Binance Hack: क्रिप्टो एक्सचेंज Binance से ग्राहकों ने निकाले 3.64 अरब डॉलर, नॉर्थ कोरिया पर चोरी का आरोप

दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Binance पर हुए साइबर हमले के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है. ग्राहकों ने एक्सचेंज से 3.64 अरब डॉलर यानी करीब 30,000 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं. पिछले सप्ताह हुए इस हमले में 6.3 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी हुई थी. अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने इसके पीछे उत्तर कोरिया की हैकिंग यूनिट का हाथ बताया है. Binance ने चोरी की रकम का 95 फीसदी हिस्सा कवर करने का दावा किया है.

Binance ने 6.34 अरब डॉलर के फंड से चोरी हुई क्रिप्टोकरेंसी के नुकसान की भरपाई का दावा किया है. Image Credit: Jakub Porzycki/NurPhoto via Getty Images

दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Binance पर हुए बड़े साइबर हमले के बाद निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है. सुरक्षा सेंधमारी की घटना के बाद एक्सचेंज से ग्राहकों ने 3.64 अरब डॉलर यानी करीब 30000 करोड़ रुपये की निकासी की है. यह रकम Binance के कुल एसेट का करीब 2.1 फीसदी है. पिछले सप्ताह हुए इस साइबर हमले में करीब 6.3 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी होने की बात सामने आई थी. हालांकि, Binance ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि निकासी का दबाव अब कम हो रहा है और चोरी हुई क्रिप्टोकरेंसी के करीब 95 फीसदी हिस्से की भरपाई की जा चुकी है.

Binance से क्यों निकाले जा रहे हैं पैसे?

साइबर हमले के बाद Binance के ग्राहकों ने बड़ी संख्या में अपने पैसे निकालने शुरू कर दिए थे. एक्सचेंज के मुताबिक, शुरुआती तेजी के बाद निकासी स्थिर हो रही है, जबकि प्लेटफॉर्म पर नए डिपॉजिट का स्तर भी मजबूत बना हुआ है.

Binance के पास 28 अक्टूबर तक करीब 171 अरब डॉलर की कुल संपत्ति थी. कंपनी के दुनिया भर में 33.5 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स हैं. ऐसे में साइबर हमले के बाद ग्राहकों की निकासी को एक्सचेंज पर निवेशकों के भरोसे की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है.

6.3 अरब डॉलर की चोरी

Binance ने कहा है कि वह साइबर हमले से हुए वित्तीय नुकसान की पूरी जिम्मेदारी लेगा. कंपनी ने चोरी हुई क्रिप्टोकरेंसी की भरपाई के लिए करीब 6.34 अरब डॉलर का इंतजाम किया है. इसमें कंपनी के अपने फंड, Secure Asset Fund for Users (SAFU), Futures Insurance Fund और कॉरपोरेट ट्रेजरी का इस्तेमाल किया गया है.

कंपनी के मुताबिक, चोरी हुई क्रिप्टोकरेंसी का करीब 95 फीसदी हिस्सा दोबारा हासिल करने या उसकी जगह दूसरी क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के जरिए कवर किया जा चुका है. बाकी 5 फीसदी में कम लिक्विडिटी वाली क्रिप्टोकरेंसी शामिल हैं, जिन्हें बाजार से जरूरी मात्रा में जुटाने में ज्यादा समय लग सकता है.

Binance की को-CEO यी हे ने कहा है कि कंपनी SAFU फंड का 50 फीसदी इस्तेमाल करेगी और बाद में इस फंड को दोबारा करीब 1 अरब डॉलर तक पहुंचाएगी.

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नॉर्थ कोरिया पर साइबर हमले का आरोप

अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने इस साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया की सरकारी समर्थन प्राप्त हैकिंग यूनिट TraderTraitor का हाथ बताया है. FBI के मुताबिक, हमलावरों ने चोरी की गई क्रिप्टोकरेंसी को Ether में बदलना शुरू कर दिया था. एजेंसी ने आशंका जताई है कि चोरी की संपत्ति को आगे भी अलग-अलग तकनीकों के जरिए छिपाने की कोशिश की जा सकती है.

ब्लॉकचेन एनालिसिस कंपनियों TRM Labs और Chainalysis ने भी इस हमले में उत्तर कोरिया की भूमिका की आशंका जताई है. उनके मुताबिक, चोरी की बड़ी रकम करीब 20 मिनट के भीतर ट्रांसफर की गई थी. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले के पीछे उत्तर कोरिया ही है या नहीं.

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है.