलाने यानी डेट कंसॉलिडेशन का विकल्प भी देखा जा सकता है. लेकिन यह तभी फायदेमंद हो सकता है जब नए लोन की ब्याज दर, शुल्क और दूसरी लागत जोड़ने के बाद आपकी कुल उधारी वास्तव में कम हो.