Opening Bell: शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव, गिरावट के बाद हरे निशान में लौटा सेंसेक्स; निफ्टी 22450 के पार

Opening Bell: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले, लेकिन बाद में निवेशकों द्वारा वेस्ट एशिया में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर नजर रखने के कारण इनमें तेजी आई. वहीं, खुदरा महंगाई में उम्मीद से अधिक तेजी ने ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना को मजबूत कर दिया.

शेयर मार्केट Image Credit: Money9live AI

Opening Bell: ग्लोबल स्तर पर नेगेटिव संकेतों के कारण, 13 अक्टूबर को भारतीय इंडेक्स फ्लैट ओपन हुए. हालांकि, कुछ ही मिनट के भीतर सेंसेक्स ने अपनी चाल बदली और हरे निशान में आ गया. सेंसेक्स ने ओपनिंग बेल की गिरावट से उबरकर 250 अंकों की तेजी दर्ज की.

सेंसेक्स 200 अंक या 0.28 फीसदी चढ़कर 72,125 पर कारोबार करने लगा. 50 शेयरों वाला निफ्टी इंडेक्स 94 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 22,451 पर कारोबार करने लगा.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स की कंपनियों में HCL टेक, TCS, टेक महिंद्रा, HDFC बैंक और इंफोसिस में सबसे अधिक बढ़त देखी गई, जबकि पावर ग्रिड, NTPC, टाइटन और मारुति में गिरावट रही.

सेक्टोरल इंडेक्स

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी IT इंडेक्स में सबसे अधिक बढ़त हुई और यह 1.7 फीसदी चढ़ गया. बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज़, FMCG और रियल्टी शेयरों में भी खरीदारी देखी गई.

हालांकि, निफ्टी मीडिया, मिड-स्मॉल हेल्थकेयर, फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स दबाव में रहे, जबकि केमिकल शेयरों में मामूली गिरावट आई. मिला-जुला प्रदर्शन चुनिंदा खरीदारी का संकेत देता है, जिसमें टेक्नोलॉजी और फाइनेंशियल शेयरों ने बाजार के व्यापक सेंटीमेंट को सहारा दिया.

मजबूत हुआ रुपया

शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 62 पैसे बढ़कर 95.16 पर पहुंच गया.

एशियाई बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स काफी नीचे कारोबार कर रहा था. जापान का 225 इंडेक्स, शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स और हैंग सेंग इंडेक्स भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. सोमवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए.

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को 1,708.48 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.08 प्रतिशत गिरकर 105.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.

यह भी पढ़ें: ग्लोबल स्लोडाउन से उबर जाएगा भारत, IMF ने बढ़ाया ग्रोथ का अनुमान, 2026 में 7% रह सकती है विकास दर