बाजार को रास नहीं आया IDBI Bank की हिस्सेदारी बेचने की खबर, 8% तक गिरा शेयर

IDBI Bank में सरकार और LIC की 60.72% हिस्सेदारी Fairfax को बेचने की मंजूरी मिल गई है. ₹81 प्रति शेयर के डील भाव के चलते शेयर में करीब 7% तक गिरावट आई. इस सौदे के लिए 81 रुपये प्रति शेयर का भाव तय किया गया है.

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IDBI Bank को लेकर बड़ा फैसला हुआ है. केंद्र सरकार ने बैंक में अपनी और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की कुल 60.72 फीसदी हिस्सेदारी Fairfax Financial Holdings की सहयोगी कंपनी को बेचने की मंजूरी दे दी है. यह सौदा करीब 52,878 करोड़ रुपये का है. इस फैसले के बाद IDBI Bank के प्रबंधन और स्वामित्व में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.

सरकार और LIC बेचेंगे इतनी हिस्सेदारी

इस सौदे के तहत केंद्र सरकार IDBI Bank में अपनी 30.48 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी. वहीं LIC की ओर से 30.24 फीसदी हिस्सेदारी बेची जाएगी. दोनों की कुल हिस्सेदारी 60.72 फीसदी है. सौदा पूरा होने के बाद बैंक में सरकार की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी और LIC की हिस्सेदारी करीब 19 फीसदी रह जाएगी. यानी दोनों के पास मिलाकर करीब 34 फीसदी हिस्सेदारी बनी रहेगी.

81 रुपये प्रति शेयर तय हुआ भाव

इस सौदे के लिए 81 रुपये प्रति शेयर का भाव तय किया गया है. यह कीमत उस समय IDBI Bank के शेयर बाजार भाव से कम थी. बुधवार को बैंक का शेयर करीब 90.44 रुपये पर बंद हुआ था. ऐसे में 81 रुपये का भाव बाजार कीमत से करीब 10 फीसदी कम बैठता है.

इसी वजह से गुरुवार को शेयर बाजार में IDBI Bank के शेयर पर दबाव देखने को मिला. शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 7 फीसदी तक गिर गया. हालांकि, इससे पहले डील की उम्मीद में बैंक के शेयर में तेज उछाल आया था. एक कारोबारी सत्र में शेयर करीब 9 फीसदी चढ़ गया था.

क्यों अहम है यह सौदा?

IDBI Bank में हिस्सेदारी बिक्री लंबे समय से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा है. सरकार ने बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाने और निजी रणनीतिक निवेशक लाने की योजना बनाई थी. अब Fairfax को रणनीतिक खरीदार के तौर पर मंजूरी मिलने से इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है.

यह सौदा पूरा होने के बाद बैंक को निजी पूंजी, नई तकनीक और बेहतर प्रबंधन का फायदा मिलने की उम्मीद है. इससे बैंक के कारोबार, लोन और जमा में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. साथ ही सरकार पर बैंक को अतिरिक्त पूंजी देने की जरूरत भी कम हो सकती है.

ग्राहकों और छोटे निवेशकों पर क्या असर?

हिस्सेदारी बदलने का मतलब यह नहीं है कि IDBI Bank के ग्राहकों के बैंक खाते या जमा राशि पर तत्काल कोई सीधा असर पड़ेगा. बैंक का सामान्य कामकाज जारी रहेगा. वहीं छोटे शेयरधारकों को इस सौदे से सीधे बिक्री की रकम नहीं मिलेगी, क्योंकि हिस्सेदारी सरकार और LIC की बेची जा रही है.

Fairfax को आगे नियामकीय मंजूरियां हासिल करनी होंगी. इसके अलावा अल्पांश शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर से जुड़ी प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी. इसलिए सौदे के पूरी तरह लागू होने में कुछ समय लग सकता है.