HFCL के शेयर पर ब्रोकरेज बुलिश, बढ़ाया टारगेट प्राइस, 53% रिटर्न के संकेत; 2026 में आई 290 फीसदी की तेजी

HFCL Share Price Target: नुवामा ने HFCL के वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के प्रदर्शन को उम्मीद से बेहतर बताया है. कंपनी ने इस दौरान रिकॉर्ड रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) दर्ज किया. HFCL के वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजों में कारोबार की मजबूत ग्रोथ दिखाई दी.

HFCL शेयर टारगेट प्राइस. Image Credit: canva

HFCL Share Price Target: टेलीकॉम प्रोडक्ट्स कारोबार में तेजी, रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और बेहतर रेवेन्यू गाइडेंस के दम पर HFCL लिमिटेड को लेकर ब्रोकरेज नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है. ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर का टारगेट प्राइस 380 रुपये से बढ़ाकर 410 रुपये कर दिया है. यह मौजूदा बाजार भाव के मुकाबले करीब 53 फीसदी की संभावित बढ़त को दिखाता है. नुवामा ने शेयर पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है. खास बात यह है कि यह मल्टीबैगर स्टॉक 2026 में पहले ही 290 की तेजी दर्ज कर चुका है.

HFCL के शेयर पर क्यों बढ़ा नुवामा का भरोसा?

नुवामा ने HFCL के वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के प्रदर्शन को उम्मीद से बेहतर बताया है. कंपनी ने इस दौरान रिकॉर्ड रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) दर्ज किया. इसमें टेलीकॉम प्रोडक्ट्स कारोबार का प्रमुख योगदान रहा. इसके अलावा, कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस भी 40 फीसदी से बढ़ाकर 80 फीसदी से अधिक कर दिया है.

10,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का लक्ष्य

कंपनी ने संकेत दिया है कि वित्त वर्ष 2029 तक 10,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य पहले के अनुमान से काफी जल्दी पूरा हो सकता है. बेहतर प्रदर्शन और पॉजिटिव कारोबारी संभावनाओं को देखते हुए नुवामा ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के लिए अपने EBITDA अनुमान में 9-9 फीसदी की बढ़ोतरी की है.

कितना है टारगेट प्राइस?

ब्रोकरेज ने Q3 FY28 के लिए 18 गुना EV/EBITDA के आधार पर 410 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है. इससे पहले यह लक्ष्य 380 रुपये था. नुवामा के मुताबिक, मौजूदा बाजार भाव पर HFCL का शेयर पूरी तरह डाइल्यूटेड आधार पर वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित EV/EBITDA के 13.9 गुना पर कारोबार कर रहा है.

दूसरी तिमाही में रेवेन्यू 144% बढ़ा

HFCL के वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजों में कारोबार की मजबूत ग्रोथ दिखाई दी. कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 144 फीसदी बढ़ा. वहीं, टेलीकॉम सेगमेंट का रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 333 फीसदी और पिछली तिमाही की तुलना में 46 फीसजी बढ़ा. इस प्रदर्शन में बिक्री की मात्रा बढ़ने और बेहतर कीमतों का योगदान रहा.

EBIT मार्जिन कितना?

कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 231% बढ़ा. EBITDA मार्जिन भी पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 710 बेसिस पॉइंट और पिछली तिमाही की तुलना में 660 बेसिस पॉइंट बढ़कर 24.8% हो गया. यह सुधार मुख्य रूप से टेलीकॉम प्रोडक्ट्स कारोबार की मजबूती से आया. हालांकि, टर्नकी कॉन्ट्रैक्ट्स सेगमेंट में कमजोरी ने कुल प्रदर्शन पर कुछ दबाव डाला.

कंपनी का EBIT मार्जिन, जिसमें अनएलोकेबल खर्च शामिल नहीं हैं, सालाना आधार पर 810 बेसिस पॉइंट बढ़कर 23.6% हो गया. टेलीकॉम प्रोडक्ट्स सेगमेंट के मार्जिन में 710 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ, जबकि डिफेंस कारोबार में 6.3% का मार्जिन दर्ज किया गया.

