Ola Electric पर NCLT में चलेगी दिवालिया प्रक्रिया? डूब जाएगा निवेशकों का पैसा?
ओला इलेक्ट्रिक की ऑपरेटिंग सब्सिडियरी, ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गई है. कंपनी के दो सप्लायर्स, स्टर्लिंग ई-मोबिलिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड और एनवॉल्व मेंडो ई-मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड, ने कथित ₹40.6 करोड़ के बकाया भुगतान को लेकर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) का दरवाजा खटखटाया है. सप्लायर्स ने इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) की धारा 9 के तहत कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है. सप्लायर्स का आरोप है कि ओला इलेक्ट्रिक ने उन्हें आपूर्ति किए गए ईवी कंपोनेंट्स का भुगतान 45 दिनों से अधिक समय तक नहीं किया है. स्टर्लिंग ई-मोबिलिटी सॉल्यूशंस का ₹29 करोड़ से अधिक और एनवॉल्व मेंडो ई-मोबिलिटी का लगभग ₹11 करोड़ बकाया होने का दावा है.
हालांकि, ओला इलेक्ट्रिक इन याचिकाओं का विरोध कर रही है. कंपनी ने एनसीएलटी में कैविएट दायर किया है और दावा किया है कि विवाद केवल भुगतान का नहीं, बल्कि आपूर्ति किए गए कंपोनेंट्स की गुणवत्ता से संबंधित मुद्दों का भी है. फिलहाल यह मामला एनसीएलटी में विचाराधीन है और कंपनी को दिवालिया घोषित नहीं किया गया है. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे न्यायिक प्रक्रिया और आने वाले आधिकारिक अपडेट्स पर नजर रखें.