IDBI Bank की ₹81 प्रति शेयर पर क्यों हुई डील? समझें वैल्यूएशन का गणित

IDBI Bank की 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में बेचने की मंजूरी मिली है. सौदे में ₹81 प्रति शेयर का भाव तय हुआ, जो ₹75.99 के स्वतंत्र वैल्यूएशन बेंचमार्क से ज्यादा है. जानिए कीमत तय करने का पूरा गणित.

IDBI Bank

Highlights

  • IDBI Bank की 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में बेचने को मंजूरी
  • स्वतंत्र एजेंसियों ने बैंक का मूल्यांकन ₹75.99 प्रति शेयर तय किया
  • ₹81 की अंतिम बोली बेंचमार्क कीमत से करीब 6.6% ज्यादा रही

IDBI Bank की हिस्सेदारी बेचने के लिए ₹81 प्रति शेयर का भाव तय किया गया है. केंद्र सरकार ने कनाडा की कंपनी Fairfax Financial Holdings से जुड़ी इकाई को बैंक की 60.72% हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी दी है. इस सौदे की कुल कीमत करीब ₹52,878 करोड़ है. लेकिन सवाल यह है कि बैंक की बिक्री के लिए ₹81 का भाव ही क्यों चुना गया, जबकि पहले ₹94.42 प्रति शेयर का रिजर्व प्राइस तय किया गया था? इसके पीछे बैंक की बाजार कीमत, स्वतंत्र वैल्यूएशन और निवेशकों की बोलियों का पूरा गणित है.

₹52,878 करोड़ में बिकेगी 60.72% हिस्सेदारी

इस सौदे में केंद्र सरकार अपनी 30.48% और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेचेगी. इस तरह कुल 60.72% हिस्सेदारी नए खरीदार के पास जाएगी. सौदा पूरा होने के बाद केंद्र सरकार के पास बैंक की 15% और LIC के पास 19% हिस्सेदारी बनी रहेगी.

सरकार ने इस बिक्री के लिए प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया अपनाई. इसमें संभावित खरीदारों की पात्रता, तकनीकी जानकारी और वित्तीय प्रस्तावों की जांच की गई. अंतिम कीमत तय करने के लिए स्वतंत्र एजेंसियों से बैंक का मूल्यांकन भी कराया गया.

पहले ₹94.42 का रिजर्व प्राइस क्यों तय हुआ था?

IDBI Bank की हिस्सेदारी बेचने के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में शुरुआती बोलियां आमंत्रित की गई थीं. उस समय प्रति शेयर ₹94.42 का रिजर्व प्राइस तय किया गया था. हालांकि, शुरुआती बोलियां इस कीमत तक नहीं पहुंचीं और उन्हें मंजूरी नहीं मिली.

इस कीमत को तय करते समय बैंक के शेयर का बाजार भाव भी प्रभाव डाल रहा था. अक्टूबर 2022 में बिक्री प्रक्रिया के लिए शुरुआती जानकारी जारी होने से पहले शेयर का भाव ₹42.40 था. वहीं, जनवरी 2026 में शुरुआती बोलियां आमंत्रित करने से पहले यह बढ़कर ₹108.12 पर पहुंच गया था. बाद में जब शुरुआती बोलियां सफल नहीं हुईं, तो शेयर की बाजार कीमत में गिरावट आई. इससे बैंक की बिक्री के लिए दोबारा कीमत तय करने की जरूरत महसूस हुई.

स्वतंत्र एजेंसियों ने कैसे निकाली बैंक की कीमत?

इस बार बैंक की कीमत तय करने के लिए दो स्वतंत्र एजेंसियों ने अलग-अलग तरीकों से मूल्यांकन किया. इसमें बाजार में दूसरे सरकारी बैंकों के मूल्यांकन की तुलना और बैंक की संपत्तियों का आकलन शामिल था.

पहले तरीके में सरकारी बैंकों के वित्तीय आंकड़ों और बाजार में उनकी कीमत के आधार पर IDBI Bank का मूल्य निकाला गया. दूसरे तरीके में बैंक की जमीन, इमारतों और अन्य संपत्तियों के साथ उसकी देनदारियों को भी ध्यान में रखा गया. इन दोनों मूल्यांकनों के औसत के आधार पर IDBI Bank की उचित कीमत ₹75.99 प्रति शेयर निकली. यही कीमत अंतिम बोलियों की तुलना करने के लिए बेंचमार्क बनी.

₹81 की बोली को क्यों माना गया उचित?

अंतिम बोली में ₹81 प्रति शेयर का भाव सामने आया. यह स्वतंत्र एजेंसियों के तय किए गए ₹75.99 के बेंचमार्क से करीब 6.6% ज्यादा है. इसी आधार पर सरकार ने इस बोली को उचित माना और सौदे को मंजूरी दी.

हालांकि, ₹81 का भाव बुधवार के ₹90.40 के बंद भाव से करीब 10.4% कम था. इसलिए बाजार भाव और सौदे की कीमत के बीच अंतर को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है. लेकिन किसी कंपनी के शेयर का बाजार भाव और बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री के लिए तय कीमत हमेशा एक जैसी नहीं होती. बाजार में शेयर की कीमत कई बार भविष्य की उम्मीदों और कारोबार से जुड़ी खबरों के कारण भी बदलती है.

क्या अभी पूरा हो गया है सौदा?

कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद भी सौदे की प्रक्रिया के कुछ चरण बाकी हैं. खरीदार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नियामकीय शर्तों और जरूरी मंजूरियों को पूरा करना होगा. इसलिए इसे अंतिम रूप से पूरा हुआ सौदा मानना अभी सही नहीं होगा.

कुल मिलाकर, IDBI Bank के लिए ₹81 प्रति शेयर की कीमत बाजार भाव के बजाय स्वतंत्र मूल्यांकन और अंतिम बोली के आधार पर मंजूर की गई है. इस सौदे का वास्तविक असर बैंक के भविष्य, उसके कारोबार और नए मालिक की योजनाओं पर निर्भर करेगा.

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