टर्नकी कारोबार में गिरावट बनी चुनौती

HFCL के सभी कारोबारों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा. टर्नकी बिजनेस के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 73% की गिरावट आई. इस सेगमेंट में कंपनी को ₹120 करोड़ का EBIT नुकसान हुआ, जबकि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में इसी कारोबार से ₹35.90 करोड़ का मुनाफा हुआ था.

इसके बावजूद, कंपनी के एडजस्टेड PAT में सालाना आधार पर 435% और पिछली तिमाही के मुकाबले 59% की बढ़ोतरी हुई. इससे कंपनी की कमाई में सुधार का संकेत मिलता है, हालांकि टर्नकी कारोबार का प्रदर्शन आगे भी निगरानी के दायरे में रहेगा.

28,900 करोड़ की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक

HFCL की ऑर्डर बुक बढ़कर रिकॉर्ड 28,900 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है. इसमें 57 फीसदी हिस्सा एक्सपोर्ट ऑर्डर का है. नुवामा के मुताबिक, इतनी बड़ी ऑर्डर बुक से कंपनी को भविष्य के कारोबार और रेवेन्यू को लेकर बेहतर विजिबिलिटी मिलती है. खास तौर पर हाइपरस्केलर्स की ओर से मिलने वाले ऑर्डर इस विजिबिलिटी को मजबूत करते हैं. इसके अलावा, टेलीकॉम ऑपरेटर्स की ओर से भी मांग बढ़ने की उम्मीद है.

कंपनी के लिए बढ़ती ऑर्डर बुक के साथ उन्हें समय पर पूरा करना भी महत्वपूर्ण होगा. बेहतर रेवेन्यू गाइडेंस और टेलीकॉम प्रोडक्ट्स में मजबूत प्रदर्शन के बीच ऑर्डर को बिक्री और मुनाफे में बदलने की क्षमता आगे अहम रहेगी.

वर्किंग कैपिटल में सुधार से मजबूत हुई बैलेंस शीट

वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में HFCL की बैलेंस शीट की स्थिति में भी सुधार हुआ है. कंपनी के नेट वर्किंग कैपिटल डेज मार्च 2026 के 203 दिनों से घटकर 155 दिन रह गए हैं.

इसी अवधि में इन्वेंट्री डेज 104 से घटकर 75 दिन और रिसीवेबल डेज 183 से घटकर 141 दिन पर आ गए. इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि कंपनी ने स्टॉक और ग्राहकों से भुगतान प्राप्त करने के मामले में अपनी वर्किंग कैपिटल की स्थिति बेहतर की है. मजबूत कैश फ्लो और वर्किंग कैपिटल में सुधार भी नुवामा के पॉजिटिव नजरिए की प्रमुख वजहों में शामिल हैं.

HFCL के शेयर में क्या हैं जोखिम?

मजबूत नतीजों और बढ़े हुए टारगेट प्राइस के बावजूद HFCL के सामने कुछ जोखिम बने हुए हैं. नुवामा के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर से जुड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर में कमी आने से कंपनी की मांग प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा, बाजार में सप्लाई और डिमांड के समीकरण में बदलाव, प्रीफॉर्म उत्पादन क्षमता को पूरी तरह हासिल करने में देरी और जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियां भी कारोबार पर असर डाल सकती हैं.

कुल मिलाकर, HFCL के लिए रिकॉर्ड ऑर्डर बुक, टेलीकॉम प्रोडक्ट्स कारोबार की मजबूत ग्रोथ, बेहतर रेवेन्यू गाइडेंस और वर्किंग कैपिटल में सुधार पॉजिटिव संकेत हैं. हालांकि, शेयर में पहले ही तेज उछाल आ चुका है, इसलिए निवेशकों के लिए कंपनी के आगामी नतीजों, ऑर्डर एग्जीक्यूशन और बताए गए जोखिमों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा. नुवामा का 410 रुपये का टारगेट ब्रोकरेज का अनुमान है, यह सुनिश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं है.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.