कारोबार के आखिरी दिन भी बाजार में रही रौनक, सेंसेक्स 308 अंक चढ़ा, निफ्टी में भी तेजी; ऐसा रहा बाजार का हाल
शुक्रवार को शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुआ. सेंसेक्स 308.49 अंक चढ़कर 74,459.53 पर और निफ्टी 116.35 अंक बढ़कर 23,053.10 पर पहुंचा. हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट रही. निफ्टी IT में 2.32% की तेजी आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.85% की गिरावट दर्ज की गई. कमजोर ग्लोबल संकेत, महंगा कच्चा तेल और मुनाफावसूली बाजार के अहम कारक रहे.

Closing Bell: शेयर बाजार में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को तेजी देखने को मिली. सेंसेक्स 308.49 अंक यानी 0.42 फीसदी चढ़कर 74,459.53 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 50 में 116.35 अंक यानी 0.51% की बढ़त रही और यह 23,053.10 पर बंद हुआ. हालांकि, बाजार की इस तेजी के बीच मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव बना रहा. निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.85% और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.93% की गिरावट आई.
बाजार में तेजी के बावजूद ज्यादातर शेयरों में गिरावट रही. NSE के मुताबिक, आज कुल 3633 शेयरों में कारोबार हुआ. इनमें 1013 शेयरों में तेजी आई, जबकि 2511 शेयर गिरकर बंद हुए. वहीं, 109 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.
निफ्टी के टॉप गेनर्स
निफ्टी 50 के आंकड़ों में Trent सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में रहा. इसके अलावा IndiGo, Infosys, Apollo Hospitals और Power Grid के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई.
| शेयर | बंद भाव | बदलाव | तेजी |
|---|---|---|---|
| Trent | ₹3,017.30 | ₹155.60 | 5.44% |
| IndiGo | ₹4,877.60 | ₹202.60 | 4.33% |
| Infosys | ₹1,185.00 | ₹38.50 | 3.36% |
| Apollo Hospitals | ₹8,448.00 | ₹248.00 | 3.02% |
| Power Grid | ₹265.00 | ₹5.00 | 1.92% |
निफ्टी के टॉप लूजर्स
निफ्टी 50 के आंकड़ों में Shriram Finance सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहा. Nestle India, Mahindra & Mahindra, Jio Financial Services और Adani Ports के शेयर भी गिरावट के साथ बंद हुए.
| शेयर | बंद भाव | बदलाव | गिरावट |
|---|---|---|---|
| Shriram Finance | ₹823.15 | ₹17.95 | 2.13% |
| Nestle India | ₹1,167.00 | ₹21.60 | 1.82% |
| Mahindra & Mahindra | ₹2,840.30 | ₹49.70 | 1.72% |
| Jio Financial Services | ₹204.50 | ₹2.50 | 1.21% |
| Adani Ports | ₹1,850.00 | ₹22.00 | 1.18% |
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव
बड़े शेयरों में तेजी के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स कमजोर रहे. निफ्टी मिडकैप 100 में 540.40 अंक यानी 0.93% की गिरावट आई और यह 57,301.25 पर रहा. निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 347.75 अंक यानी 1.85% की गिरावट दर्ज की गई और यह 18,463.60 पर बंद हुआ.
दूसरे प्रमुख इंडेक्स में निफ्टी नेक्स्ट 50 में 0.61%, निफ्टी बैंक में 0.41%, निफ्टी मिड सिलेक्ट में 1.47% और निफ्टी ऑटो में 0.87% की गिरावट रही. वहीं, निफ्टी IT में 2.32% की तेजी आई. निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.03% और निफ्टी FPI 150 में 0.16% की बढ़त रही.
IT शेयरों में तेजी, ऑटो और FMCG में गिरावट
सेक्टोरल इंडेक्स में IT शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रहा. निफ्टी IT 740.50 अंक यानी 2.32% चढ़कर 32,606.90 पर बंद हुआ. इसके उलट, निफ्टी ऑटो 0.87% गिरकर 25,422.70 पर और निफ्टी FMCG 0.62% गिरकर 43,609.20 पर बंद हुआ. निफ्टी बैंक में 0.41% और निफ्टी मिड सिलेक्ट में 1.47% की गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में मामूली 0.03% की तेजी रही.
बाजार में गिरने वाले शेयरों की संख्या ज्यादा
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को कुल 3,633 शेयरों में कारोबार हुआ. इनमें 1,013 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,511 शेयरों में गिरावट रही. 109 शेयर पिछले बंद भाव के मुकाबले बिना बदलाव के बंद हुए.
बाजार में उतार-चढ़ाव की 5 बड़ी वजहें
1. कमजोर ग्लोबल संकेतों से बाजार पर दबाव
एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर निवेशकों के रुख पर पड़ा. दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 4% तक गिरा, जबकि शंघाई का SSE Composite इंडेक्स 1.5% नीचे आया. जापान का Nikkei 225 भी 2% से ज्यादा गिर गया. अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में भी 1% तक की गिरावट देखने को मिली.
अमेरिका में बड़ी टेक कंपनियों के नतीजों से जुड़ी चिंताओं के बीच निवेशकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे भारी खर्च का दोबारा आकलन किया. टेक कंपनियों के मुख्य कारोबार की रफ्तार को लेकर चिंता भी सामने आई. गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था. महंगाई से जुड़े नए आंकड़ों ने भी कीमतों में दबाव बने रहने की चिंता बढ़ाई.
2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी बाजार के लिए चिंता का कारण रही. ब्रेंट क्रूड करीब 2% चढ़कर 117 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया. अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य कार्रवाई की आशंका से तेल की सप्लाई पर असर पड़ने की चिंता बढ़ी.
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के लिए अहम हैं, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है.
3. ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली
पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 1% से ज्यादा चढ़े थे. मजबूत तिमाही नतीजों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले से बाजार को सहारा मिला था. शुक्रवार को शुरुआती तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली की. इससे सेंसेक्स और निफ्टी अपनी शुरुआती बढ़त के कुछ हिस्से गंवा बैठे.
4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार दो कारोबारी सत्रों तक खरीदारी करने के बाद गुरुवार को फिर बिकवाली की. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने उस दिन भारतीय शेयर बाजार में 944 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. विदेशी निवेशकों की खरीदारी और बिकवाली बाजार के रुख को प्रभावित करने वाले अहम कारकों में शामिल है.
5. कंपनियों के नतीजों से भी बढ़ी चिंता
कुछ कंपनियों के तिमाही नतीजों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई. कोल इंडिया का शेयर करीब 2.5% गिरा. कंपनी के तिमाही मुनाफे के आंकड़े बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहे और बढ़ती लागत का असर दिखा. वहीं, सितंबर तिमाही के मुनाफे में तेज गिरावट की खबर के बाद Paradeep Phosphates का शेयर 11% और Thyrocare Technologies का शेयर 6% गिर गया.
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