सरकार की इस स्कीम में इंवेस्टर हुए मालाल, 1 लाख का इंवेस्टमेंट हुआ 2.92 लाख रुपये
SGB 2020-21 सीरीज VII ने निवेशकों को करीब 192% का रिटर्न दिया है. ₹5,001 की शुरुआती कीमत वाला बॉन्ड अब ₹14,614 प्रति यूनिट पर रिडीम होगा. ₹1 लाख का निवेश करीब ₹2.92 लाख हो गया है, ब्याज अलग है.

सोने में निवेश करने वाले लोगों के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) ने शानदार रिटर्न दिया है. SGB 2020-21 सीरीज VII में निवेश करने वालों को करीब 192 फीसदी का रिटर्न मिला है. इस सीरीज में ₹1 लाख का शुरुआती निवेश अब करीब ₹2.92 लाख हो गया है. इसमें मिलने वाला ब्याज अभी शामिल नहीं है.
5 साल बाद समय से पहले निकासी का मौका
SGB 2020-21 सीरीज VII को 20 अक्टूबर 2020 को जारी किया गया था. इस बॉन्ड की समय से पहले रिडेम्पशन यानी निकासी 19 अक्टूबर 2026 को होगी, क्योंकि 20 अक्टूबर को छुट्टी है. नियमों के मुताबिक SGB को जारी होने के पांच साल पूरे होने के बाद ब्याज भुगतान वाली तारीख पर समय से पहले भुनाया जा सकता है.
इस सीरीज के लिए समय से पहले रिडेम्पशन मूल्य ₹14,614 प्रति यूनिट तय किया गया है. वहीं, ऑनलाइन खरीद के लिए इसका शुरुआती इश्यू प्राइस ₹5,001 प्रति ग्राम था. इस तरह शुरुआती कीमत के मुकाबले निवेशकों को करीब 192.21 फीसदी का सीधा रिटर्न मिला है.
₹1 लाख लगाने पर कितना पैसा मिला?
मान लीजिए किसी निवेशक ने अक्टूबर 2020 में इस SGB में ₹1 लाख लगाए थे. ₹5,001 प्रति यूनिट के हिसाब से निवेश की गई रकम की तुलना मौजूदा ₹14,614 रिडेम्पशन कीमत से करने पर निवेश की वैल्यू करीब ₹2.92 लाख बैठती है.
यानी करीब छह साल में ₹1 लाख का निवेश बढ़कर लगभग ₹2.92 लाख हो गया. इसमें SGB पर मिलने वाला ब्याज शामिल नहीं है. इसलिए वास्तविक कुल कमाई इससे अधिक हो सकती है.
रिडेम्पशन कीमत कैसे तय होती है?
SGB की रिडेम्पशन कीमत सीधे किसी एक दिन के सोने के भाव से तय नहीं होती. इसके लिए 999 शुद्धता वाले सोने की पिछले तीन कारोबारी दिनों की औसत क्लोजिंग कीमत को आधार बनाया जाता है.
इस सीरीज के लिए 14, 15 और 16 अक्टूबर 2026 के सोने के औसत क्लोजिंग भाव के आधार पर ₹14,614 प्रति यूनिट की रिडेम्पशन कीमत तय हुई है.
SGB में ब्याज भी मिलता है
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में सिर्फ सोने की कीमत बढ़ने से फायदा नहीं होता, बल्कि निवेशकों को तय ब्याज भी मिलता है. SGB पर सामान्य तौर पर शुरुआती निवेश राशि पर सालाना 2.50 फीसदी की निश्चित ब्याज दर मिलती है. ब्याज का भुगतान हर छह महीने में किया जाता है.
इस मामले में करीब 192 फीसदी का रिटर्न केवल शुरुआती इश्यू प्राइस और रिडेम्पशन कीमत की तुलना से निकला है. ब्याज की रकम जोड़ने पर निवेशक की कुल कमाई और ज्यादा हो सकती है.
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